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आने वाले समय में रोजमर्रा के काम करेंगे रोबोट
इंदौर. चमेली देवी इंस्टीट्युट में ई- यंत्रा वर्कशॉप का आयोजन किया गया.इस वर्कशॉप में प्रदेश के 50 से ज्यादा इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राचार्या ने भाग लिया.
उपरोक्त जानकारी देते हुए चमेली देवी इंस्टीट्युट के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. जॉय बैनर्जी ने बताया कि आईआईटी मुंबई से आए एक्सपर्ट डॉ कृष्णालाल ने बताया कि यह प्रोजेक्ट एमएचआरडी द्वारा अनुमोदित है. इस प्रोजेक्ट के तहत देशभर के इंजीनिरिंग कॉलेजों में रोबोटिक लेब लगाई जाना है.
उन्होंने कहा कि इस लैब के जरीए कॉलेज के स्टूडेंट्स रोबोटिक्स को करीब से जान पांएगे. और नए इनोवेशन भी कर सकेंगे. आने वाले समय में रोबोटिक्स काफी तेजी से बढ़ेगी. रोजमर्रा के छोट-मोटे कामों में भी रोबोट का उपयोग होने लगेगा. ऐसे में रोबोटिक्स स्टूडेंट्स के लिए बेहतर करियर का निर्माण कर सकता है.
डॉ जॉय बैनर्जी ने बताया कि इस वर्कशॉप में म.प्र. के विभिन्न इंजीनियर्स कॉलेज कि प्राचार्य एवं प्राध्यापकों ने भाग लिया. समारोह में संस्था के डीन डॉ. के एस जयराज भी उपस्थित थे.
शिक्षकों को भी नई तकनीक जानना आवश्यक
डॉ. कृष्णालाल ने बताया कि रोबोटिक्स पहले ऑटोमोबाइल तक ही सीमित था. अब यह घर के किचन तक पहुंचे हो गया. रोबोटिक्स में रोज नये परिवर्तन हो रहे हैं जिनसे शिक्षकों को भी परिचित कराना आवश्यक है. ताकि वे भी नई तकनीकों को जान सके और आगे स्टूडेंट्स को बता सके. इसी लिए इस वर्कशॉप का आयोजन किया गया है. इसके बाद दो इच्छुक होंगे उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग भी दी जाएगी. साथ ही कॉलेजों में लैब की स्थापना की जाएगी जहाँ स्टूडेंट्स व्यवहारिक ज्ञान ले सकें.
चित्र- चमेली.


