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मानसून में भोपाल के पास इन 5 जगहों पर बिताएं यादगार वीकेंड
मानसून आते ही आसपास की जगहों का नज़ारा पूरी तरह बदल जाता है। साल के ज़्यादातर समय सूखी रहने वाली पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं, झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं, झीलें भर जाती हैं और बादलों से घिरे आसमान के नीचे पुराने किले और मंदिर और भी खूबसूरत लगने लगते हैं।
भोपाल में रहने वालों के लिए यह मौसम आसपास की खूबसूरत जगहों को देखने का बेहतरीन मौका लेकर आता है। इसके लिए लंबी छुट्टी की जरूरत भी नहीं पड़ती। नर्मदा किनारे बसे शांत शहरों से लेकर ऐतिहासिक धरोहरों, झीलों और धुंध से ढके किलों तक, कई ऐसी जगहें हैं जो बारिश में और भी आकर्षक हो जाती हैं।
और अच्छी बात यह है कि इन जगहों तक पहुंचने के लिए हमेशा अपनी कार ज़रूरी नहीं होती। न्यूगो जैसी इलेक्ट्रिक बस सेवाओं सहित साझा यात्रा विकल्प इन छोटी यात्राओं को आसान और पर्यावरण के लिहाज़ से बेहतर बनाते हैं।
यहां भोपाल से शुरू होने वाली पांच बेहतरीन मानसूनी वीकेंड ट्रिप्स दी जा रही हैं:
इंदौर: झरनों, जायकों और विरासत का अनुभव
इंदौर को आमतौर पर खाने-पीने के शहर के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसकी पहचान सिर्फ नाइट मार्केट तक सीमित नहीं है। मानसून में इंदौर के आसपास के इलाके झरनों, बांधों और हरियाली से भर जाते हैं, जिससे यह छोटी और यादगार यात्राओं के लिए बेहतरीन विकल्प बन जाता है।
भोपाल से इंदौर की यात्रा वीकेंड ट्रिप के लिए काफी सुविधाजनक है। यहां आप शहर की सैर के साथ-साथ इसके मशहूर खान-पान का भी आनंद ले सकते हैं।
कैसे पहुंचें: आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल सफर के लिए यात्री भोपाल-इंदौर मार्ग पर न्यूगो की इलेक्ट्रिक बस सेवाओं का विकल्प चुन सकते हैं। इससे बिना खुद ड्राइव किए सुविधाजनक यात्रा की जा सकती है।
घूमने की जगहें:
• पातालपानी वाटरफॉल: इंदौर के पास स्थित यह झरना मानसून के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है। बारिश में यह पूरी तरह जीवंत हो उठता है।
• चोरल डैम: अगर आप शांत माहौल पसंद करते हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प है। शांत पानी, पीछे दिखती पहाड़ियां और सुहावना मौसम इसे सुबह बिताने के लिए खास जगह बनाते हैं।
• जाम गेट: पुराने पत्थर का यह प्रवेश द्वार आसपास की घाटियों का सुंदर नज़ारा देता है। बादलों वाले दिनों में पहाड़ियों पर छाई धुंध यहां के माहौल को और खास बना देती है।
• सराफा बाजार और छप्पन दुकान: इंदौर की यात्रा यहां के स्वाद के बिना अधूरी मानी जाती है। शाम को पोहा-जलेबी, भुट्टे का कीस और दूसरे स्थानीय स्ट्रीट फूड का आनंद लिया जा सकता है।
दिन की शुरुआत चोरल डैम से की जा सकती है, दोपहर में पातालपानी देखा जा सकता है और शाम को इंदौर के मशहूर फूड स्पॉट्स के साथ यात्रा को यादगार बनाया जा सकता है।
उज्जैन: क्षिप्रा नदी के किनारे सुकून
उज्जैन उन शहरों में से है, जहां जीवन की रफ्तार थोड़ी धीमी महसूस होती है। मंदिरों और आध्यात्मिक महत्व के लिए मशहूर यह शहर मानसून में और आकर्षक हो जाता है। बारिश के दौरान क्षिप्रा नदी का बढ़ा हुआ प्रवाह और सुहावना मौसम यहां की सैर को खास बना देते हैं।
भोपाल से इसकी दूरी डे ट्रिप के लिए भी ठीक है, लेकिन रात रुककर शहर को और बेहतर ढंग से महसूस किया जा सकता है।
कैसे पहुंचें: भोपाल से उज्जैन सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा के लिए न्यूगो की बस सेवा एक अच्छा विकल्प है।
घूमने की जगहें:
• महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: उज्जैन की पहचान का केंद्र यह मंदिर सालभर श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। सुबह की आरती और पूजा के लिए जल्दी पहुंचना बेहतर रहता है।
• महाकाल लोक कॉरिडोर: मंदिर के आसपास बना यह कॉरिडोर अपनी विशाल मूर्तियों और पौराणिक कथाओं को दिखाती कलाकृतियों के लिए खास है।
• राम घाट: क्षिप्रा नदी किनारे शाम का समय यहां बेहद सुकून भरा होता है। आरती के दौरान दीपों का पानी पर तैरना दिन के अंत को यादगार बना देता है।
उज्जैन को बिना जल्दबाजी के देखना बेहतर रहता है। सुबह मंदिरों के दर्शन करें, दोपहर में थोड़ा आराम लें और शाम को नदी किनारे समय बिताएं।
सागर: झील किनारे शांत वीकेंड
सागर आमतौर पर वीकेंड ट्रिप के लिए पहली पसंद नहीं होता, और यही इसकी खासियत है। यहां लोकप्रिय स्थलों की तुलना में ज़्यादा शांति और आराम का अनुभव मिलता है।
