- Before Munna Bhaiyya & Compounder, They Were College Bros: Abhishek Banerjee & Divyenndu’s 23-Year-Old Bond Comes Full Circle
- Can Akshay Kumar Be Deemed The Milestone Man?
- “छठी मैया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है”: तमन्ना भाटिया
- Tamannaah on Studying the Relevance of Chhath for Chhathi Maiya Song from The Vvaan: I spent time studying and understanding the significance of the ritual
- 15 Characters That Define Akshay Kumar’s Extraordinary Career
विश्व रक्तदाता दिवस पर केयर सीएचएल हॉस्पिटल में हुआ विशेष आयोजन, सम्मानित हुए नियमित रक्तदाता
इंदौर, 14 जून 2025। विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में केयर सीएचएल हॉस्पिटल, इंदौर में एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और सामाजिक जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए आम नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से आए 20 से अधिक नियमित रक्तदाताओं को सम्मान पत्र प्रदान कर उनके निरंतर योगदान की सराहना की गई।
इस गरिमामयी आयोजन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश अग्रवाल थे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता केयर सीएचएल हॉस्पिटल के सीईओ श्री मनीष गुप्ता ने की। आयोजन में हॉस्पिटल प्रशासन, डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, रक्तदाताओं एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे स्वयं भी नियमित रक्तदान करेंगे और समाज में इस सेवा भावना को प्रसारित करते हुए दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
डॉ. संजय राठौर, चिकित्सा अधीक्षक, केयर सीएचएल हॉस्पिटल ने कहा, “रक्तदान एक महासेवा है, जो केवल जीवन नहीं बचाती, बल्कि इंसानियत को जीवंत रखती है। यह वह कार्य है जिससे समाज में परस्पर विश्वास, करुणा और सहयोग की भावना का विकास होता है। हमारा हॉस्पिटल विगत 22 वर्षों से इस दिशा में सतत रूप से कार्य कर रहा है और हमने हज़ारों जिंदगियों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर जीवनदान देने का प्रयास किया है। मरीजों की सेवा और राहत के लिए हम सदैव तत्पर हैं।”
विश्व रक्तदाता दिवस पर विशेष संदेश देते हुए डॉ. राठौर ने आगे कहा, “आज विज्ञान ने कृत्रिम अंग, त्वचा, यहाँ तक कि कृत्रिम दिल जैसी असाधारण सफलताएँ हासिल की हैं, लेकिन रक्त एकमात्र ऐसी जीवनदायिनी वस्तु है, जो आज भी केवल ईश्वर की फैक्ट्री में बनती है। अगर हमारे देश के 140 करोड़ लोगों में से केवल हर स्वस्थ व्यक्ति साल में दो बार भी रक्तदान करे, तो किसी को भी जीवन रक्षक रक्त की कमी से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह न सिर्फ शारीरिक रूप से लाभकारी है, बल्कि मानसिक और सामाजिक रूप से भी यह एक संतोषजनक अनुभव है। रक्तदान, अंगदान और देहदान – ये सभी सेवाएँ मानवता की सबसे पवित्र अभिव्यक्तियाँ हैं। हमें इन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।”
ब्लड सेंटर के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अरुण महाजन ने जानकारी देते हुए बताया, “हमारा ब्लड सेंटर वर्ष 2003 से इंदौर और समीपवर्ती क्षेत्रों को सेवाएँ प्रदान कर रहा है। यह मध्यप्रदेश का पहला ब्लड सेंटर है, जहाँ गर्भस्थ शिशु के लिए एक्सचेंज ब्लड ट्रांसफ्यूजन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई है, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यहाँ ब्लड कंपोनेंट्स की उपलब्धता, उन्नत मशीनों और अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित एफ़ेरेसिस प्रणाली के माध्यम से सिंगल डोनर प्लेटलेट्स, लेवर फ़ेरेसिस और स्टेम सेल कलेक्शन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह सेवाएँ इंदौर के कई प्रमुख मल्टीस्पेशलिटी और कॉरपोरेट हॉस्पिटल्स द्वारा नियमित रूप से ली जा रही हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे रक्तदान को केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि एक नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाएँगे और इस पुण्य कार्य को जन-जन तक पहुँचाएँगे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर नर्सिंग सुपरीटेंडेंट लिनी टी ओमान ने उपस्थित सभी रक्तदाताओं, डॉक्टरों, और आयोजकों का आभार प्रकट करते हुए कहा, “रक्तदान एक पवित्र एवं महत्वपूर्ण कार्य है ऐसे सेवा कार्यों में शामिल होना वास्तव में एक गर्व का विषय है। आज के आयोजन में जिन लोगों ने भाग लिया, वे न केवल दूसरों के जीवन में रोशनी लाने वाले हैं, बल्कि वे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।”


