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2 महीने के श्रमदान से शासकीय स्कूल को दिया नया रूप
संस्था ज्वाला के सदस्यों ने सोमनाथ की जूनी चाल इंदौर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय को किया रेनोवेट
इंदौर. सामाजिक सरोकार और महिला व बच्चों के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम करने वाली ज्वाला संस्था ने हाल ही में सोमनाथ की जूनी चाल इंदौर के शासकीय प्राथमिक विद्यालय को रेनोवेट कराया है। जिसका ओपचारिक उद्घाटन गुरुवार को महिला बाल विकास जिला अधिकारी राम निवास भुदहोलिया ने किया । श्री भुदहोलिया ने कहा स्कूल सुंदर और साफ हों तभी बच्चों का मन लगता है। इस तरह के रेनोवेशन बच्चों में भी पढ़ाई और और स्कूल आने के पार्टी आकर्षण पैदा करते हैं।
संस्था की संस्थापक डॉ. दिव्या गुप्ता ने बताया रेनोवेशन से पहले इस स्कूल की हालत बेहद खराब थी वहां न तो बच्चों के लिए बैठने के लिए फर्नीचर था न ही स्कूल के अंदर सफाई नजर आ रही थी। संस्था के सदस्यों को जब इस बात की खबर लगी तो उन्होंने स्कूल का दौरा किया और वहां की हालत देखने के बाद सभी ने मिलकर उसे रेनोवेट कराने का निर्णय लिया। स्कूल के रेनोवेशन में लगभग 2 महीने का समय लगा। जब हम भगवान के स्थान मंदिर को साफ और सुंदर रखते हैं तो स्कूल भी सरस्वती मां का मंदिर है उसे भी साफ और सुंदर रखना जरूरी है।

3 आंगनवाड़ी और 1 स्कूल ले चुके हैं गोद
इस दौरान ग्रुप के मेंबर वहां जाकर अपना श्रम दान भी देते थे। स्कूल की बाउंड्री वॉल और अन्य जगह पेंटिंग बनाने का कार्य ग्रुप के सदस्यों ने मिलकर किया। इसके साथ ही स्कूल में लाइट्स और टाइल्स भी लगवाया गया। इस पूरे रेनोवेशन में लगभग 1 लाख रुपए भी खर्च हुए, जिसे ग्रुप के सदस्यों स्वेच्छा से डोनेट किया। रिनोवेशन के बाद स्कूल का दृश्य पूरी तरह से बदल गया है, स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि अब स्कूल आते हैं तो ऐसा लगता है कि हम किसी नए स्कूल में आ गए है।
डॉ. दिव्या गुप्ता ने बताया कि संस्था के सदस्य अभी तक 3 आंगनवाड़ी और 1 स्कूल गोद ले चुके हैं। इस काम में अमिता पारेख, पल्लवी गुप्ता, अनुपा जैन, मुक्ता बत्रा,आभा राठी और पल्लवी गुप्ता ने विशेष सहयोग प्रदान किया है। स्कूल की दयनीय हालत देखने के बाद हमें लगा कि यहां पढ़ने वाले बच्चों के लिए हमें कुछ करना चाहिए। इसी के बाद हम सभी ने मिलकर यह बीड़ा उठाया। स्कूल का रिनोवेशन होने के बाद यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के चेहरे जो खुशी नजर आ रही थी, वह हम सभी के लिए बेहद सकून देने वाली थी।


