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एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट ने छठे पशु विकास दिवस पर 1 लाख से अधिक मवेशियों का इलाज किया गया,
डेयरी फार्मिंग में महिलाओं की भूमिका को सम्मानित किया गया
14 राज्यों में 460 से अधिक स्थानों पर पशु शिविर आयोजित किए गए और एक ही दिन में 1 लाख से अधिक मवेशियों का इलाज किया गया।
कंपनी को पशु विकास दिवस के छठे संस्करण के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन के प्रोविजनल सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है।
एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट के 4,000 से अधिक कर्मचारी देश भर में वार्षिक पशु विकास दिवस कार्यक्रम के लिए अपनी स्वेच्छा से शामिल हुए।
4-10 फरवरी तक कुल 315 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिससे 30,000 से अधिक लोग लाभान्वित हुए।
सिलीगुड़ी, फरवरी, 2024: भारत की अग्रणी एनबीएफसी में से एक एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड (पूर्व में ‘फुलर्टन इंडिया क्रेडिट कंपनी लिमिटेड’) ने अपना छठा पशु विकास दिवस (पीवीडी) आयोजित किया। यह देश में सबसे बड़ा एक दिवसीय पशु देखभाल शिविर के रूप में जाना जाता है। इस दौरान एक लाख से अधिक मवेशियों को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 14 राज्यों में 460 से अधिक स्थानों पर एक साथ शिविर आयोजित किए गए।
भारत में, 8 करोड़ से अधिक परिवार सीधे तौर पर डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और इनमें इनमें महिलाएं 70% कार्यबल का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन महिलाओं की भूमिका के सम्मान के लिए, छठा पशु विकास दिवस ‘डेयरी फार्मिंग में महिलाएं’ के रूप में मनाया गया। यह पहल ESG ढांचे के ‘सामाजिक’ पहलू को दर्शाती है, जो सामाजिक उत्थान को आगे बढ़ाने में लैंगिक विविधता और समावेशन के महत्व पर जोर देती है।
मवेशियों की देखभाल के अलावा, एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट ने 4 फरवरी से 10 फरवरी 2024 तक देश भर में लोगों के लिए 300 से अधिक स्वास्थ्य देखभाल शिविरों का भी आयोजन किया, जिससे 30,000 से अधिक लोगों को लाभ हुआ। छठे पशु विकास दिवस ने कुल मिलाकर 1,25,000 से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया।
कंपनी का विविध कार्यबल 600 कस्बों और 65,000 से अधिक गांवों में अखिल भारतीय ग्राहक आधार को पूरा करते हैं। कार्यबल का फोकस ऋण के माध्यम से सपनों को वित्तपोषित करके और ग्रामीण भारत को उन स्थानीय समुदायों में बेहतर आजीविका के लिए कौशल प्रदान करके एक समग्र समावेशी इको सिस्टम सुनिश्चित करने पर है, जहां वे काम करते हैं।
पशु विकास दिवस में देश भर के 4,000 से अधिक कर्मचारियों ने सक्रिय तौर पर भागीदारी निभाई। इसके लिए कर्मचारी स्वेच्छा से आगे आए।
कंपनी की सामाजिक पहल के बारे में बोलते हुए एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर और मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु मित्रा ने कहा, ‘हमारे ग्रामीण ग्राहक आधार में 90% से अधिक महिलाएं हैं। हमारे बहुत से ग्राहक पशु खरीदने के लिए ऋण लेते हैं, जो उनके लिए आय का एक बड़ा स्रोत है। हमारे सामुदायिक विकास कार्यक्रम परिवर्तन को संभव बनाने के लिए प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं और ग्रामीण आजीविका के उत्थान, जीवन की समग्र गुणवत्ता को बढ़ाने और आय स्रोतों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पशुधन कल्याण के अलावा, हम कौशल विकास और वित्तीय साक्षरता को भी सक्रिय रूप से बढ़ावा देते हैं, जिन समुदायों की हम सेवा करते हैं उनके समग्र कल्याण में योगदान करते हैं। एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट में, हम नवीन और टिकाऊ सामाजिक-आर्थिक पहलों के माध्यम से वंचित समुदायों में समावेशी विकास को बढ़ावा देकर अपने ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ता स्थापित करने के लिए समर्पित हैं।’
पशु विकास दिवस पर टिप्पणी करते हुए, एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्री स्वामीनाथन सुब्रमण्यम ने कहा, “एसएमएफजी इंडिया क्रेडिट में, हम ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत सामाजिक पहलों को बढ़ावा देने के लिए अपने मिशन पर मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। एक अग्रणी क्रेडिट प्रदाता के रूप में, हम अपनी सामुदायिक गतिविधियों में सम्मिलित समावेशी कार्यक्रमों और एक साथ काम करने वाले विविध कार्यबल के माध्यम से ईएसजी के ‘सामाजिक’ पहलू को बधावा देते हैं| इसे ध्यान में रखते हुए, पशुविकास दिवस विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों और उनके मालिकों की अनूठी स्वास्थ्य देखभाल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह आयोजन पशु-मालिकों की आकांक्षाओं को शामता प्रदान करता है और पशुधन उत्पादकता को बढ़ाने और इसके साथ ही घरेलू आय को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करता है। हमारा ध्यान वंचितों को निरंतर समर्थन देने पर केन्द्रित है, और हम ना केवल हमारे ग्राहकों की, बल्कि बड़े पैमाने पर समुदाय के सशक्तिकरण और उत्थान की सुविधा प्रदान करने पर फोकस कर रहे हैं।’
पशु विकास दिवस डेयरी फार्मिंग क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और सतत प्रयासो को बढ़ावा देने के लिए कंपनी के अटूट समर्पण का उदाहरण है। इस वर्ष, कंपनी ने देश भर में आयोजित सबसे बड़े एक दिवसीय पशु देखभाल शिविरों के लिए वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन सर्टिफिकेट भी हासिल किया। पिछले कुछ संस्करणों में, पीवीडी को भारत भर में आयोजित सबसे बड़े एकल दिवसीय मवेशी देखभाल शिविर के लिए 2015 लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया था। 2018 में बेस्ट ऑफ इंडिया रिकॉर्ड्स द्वारा विश्व के सबसे बड़े एकल दिवसीय मवेशी देखभाल शिविर के रूप में, 2019 और 2023 में वर्ल्ड बुक्स ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सबसे बड़े मवेशी देखभाल शिविर के रूप में शामिल किया गया था।


