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ईडीआईआई ने वर्ष 2026 के लिए युवाओं और बच्चों हेतु राष्ट्रीय उद्यमिता ग्रीष्मकालीन शिविरों की घोषणा की
अहमदाबाद, 10 अप्रैल, 2026: एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई), अहमदाबाद, जो उद्यमिता विकास, शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान है, वर्ष 1992 से राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन शिविरों का आयोजन कर रहा है। 12–16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों तथा 16–22 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए आयोजित ये विशेष ग्रीष्मकालीन शिविर, उनमें प्रारंभिक स्तर पर ही उद्यमी सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सफल जीवन के लिए आवश्यक कौशल सिखाने का उद्देश्य रखते हैं।
इस वर्ष ‘एंटरप्रेन्योरियल स्टिमुलेशन फॉर चिल्ड्रेन’ के 46वें और 47वें संस्करण क्रमशः 3–8 मई और 24–29 मई को संस्थान के परिसर में आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार ‘एंटरप्रेन्योरियल एडवेंचर्स फॉर यूथ’ के 49वें और 50वें संस्करण क्रमशः 11–20 मई और 1–10 जून को आयोजित किए जाएंगे।
• पिछले तीन दशकों में ‘एंटरप्रेन्योरियल स्टिमुलेशन फॉर चिल्ड्रेन’ के राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन शिविरों के माध्यम से, ईडीआईआई ने बच्चों को अपनी ताकत और कमजोरियों को समझने, सकारात्मक सोच विकसित करने और ऐसे कौशल सीखने का अवसर प्रदान किया है जो उन्हें जीवन में सफलता हासिल करने में मदद करते हैं। अब तक 45 शिविरों के माध्यम से 3,228 बच्चों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इन शिविरों में भाग लेने वाले बच्चों में मजबूत ‘उद्यमिता और उपलब्धि की भावना’ विकसित होती है, जिससे वे बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं। शिविर के बाद अभिभावकों को उनके बच्चे के व्यक्तित्व से जुड़ी विशेषताओं और भविष्य में विकास के सुझावों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट भी दी जाती है।
• इसी प्रकार, ‘एंटरप्रेन्योरियल एडवेंचर्स फॉर यूथ’ के राष्ट्रीय ग्रीष्मकालीन शिविरों के माध्यम से, ईडीआईआई देशभर के युवाओं में उद्यमिता से जुड़े गुणों का विकास कर रहा है। अब तक कुल 2,100 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इन शिविरों के प्रतिभागी अपनी छिपी हुई क्षमताओं को पहचानते हैं और जोखिम लेने की क्षमता, रचनात्मक सोच, विवाद प्रबंधन, प्रभावी संचार, टीम वर्क और समस्या-समाधान जैसे उद्यमी गुणों को विकसित करके भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करते हैं। शिविर के दौरान करियर परामर्श भी प्रदान किया जाता है।
उपलब्धि हासिल कर चुके व्यक्तियों के साथ संवाद और कक्षा में सीखी गई बातों को व्यवहार में देखने के लिए किए जाने वाले फील्ड विज़िट, दोनों ही शिविरों के प्रतिभागियों पर गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं। इस तरह के केंद्रित और कौशल-आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी उच्च उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तियों के रूप में विकसित होते हैं।