शहर की पहचान लाखा बंजारा झील से जुड़ी है। मानसून में आसपास की हरियाली इसे और ताज़ा और सुकूनभरा बना देती है।
कैसे पहुंचें: भोपाल से सागर बस के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है। आरामदायक मानसूनी सफर के लिए न्यूगो एक सुविधाजनक विकल्प है।
घूमने की जगहें:
• लाखा बंजारा झील: यह सागर की पहचान है। सुबह टहलना या शाम को सूर्यास्त के समय झील का नज़ारा देखना यहां का सबसे अच्छा अनुभव है।
• सागर किला: यह ऐतिहासिक किला शहर का सुंदर दृश्य दिखाता है और क्षेत्र के इतिहास की झलक भी देता है।
• राहतगढ़ वाटरफॉल: शहर से कुछ दूरी पर स्थित यह झरना मानसून में अपने पूरे सौंदर्य पर होता है। इस समय आसपास के जंगल हरे-भरे हो जाते हैं और पानी का बहाव तेज रहता है।
सागर उन यात्रियों के लिए अच्छा है, जो भीड़-भाड़ से दूर शांत माहौल, प्राकृतिक नज़ारे और खुलेपन में समय बिताना पसंद करते हैं।
महेश्वर: नर्मदा किनारे सुकून और विरासत
महेश्वर का आकर्षण वहां पहुंचे बिना पूरी तरह महसूस नहीं किया जा सकता। नर्मदा किनारे बसा यह शहर अपने किले, सुंदर घाटों और पारंपरिक महेश्वरी साड़ियों के लिए जाना जाता है। मानसून में उफनती नर्मदा, चारों ओर फैली हरियाली और बादलों के बीच पुरानी पत्थर की इमारतें इसकी खूबसूरती को और बढ़ा देती हैं।
कैसे पहुंचें: महेश्वर तक पहुंचने के लिए इंदौर के रास्ते जाना सबसे सुविधाजनक है। भोपाल से इंदौर तक न्यूगो की आरामदायक बस सेवा उपलब्ध है, जिसके बाद सड़क मार्ग से महेश्वर पहुंचा जा सकता है।
घूमने की जगहें:
• अहिल्या किला: नर्मदा किनारे स्थित यह किला महेश्वर के सबसे खूबसूरत नज़ारों में से एक देता है।
• महेश्वर घाट: यहां शहर का शांत और सुकूनभरा माहौल सबसे अच्छी तरह महसूस किया जा सकता है। नदी किनारे बैठे लोग, धीरे-धीरे चलती नावें और प्राकृतिक सुंदरता इसे खास बनाती हैं।
• रेहवा सोसाइटी: यहां प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों की बुनाई को करीब से देखा जा सकता है। कारीगरों को काम करते देख इस पारंपरिक हस्तकला को बेहतर ढंग से समझने का मौका मिलता है।
महेश्वर ऐसी जगह है, जहां जल्दबाजी से ज्यादा ठहरकर घूमने का आनंद है। लंबी सैर, नर्मदा किनारे के नज़ारे और शहर के शांत माहौल के साथ यहां की यात्रा यादगार बन जाती है।
मांडू: किलों, बादलों और मानसून का जादू
मांडू इस सूची की सबसे खूबसूरत मानसूनी जगहों में से एक है। हरियाली से घिरे पठार पर बसा यह प्राचीन शहर अपने महलों और ऐतिहासिक खंडहरों के कारण बारिश में बिल्कुल अलग रूप ले लेता है।
बारिश के मौसम में चारों ओर हरियाली छा जाती है, पहाड़ियों पर बादलों की चादर बिछ जाती है और पुराने पत्थर के निर्माण और भी खूबसूरत लगने लगते हैं।
कैसे पहुंचें: मांडू पहुंचने के लिए इंदौर सबसे सुविधाजनक रास्ता है। भोपाल से इंदौर तक न्यूगो की आरामदायक बस सेवा उपलब्ध है, जिसके बाद पहाड़ी रास्ते से मांडू पहुंचा जा सकता है। चाहें तो इंदौर और मांडू, दोनों को एक ही वीकेंड ट्रिप में शामिल किया जा सकता है।
घूमने की जगहें:
• जहाज महल: मानसून में यह प्रसिद्ध महल सबसे आकर्षक लगता है। आसपास के जलाशय भर जाने पर पानी में इसका प्रतिबिंब दृश्य को और सुंदर बना देता है।
• रानी रूपमती मंडप: पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह मांडू के सबसे अच्छे व्यू प्वाइंट्स में से एक है। साफ मौसम में यहां से नर्मदा घाटी का दूर तक फैला नज़ारा दिखता है, जबकि बादलों और धुंध के बीच इसका सौंदर्य और भी बढ़ जाता है।
• बाज बहादुर महल: खुले आंगन और शांत वातावरण वाला यह महल मांडू के इतिहास और स्थापत्य को करीब से महसूस करने के लिए अच्छी जगह है।
मांडू का असली आनंद धीरे-धीरे घूमने में है। ऐतिहासिक खंडहरों के बीच टहलें, व्यू प्वाइंट्स पर कुछ समय बिताएं और मानसून के माहौल को करीब से महसूस करें।
भोपाल के आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती देखने के लिए मानसून सबसे अच्छा मौसमों में से एक है। इंदौर के झरने, उज्जैन की शांत शामें, सागर की झील, महेश्वर का नर्मदा तट या मांडू की धुंध से घिरी विरासत—हर तरह के यात्री के लिए यहां कुछ खास है।
साझा और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा विकल्प इन वीकेंड ट्रिप्स को और आसान और आरामदायक बनाते हैं। कई बार सबसे यादगार सफर वही होता है, जिसमें रास्ते की हरियाली का आनंद लेते हुए मंज़िल तक पहुंचा जाए।


