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समय रहते सतर्क रहें, प्रोस्टेट कैंसर को हड्डियों में फैलने से रोका जा सकता है – डॉ. ए.के. द्विवेदी
इंदौर। प्रोस्टेट कैंसर यदि प्रारंभिक अवस्था में पहचान लिया जाए, तो इसे गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है — यहां तक कि इसके हड्डियों में फैलने की संभावना को भी रोका जा सकता है। यह कहना है इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ, एडवांस्ड होम्यो हेल्थ सेंटर एवं होम्योपैथिक मेडिकल रिसर्च प्रा. लि. के संचालक और केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (आयुष मंत्रालय) के वैज्ञानिक सलाहकार मंडल के सदस्य डॉ. ए.के. द्विवेदी का।

डॉ. द्विवेदी ने हाल ही में समाचार माध्यमों में प्रकाशित उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें यह जानकारी सामने आई थी कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित हैं और अब यह रोग उनकी हड्डियों तक फैल चुका है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. द्विवेदी ने कहा, “यदि उन्हें सही समय पर होम्योपैथिक चिकित्सा से उपचार मिला होता, तो इस स्थिति को टाला जा सकता था। यदि मुझे अवसर मिले, तो मैं उनकी पीड़ा को कम करने में सहायता कर सकता हूँ।”
डॉ. द्विवेदी का कहना है कि वे विगत 27 वर्षों से पेशाब से जुड़ी विभिन्न समस्याओं जैसे पेशाब में जलन, रुकावट, दर्द, पथरी, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI), बढ़े हुए प्रोस्टेट और प्रोस्टेट कैंसर जैसे मामलों में हज़ारों मरीजों को सफल परिणाम दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास ऐसे कई मरीज आते हैं जिन्हें डॉक्टरों द्वारा प्रोस्टेट की सर्जरी के बाद जीवन भर कैथेटर (मूत्र नली) के सहारे जीने की सलाह दी जाती है, ऐसे लोग जब निराश होकर उनके पास पहुंचते हैं, तो एडवांस्ड होम्योपैथी की विशेष 50 मिलेसिमल पोटेंसी उपचार पद्धति और कुछ भारतीय प्राकृतिक उपायों की मदद से उन्हें राहत मिल जाती है।
डॉ. द्विवेदी के अनुसार, ऐसे कई मामलों में इलाज के कुछ ही समय बाद कैथेटर की आवश्यकता समाप्त हो जाती है और रोगी सामान्य रूप से मूत्र त्याग करने में सक्षम हो जाता है। उन्होंने कहा कि सही समय पर उठाए गए कदम और उचित चिकित्सा से प्रोस्टेट संबंधी गंभीर जटिलताओं को सफलतापूर्वक रोका जा सकता है।


