- Madhuri Dixit Recalls Her Days in JB Nagar, Says Happiness Doesn’t Depend on Having Everything
- माधुरी दीक्षित ने जे.बी. नगर के दिनों को याद किया, कहा खुशी सब कुछ होने पर निर्भर नहीं करती
- Riteish Deshmukh Pens a Wholesome Note as Dhamaal 4 Trailer Gears Up for a Release
- आईएमए की डिजिटल मार्केटिंग वर्कशॉप में 40+ लोगों ने सीखा एआई से कमाई और कारोबार बढ़ाने का तरीका
- EBG Group और Universal Fitness Australia ने हैदराबाद में साझेदारी की घोषणा करते हुए भारत में ₹300 करोड़ का विस्तार योजना की घोषणा की
राव राजा राव नंदलाल मंडलोई का नाम इंदौर के इतिहास में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा
उत्साह के साथ हुआ 304 वां इन्दौर स्थापना दिवस महोत्सव का आगाजइन्दौर शहर के विकास और हरियाली के लिए राव राजा नंदलाल मंडलोई ने 9 लाख आम के पेड़ लगाने का संकल्प लिया थागणेश वंदना एवं दीप प्रज्जवलन के साथ हुई कार्यक्रम की शुरूआत, शहर की विभूतियों को का किया सम्मान, रावराजा रतन अलंकरण सम्मान से गिन्नी खनूजा को किया सम्मानित
इंदौर। इन्दौर के इतिहास में राव राजा राव नंदलाल मंडलोई का नाम शहर के इतिहास में सदैव स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों को आज इन्दौर शहर कभी नहीं भूला सकता। उनके जैसे नेतृत्व करने की क्षमता और दूर दृष्टि आज किसी शासक के पास नहीं है। इन्दौर की स्थापना करने में उनके द्वारा किए गए योगदान के लिए यह शहर और यहां की जनता सदैव राव राजा राव नंदलाल मंडलोई की ऋणी रहेगी।
उक्त विचार मुख्य अतिथि पं. सत्यनारायण सत्तन, लोकेश जाटव, डीआईजी रूचिवर्धन मिश्र, ठा. नरेंद्रसिंह बिड़वाल, कमलकिशोर पांडे सहित मुख्य अतिथियों ने संबोधित करते हुए व्यक्त किए। वे इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति द्वारा आयोजित 304 वां स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर बोल रहे थे। इन्दौर स्थापना दिवस समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, संस्कृति एवं खेल से जुड़े विभूतियों का सम्मान भी मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया एवं समारोह में इन्दौर के इतिहास से भी सभी को रूबरू कराया गया।
श्री इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति के राव श्रीकांत मण्डलोई जमींदार, माधवी मंडलोई एवं वरदराज मंडलोई ने बताया कि मुकेश चौहान ग्रुप ने स्वराजंलि की प्रस्तुति देकर सभी श्रोताओं और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं स्वराजंलि कार्यक्रम के पश्चात सभी मुख्य अतिथियों का सम्मान पुष्पमालाओं से समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा किया गया।
श्री इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति से जुड़े वरदराज मंडलोई ने अपने उद्बोधन में सभी को संबोधित करते हुए कहा कि राव राजा नंदलाल मंडलोई ने इन्दौर शहर की नींव रखते हुए सर्वप्रथम मुगल बादशाहों से यहां की जनता के लिए करमुक्त व्यापार करवाया था। उन्हीं के प्रयासों से शहर का व्यापार कर मुक्त हो सका था। उन्होंने अपने नाम से एक नए करमुक्त क्षेत्र नंदलालपुरा की नींव डाली, जिसे आज नंदलालपुरा के नाम से जाना जाता है।
इन्दौर शहर के विकास और हरियाली के लिए राव राजा राव नंदलाल मंडलोई ने 9 लाख आम के पेड़ लगाने का संकल्प लिया था। उन्हीं के ही शासन काल में चंपाबाग, कुंजवन, चांदनीवाला बाग, केक्ड़ीवाला बाग, गुलर बाग, प्रेम बाग, शंकर बाग, अनारबाग एवं नवलखा बाग का निर्माण कराया गया था और यह सभी बागों को आज भी शहर में इन्हीं नामों से जाना जाता हैं।
इन्दौर स्थापना दिवस महोत्सव के तहत शिक्षा, चिकित्सा, राजनीति, संस्कृति एवं खेल से जुड़ी विभूतियों सहित सीनियर सिटीजन का सम्मान भी मुख्य अतिथियों द्वारा शाल, श्रीफल और मेमोटों भेंट कर किया गया। कार्यक्रम में शहर की जनता के साथ-साथ कई गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम का संचालन सुषमा दुबे ने किया।
इन विभूतियों का हुआ सम्मान
श्री इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति के राव श्रीकांत मण्डलोई जमींदार एवं माधवी मंडलोई ने बताया कि 304 स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर श्री दिनेश वर्मा थाना प्रभारी आरक्षी केंद्र राऊ, श्रीमती अनिला पाराशर, सब इंस्पेक्टर राऊ, श्रीमती प्रियंका अलावा, सब इंस्पेक्टर आजाद नगर, जीवन कनेरिया, ज्ञानेंद्र पुरोहिता एवं श्रीमती मोनिका पुरोहित का सम्मान किया गया एवं रावराजा रतन अलंकरण सम्मान से श्रीमती गिन्नी खूनजा को दिया गया।
इन्दौर के इतिहास से रूबरू कराया – राव श्रीकांत मण्डलोई जमींदार ने सभी अतिथियों और शहरवासियों को इन्दौर के इतिहास से भी रूबरू कराया। उन्होंने इन्दौर की स्थापना करने वाले राव राजा राव नन्दलाल मंडलोई जमींदार द्वारा किए गए कार्यों को भी सभी को बताया।
कवि सम्मेलन में मध्यरात्री तक गुदगुदाया-
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में कवि सम्मेलन प्रेमी शामिल हुए थे। वहीं कवि सम्मेलन के सूत्रधार राष्ट्रकवि पं. सत्यनारायण सत्तन थे। जिन्होंने अपनी कविताओं से मध्यरात्री तक श्रोताओं को गुदगुदाया। इसी के साथ कवि सम्मेलन में डॉ. जगदीश सोलंकी, ओज-गीत (कोटा), श्री बलवन्त बल्लू हास्य (उदयपुर), समीक्षासिंह गीत (अलिगढ़), डॉ. कविता किरण गीत-गजल फालना (जोधपुर), तेजनारायण बैचेन हास्य व्यंग ( भिण्ड), हृदेश चतुर्वेदी- हास्य (आगरा) ने भी दर्शकों और श्रोताओं को अपनी कविताओं से कवि प्रेमियों की खूब तालियां बटोरी।


