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व्हाट्सएप और डीईएफ फर्जी समाचारों की रोकथाम के लिए कम्युनिटी लीडर्स को प्रशिक्षित करेंगे
गलत सूचना की चुनौती को दूर करने के प्रयास में, व्हाट्सएप ने नई दिल्ली स्थित डिजिटल एम्पाॅवरमेन्ट फाउंडेशन (डीईएफ) के साथ भागीदारी की हैै, ताकि व्हाट्सएप के यूजर्स के बीच सूचना के सत्यापन पर जागरूकता उत्पन्न की जा सके।
आगामी विधानसभा और आम चुनावों के मद्देनज़र, डीईएफ ने देश के उन 10 राज्यों में कम्युनिटी लीडर्स के लिये 40 प्रशिक्षण सत्रों के आयोजन का वचन दिया है, जहाँ हिंसा के चिंताजनक मामले सामने आये हैं और जहाँ इस वर्ष के अंत से पूर्व विधानसभा चुनाव होने हैं।
डीईएफ सरकारी अधिकारियों, प्रशासनिक प्रतिनिधियों, सिविल सोसायटी संगठनों और विद्यार्थियों को शिक्षित करने में मदद करेगा, ताकि वह इस चुनौती के सम्बंध में जागरूकता फैला सकें। इस प्रशिक्षण से व्हाट्सएप के यूजर्स अन्य समुदायों के प्रति संवेदनशील होंगे और राय और तथ्य के बीच अंतर समझ सकेंगे और उनमें किसी सूचना को अपने मित्रों या परिवार को फाॅरवर्ड करने से पहले उसके सत्यापन की आदत पड़ेगी। इसके अतिरिक्त, डीईएफ सात राज्यों के करीब 30,000 जमीनी स्तर के सामुदायिक सदस्यों के अपने नेटवर्क के हिस्से के तौर पर, इस नये प्रशिक्षण को प्रदान करेगा।
डीईएफ के संस्थापक-निदेशक ओसामा मंज़र ने कहा, ‘‘हम ग्रामीण और हाशिये पर खड़े लोगों को आॅनलाइन लाने के लिये प्रतिबद्ध हैं। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें पता हो कि खुद को इंटरनेट पर सिक्युरिटी थ्रेट्स एवं फर्जी समाचारों से कैसे सुरक्षित रखा जाता है। व्हाट्सएप और डीईएफ में हमें उम्मीद है कि यह प्रशिक्षण वर्कशॉप व्हाट्एप यूजर्स की एक समानुभति वाली सजग कम्युनिटी बनाने में मदद करेंगी जो प्रत्येक संदेश पर प्रतिक्रिया से इतर उत्तर देना सीखेंगे।’’
व्हाट्सएप के पब्लिक पाॅलिसी मैनेजर बेन सपल ने कहा, ‘‘डिजिटल एम्पाॅवरमेन्ट फाउंडेशन (डीईएफ) भारत में डिजिटल साक्षरता के विस्तार में अग्रणी रहा है और हम गलत सूचना की चुनौती से निपटने के लिये उनके साथ काम करके प्रसन्न हैं। हम लोगों को गलत समाचारों से बचाना चाहते हैं और उन्हें फैलने से रोकने के लिये यूजर्स को सशक्त करना चाहते हैं। व्हाट्सएप द्वारा इस दिशा में उठाये गये कदमों के अलावा, हम मानते हैं कि शिक्षा द्वारा लोगों को प्रभावित करने से डिजिटल इंडिया का सपना साकार होगा।’’
सस्ते स्मार्टफोन्स और किफायती इंटरनेट प्लांस के कारण, व्हाट्सएप भारत का सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म बन गया है, जिसके करीब 200 मिलियन मासिक सक्रिय यूजर्स हैं। व्हाट्सएप ने गलत सूचना की समस्या को दूर करने के लिये कई तकनीकी कदम उठाये हैं (जैसे कि ‘फाॅरवर्डेड टैग और एक बार में पाँच चैट्स पर फाॅरवर्ड करने की सीमा), लेकिन कंपनी इस समस्या का सामाजिक निदान भी चाहती है।


