- मन की बात में जल संरक्षण को मिला प्रमुख स्थान, डॉ. ए.के. द्विवेदी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
- परीक्षा सुधार के साथ शिक्षा को भी रोजगारोन्मुखी बनाना होगा
- Madhuri Dixit in Dil To Pagal Hai to Sridevi in Mr. India: Actresses Who Delivered Memorable Rain Dance Sequences in Films
- विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर विशेषज्ञों ने बढ़ते साइलेंट लिवर डैमेज को लेकर दी चेतावनी, जागरूकता और बचाव पर दिया जोर
- Bhumi Satish Pednekkar Joins Rishab Shetty in The Pride of Bharat: Chhatrapati Shivaji Maharaj as the Fierce Warrior Queen Belawadi Mallamma
इरकाड सेंटर में पहली बार 100 से अधिक डेलीगेट्स ने कैडेवरिक ट्रेनिंग में लिया हिस्सा
तीसरे नेशनल हिप कोर्स और इंडोकॉन 2026 की हुई शुरुआत
इंदौर जनवरी 2026: तीसरे नेशनल हिप कोर्स और इंडोकॉन 2026 की शुरुआत आज इरकाड सेंटर में भव्य कैडेवरिक वर्कशॉप के साथ हुई, जहाँ देशभर से आए 100 से अधिक डेलीगेट्स ने पहली बार इंदौर में आयोजित इस बड़े स्तर की कैडेवरिक हिप सर्जरी ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। तीन दिवसीय कांफ्रेंस का ओपनिंग सेशन आधुनिक हिप सर्जरी, ट्रॉमा केयर और उभरती तकनीकों पर आधारित था| इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से यंग ऑर्थोपेडिक सर्जन्स, रेज़िडेंट डॉक्टरों और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट प्रशिक्षुओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, ताकि वे हिप प्रिज़र्वेशन, रिवीज़न आर्थ्रोप्लास्टी और मिनिमली इनवेसिव तकनीकों को वास्तविक एनाटॉमी पर अभ्यास के माध्यम से गहराई से समझ सकें। इस वर्ष हिप सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली एआई आधारित प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग, 3डी मॉडलिंग और इमेज-बेस्ड सर्जिकल तकनीकों को भी कोर्स का अहम हिस्सा बनाया गया है। इन तकनीकों के प्रैक्टिकल उपयोग की शुरुआत आज पहले ही दिन कैडेवरिक ट्रेनिंग सत्र में की गई, जहाँ प्रतिभागियों को आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और उन्नत एप्रोच के साथ वास्तविक एनाटॉमी पर उनका डेमो दिखाया गया।
पहली बार इंडोकॉन में इतने बड़े स्तर पर कैडेवरिक सत्र आयोजित किए गए, जिसमें इंटरनेशनल फैकल्टी की उपस्थिति ने ट्रेनिंग को और मजबूत किया। इंग्लैंड से आए डॉ. अजय मालवीया और साउथ कोरिया से डॉ. यून ने हिप आर्थ्रोस्कोपी, मिनिमली इनवेसिव तकनीक और जटिल हिप प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों को नवीन उपकरणों, आधुनिक एप्रोच और सुरक्षित सर्जिकल प्रोटोकॉल के रियल-टाइम डेमो देखने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि कैडेवरिक ट्रेनिंग यंग सर्जनों के आत्मविश्वास और सर्जिकल एक्यूरेसी बढ़ाने में अत्यंत प्रभावी होती है, जिसके परिणामस्वरूप मरीजों को अधिक सुरक्षित और उन्नत उपचार मिलता है।
कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हेमंत मंडोवरा ने कहा, “इंडोकॉन के पहले ही दिन जिस तरह इंग्लैंड और साउथ कोरिया से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए, उससे यह स्पष्ट होता है कि आज भारत भी वैश्विक मेडिकल स्टैंडर्ड्स के बराबर खड़ा है। इंदौर जैसे शहर में कैडेवरिक ट्रेनिंग, 3डी मॉडलिंग, प्री-ऑपरेटिव एआई प्लानिंग और उन्नत हिप तकनीकों का उपयोग होना इस बात का प्रमाण है कि हम विदेशी डॉक्टरों की तरह ही नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर मेडिकल साइंस को आगे बढ़ा रहे हैं। इस तरह का प्लेटफॉर्म न केवल युवा सर्जनों को तैयार करता है बल्कि मध्य भारत के मरीजों के लिए भी बेहतर उपचार के नए रास्ते खोलता है।”
पहले दिन के प्रमुख आकर्षणों में से एक हिप प्रिज़र्वेशन आर्थ्रोस्कोपी का लाइव डेमोंस्ट्रेशन रहा, जिसे इंग्लैंड से आए इंटरनेशनल एक्सपर्ट डॉ. अजय मालवीया ने इंदौर के युवा ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. अर्जुन जैन के साथ मिलकर प्रस्तुत किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को हिप जॉइंट के अंदरूनी संरचनाओं की बारीकियों, लैबरल रिपेयर, कैम और पिंसर लीज़न सुधार जैसी प्रक्रियाओं को आधुनिक आर्थ्रोस्कोपिक तकनीकों के माध्यम से समझाया गया। दोनों विशेषज्ञों ने बताया कि हिप प्रिज़र्वेशन तकनीक आने वाले वर्षों में युवा मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी, क्योंकि इससे प्राकृतिक जोड़ को सुरक्षित रखते हुए दर्द और जटिलताओं को कम किया जा सकता है। प्रतिभागियों ने इस लाइव सत्र को अत्यंत शिक्षाप्रद और व्यावहारिक अनुभव बताया।
सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुश्रुत बाभुलकर ने वर्कशॉप का अवलोकन करते हुए कहा, “इंदौर में इस स्तर की कैडेवरिक ट्रेनिंग का आयोजन होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इतनी संख्या में युवाओं का आना दर्शाता है कि हिप सर्जरी में नई पीढ़ी कितनी गंभीरता से अपनी स्किल बढ़ाना चाहती है। यह प्रशिक्षण भविष्य में उनके क्लिनिकल रिजल्ट्स को मजबूत बनाएगा और मरीजों को लाभ मिलेगा।”
इस वर्ष कॉन्फ्रेंस में हिप प्रिज़र्वेशन, रिवीज़न आर्थ्रोप्लास्टी, कॉम्प्लेक्स ट्रॉमा, और एआई-आधारित प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग जैसे विषयों पर विशेष फोकस रखा गया है। 24 और 25 जनवरी को ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में वैज्ञानिक सत्र आयोजित होंगे, जहाँ देश-विदेश के विशेषज्ञ लेटेस्ट सर्जिकल तकनीकों, केस डिस्कशंस और रिसर्च-आधारित इनोवेशन पर अपने अनुभव साझा करेंगे। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “एवरीथिंग अराउंड हिप” तय की गई है, जिसके अनुरूप हिप संबंधी सभी प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है।
पहले दिन की उच्च स्तर की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता की मौजूदगी ने संकेत दिया है कि इंडोकॉन 2026 इस बार तकनीक, प्रशिक्षण और सहयोग—तीनों क्षेत्रों में नए मानक स्थापित करेगा।


