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इंदौर की 5 वर्षीय जियाना कटारिया ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, 28 सेकंड में हल कीं 5 सुडोकू पहेलियाँ
इंदौर,। शहर की नन्ही प्रतिभा जियाना कटारिया ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंदौर और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। महज 5 वर्ष, 3 महीने और 11 दिन की आयु में जियाना ने “फास्टेस्ट टू कम्प्लीट 5 ईजी लेवल 4×4 सुडोकू पजल्स (किड)” श्रेणी में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने 5 आसान स्तर की 4×4 सुडोकू पहेलियों को मात्र 28 सेकंड और 4 मिलीसेकंड में हल कर यह उपलब्धि हासिल की। इस रिकॉर्ड को इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है।
इतनी कम उम्र में इस तरह की तार्किक क्षमता और मानसिक एकाग्रता असाधारण मानी जाती है। सुडोकू जैसे ब्रेन गेम्स बच्चों में गणितीय सोच, स्मरण शक्ति और समस्या समाधान कौशल को विकसित करते हैं। जियाना ने बेहद कम समय में सटीकता के साथ सभी पहेलियों को पूरा कर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। उनकी उपलब्धि न केवल परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे शहर और प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।
जियाना के अभिभावकों ने बताया कि उन्हें बचपन से ही नंबर गेम्स और पजल्स में विशेष रुचि रही है। परिवार के अनुसार नियमित अभ्यास, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण ने उनकी क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जियाना के पिता श्री विनय कटारिया ने कहा, “हमें हमेशा से विश्वास था कि जियाना में कुछ अलग करने की क्षमता है। हमने उसे कभी दबाव में नहीं रखा, बल्कि खेल-खेल में सीखने का मौका दिया। आज उसकी इस उपलब्धि पर हमें बेहद गर्व है।”
वहीं उनकी माता श्रीमती एकता कटारिया ने भावुक होते हुए कहा, “इतनी छोटी उम्र में उसे इस तरह एकाग्र होकर लक्ष्य पूरा करते देखना हमारे लिए अविस्मरणीय क्षण था। यह उसकी मेहनत और ईश्वर की कृपा का परिणाम है।”
रिकॉर्ड बनाने के दौरान जियाना ने पूरे आत्मविश्वास और शांति के साथ चुनौती को पूरा किया। इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी कर “रिकॉर्ड होल्डर” घोषित किया है। शहर के शिक्षाविदों का मानना है कि जियाना की यह सफलता अन्य बच्चों को भी बौद्धिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करेगी। कम उम्र में इस तरह की उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो बच्चे असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल कर सकते हैं।


