- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
जवाहर मार्ग से चन्द्र भागा ब्रिज तक सरस्वती नदी किनारे व्यवस्थापन कार्रवाई शुरू
6 परिवारों को किया विस्थापित
इंदौर. जवाहर मार्ग ब्रिज से चन्द्र भागा ब्रिज तक (साउथ तोड़ा) सरस्वती नदी किनारे मास्टर प्लान में प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी एवम 400 मीटर लम्बाई की महत्वपूर्ण सडक़ का निर्माण मैं बाधक हितग्राहियों का व्यवस्थापन की कार्रवाई सोमवार से प्रारम्भ की गई.
आयुक्त एवं कार्यपालक निदेशक सुश्री प्रतिभा पाल ने बताया कि शहर के यातयात को सुगम बनाने हेतु नगर निगम स्मार्ट सिटी के माध्यम से जवाहर मार्ग ब्रिज से चन्द्र भागा ब्रिज तक (साउथ तोड़ा) सरस्वती नदी किनारे मास्टर प्लान में प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी एवं 400 मीटर लम्बाई की महत्वपूर्ण सडक़ का निर्माण किया जाना है.
उक्त सडक़ निर्माण में बाधक 282 परिवारो को नगर निगम द्वारा आवास योजनाओ में निर्मित सर्व सुविधायुक्त आवासीय इकाइयां 28 नवंबर को रविन्द्र नाट्य ग्रह में लॉटरी पद्धति से आवंटित की की गई है. हितग्राहियों के चयन की प्रकिया शासन मार्ग दर्शिका के अनुसार पूर्ण की जा चुकी है.
वर्तमान में साऊथ तोड़ा वस्ती के रहवासी अत्यंत खराब बातावरण में जीवनयापन करने को मजबूर है उन्हें सर्वसुविधायुक्त आवासीय इकाइयां आवंटित की जारही है जिन्हें हितग्राही अंशदान की राशि जमा होने पर हितग्राही के पक्ष में रजिस्ट्री की जाएगी.
सुश्री पाल द्वारा बताया कि उक्त सडक़ के निर्माण होने से राजवाड़ा क्षेत्र एवम जवाहर मार्ग का यातायात का भार काफी कम हो जायेगा. आयुक्त सुश्री पाल ने बताया कि हितग्राहियों को निगम द्वारा आवंटित किए गए मकानों में आज 6 परिवारों द्वारा विस्थापन की कार्यवाही प्रारम्भ की गई. 6 परिवार आज नए आवंटित मकानों में शिफ्ट हो गए. 15 परिवारों द्वारा मार्जिन मनी की राशि जमा करा दी गई है.
उल्लेखनीय है कि निगम द्वारा लाटरी से हितग्राहियों को आवंटित मकानों में 3 दिसंबर तक मार्जिन मनी राशि जमा कराकर विस्थापित होने हेतु समय दिया गया है. इसके उपरांत निगम प्रशासन द्वारा उन्हें हटाने की कार्रवाई की जावेगी.


