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वार्षिक प्रशासकीय शुल्क संविधान संशोधन के साथ पारित
एसोसिएशन की एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग
इंदौर. एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्यप्रदेश की एक्स्ट्रॉ आर्डिनरी जनरल मिटिंग आज उद्योग भवन पोलोग्राउंड सभागृह में सम्पन्न हुई. उक्त बैठक मुख्य रूप से दो एजेण्डा बिन्दूओं पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित की गई थी. इसमें एसोसिएशन की वित्तीय प्रबंधन एवं व्यवस्थाओ में सुधार के लिए 1000 रू प्रतिवर्ष प्रति सदस्य (आजीवन एवं साधारण सदस्य) वार्षिक प्रशासकीय शुल्क सभी एसोसिएशन के सभी सदस्यों से लिये जाने का प्रस्ताव पारित कर इसे संविधान में संशोधन कर जोडा जावें।
अध्यक्ष आलोक दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि एसोसिएशन की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के दृश्टि से यह नई व्यवस्था का प्रस्ताव कार्यकारिणी की गत माह सम्पन्न बैठक में चर्चा कर सर्वानुमति से लाया गया था तथा इसके लिए ही यह साधारण सभा आमंत्रित की गई है. उन्होंने सदस्यों को बताया कि इस व्यवस्था से एसोसिएषन को भविप्य में वित्तीय व्यवस्थाओं के लिए किसी पर निर्भर नही रहना पडेगा.
इस प्रकार हमारे सदस्यों के वार्षिक सहयोग से ही हम अपने आप को आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम होगे. 1000 रुपए का षुल्क प्रत्येक सदस्यों को देना अनिवार्य होगा. इस हेतु बनाया गया संविधान संशोधन प्रस्ताव उपाध्यक्ष सुनील व्यास ने सदन रखते हुए वाचन किया जिसे सदन की सर्व सम्मति से मान्य करते हुए आर्टिकल ऑफ एसोसिएरून के बिन्दू क्रमांक 1 सदस्यता वाले क्लाज में दो बिन्दू के साथ जोड़ा गया.
इस विषय पर सदन में सकारात्मक चर्चा की गई तथा सभी सदस्यों ने इसे पारित करने की सहमति प्रदान की. सचिव योगेश मेहता ने सदन को दोनों प्रस्ताव पारित करने के लिए सदन का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सदन को बताया कि वित्तीय स्थिति में सुधार होने से हम भविष्य में उद्योगों के लिए विभिन्न विशय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर सेमिनार, कार्यशालाएं जैसे आयोजित करने में सक्षम होगें इसे हमारी सदस्य संख्या में भी बढ़ोतरी होगी.


