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लाइन लास बढ़ा तो खतरे की घंटी समझे बिजली इंजीनियर
मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक ने ली अधिकारियों की मिटिंग
इंदौर। राजस्व बढ़ाना और लाइन लास घटाना ऊर्जा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इंदौर और उज्जैन क्षेत्र में कुछ डिविजनों का लाइन लास बढ़ा हुआ है, ऐसे अधिकारी इस बढ़त को खतरे की घंटी माने एवं लाइन लास घटाने के लिए तत्काल जुट जाए।
मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अमित तोमर ने बुधवार को ये निर्देश दिए। श्री तोमर कंपनी क्षेत्र के अधिकारियों की मिटिंग में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चार लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने दो वर्ष से बिल राशि नहीं चुकाई है, इन पर कार्रवाई की जाए। हमें प्रतिमाह बिल भरने वालों की संख्या जल्दी ही 30 लाख करना है, इसके लिए हर सर्कल कम से कम दस फीसदी बढ़त का लक्ष्य पूर्ण करे।
प्रबंध निदेशक श्री तोमर ने कहा कि रबी सीजन प्रारंभ होने वाला है, इस दौरान किसानों को दस घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करे, यदि कही ट्रांसफार्मर बदलने की आवश्यता है, तो पात्रतानुसार तुरंत बदला जाए। उन्होंने कहा कि क्यूआर कोड से मीटर रीडिंग कार्य की सतत समीक्षा होगी, इसमें लापरवाही न बरते। उन्होंने बिजली चोरी रोकने की प्रभावी कार्रवाई करने पर पीथमपुर के कार्यपालन यंत्री श्री टीसी चतुर्वेदी और खरगोन के श्री श्रीकांत बारस्कर की प्रशंसा की। प्रबंध निदेशक ने कहा कि बगैर वैध कनेक्शन के कोई भी बिजली का उपयोग न कर पाए।
डीबीटी के लिए मदद करेंगे सीजीएम
प्रबंध निदेशक श्री तोमर ने मुख्य महाप्रबंधक श्री रिंकेश कुमार वैश्य को किसानों को सिंचाई कनेक्शन की मदद राशि के प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की तैयारी के लिए बिजली अधिकारियों को राजस्व विभाग से जानकारी प्रदान करने के लिए मदद करने के निर्देश दिए। इस दौरान श्री रिंकेश कुमार वैश्य, निदेशक श्री मनोज झंवर, कार्यपालक निदेशक श्री गजरा मेहता, मुख्य अभियंतागण सर्वश्री कैलाश शिवा, एसआर बमनके, एसएल करवाड़िया, आरएस खत्री, पुनीत दुबे इंदौर, बीएल चौहान उज्जैन, इंदौर शहर अधीक्षण यंत्री श्री मनोज शर्मा, ग्रामीण अधीक्षण यंत्री श्री डीएन शर्मा आदि ने भी विचार रखे।


