- IIM Indore Conducts Bharat KALP Leadership Programme, Bringing Together Senior Civil Servants to Strengthen Governance and Public Leadership
- आईआईएमइंदौर ने आयोजित किया भारत KALP नेतृत्व कार्यक्रम; सुशासन और सार्वजनिक नेतृत्व को सशक्त बनाने के लिए देशभर के वरिष्ठ सिविल सेवक हुए शामिल
- Bunty Singh Wins Two Elite Titles, Shines at Mrs. Asia Pacific World & India International Cosmo 2026
- दो प्रतिष्ठित मंचों पर छाईं बंटी सिंह, मिसेज एशिया पैसिफिक वर्ल्ड एवं इंडिया इंटरनेशनल कॉस्मो 2026 की एलीट विनर बनीं
- इंदौर में बिलियनेयर्स नेटवर्क के ‘बीएन प्रथम’ चैप्टर का लॉन्च, उद्यमियों को मिलेगा नेटवर्किंग का मंच
लड्डू गोपाल घर में हैं तो 5 नियम ध्यान रखें
डॉ श्रद्धा सोनी, वैदिक ज्योतिष आचार्य, रत्न विशेषज्ञ, वास्तु एक्सपर्ट
हिन्दू धर्म के अनुसार कई घरों में लड्डू गोपाल विराजित होते हैं और प्रतिदिन बाल गोपाल की पूजा भी होती है। लेकिन क्या जानते हैं कि उनकी पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर आप नहीं जानते तो यह 5 नियम आपको अवश्य पता होना चाहिए।
जिस घर में लड्डू गोपाल हैं, उन्हें सुबह जल्दी उठने के बाद दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करके घर के मंदिर की साफ-सफाई अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा लड्डू गोपाल को दिन के अनुसार अलग-अलग रंग वाले परिधान पहनाएं, जैसे सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरा, गुरुवार को पीला, शुक्रवार को नारंगी, शनिवार को नीला और रविवार को लाल पोशाक… आदि।
आइए जानते हैं यहां कुछ काम की बातें या 5 खास नियम…
लड्डू गोपाल की पूजा के 5 खास नियम…
प्रतिदिन लड्डू गोपाल की पूजा में प्रयोग की जाने वाली सभी सामग्रियों को शुद्ध अवश्य ही करें।
लड्डू गोपाल को गंगाजल और साफ जल से प्रतिदिन स्नान करवाने के पश्चात उनके वस्त्रों को रोजाना बदलें।
उनको चंदन का टीका लगाएं तथा श्रृंगार करते समय कानों की बाली, कलाई में कड़ा, हाथों में बांसुरी और मोरपंख जरूर शामिल करें।
लड्डू गोपाल को तुलसी के पत्ते युक्त मक्खन-मिश्री का भोग बहुत पसंद होता है। अत: भोग में रोजाना इसे शामिल जरूर करें। इसके अलावा दूसरी अन्य मिठाइयां, पंजीरी तथा ऋतु फलों को भी चढ़ाएं।
घर में लड्डू गोपाल हैं तो वहां के घर वालों को मांस, मदिरा, निंदनीय आचरण तथा अनैतिकता से बचना चाहिए तथा उन्हें भोग लगाने के पश्चात ही खुद भोजन करें। रोजाना सुबह-शाम उनकी आरती करें तथा उन्हें सुलाने के बाद ही खुद सोएं।


