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किन्नरों को दिये जायेंगे सरकारी पहचान पत्र
इंदौर प्रदेश का ऐसा पहला जिला जहाँ स्व सहायता समूह से जोड़ा
इंदौर. नगर निगम इंदौर एवं विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किन्नर समुदाय को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ की जानकारी देने हेतु मंगलवार को पंढ़रीनाथ स्थित मराठी समाज के मंगल सदन सभागृह में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. चूँकि किन्नर भी समाज और देश का हिस्सा हैं, इसी बात को ध्यान में रखते हुए इन्हे भी सरकारी योजनाओं जैसे आधार कार्ड, पहचान पत्र, राशन पर्ची, आयुष्मान कार्ड से जोड़ा जाना जरुरी है.
संस्था परम पूज्य रक्षक आदिनाथ वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसाइटी की अध्यक्ष सुश्री रुपाली जैन पिछले दो वर्षो से किन्नर समुदाय के अधिकारों के हित हेतु कार्य कर रही हैं. वे किन्नारों को स्व सहायता समूह की योजना से जोड़ने का प्रयास कर रही थीं. अतः उनके निवेदन पर नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिभा पाल के निर्देश पर मंगलवार को पहली बार इंदौर जिले के लगभग 200 किन्नरों को स्व सहायता समूह से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कार्य किया गया. मौके पर ही 30-30 किन्नारों के तीन स्व सहायता समूह बनाये गए.
कार्यक्रम के साथ साथ ही एक शिविर भी लगाया गया जहाँ हाथो हाथ किन्नरों के आधार कार्ड एवं उनके उत्थान के लिए अन्य योजनाओं में जोड़ा गया. किन्नरों के गुरु से अनुरोध किया गया कि वे अपने डेरों के अन्य और किन्नरों जिनके आधार कार्ड अभी नहीं बने है उनके आधार कार्ड बनने के पश्चात् उन्हें भी स्व सहायता समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बन एक मिसाल पेश करे.
गत दिवस सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में इंदौर ऐसा प्रथम जिला बना है जहाँ किन्नरों को स्व सहायता समूह एवं अन्य योजनाओं से जोड़ा गया। किन्नर ख़ुशी, शेबू, पायल, त्रिवेणी को समूह कि अध्यक्ष एवं सचिव बनाया गया. सुश्री रुपाली जैन ने बताया कि इन योजनाओं का लाभ सिर्फ वास्तविक किन्नरों को ही दिया जाएगा.


