- Riteish Deshmukh takes a leap into Telugu cinema with Ram Pothineni’s RAPO23
- From Ananya Panday to Kashika Kapoor to Janhvi Kapoor - 5 OG Bollywood Beauties Who Will Give You the Perfect Garba Looks You Need This Navratri
- From Reena Malhotra to Kamalpreet Dhanoa: 25 Years of Dia Mirza and Her Evolution as an Actor
- Who is Pragati Srivastava? The Fresh Face Set for a Promising Bollywood Debut with Aanand L Rai’s Nakhrewaalii
- Mia by Tanishq Launches "Lightscapes": A Jewellery Collection Inspired by the Magic of Festive Lights
अपोलो हॉस्पिटल्स ने हैल्थकेयर की दुनिया में पहली बार ‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर ’ लॉन्च किया
अपनी तरह का पहला अभियान, जिसमें अपोलो हॉस्पिटल्स में रविवार को भी कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक, प्रिवेंटिव हैल्थ चेक और शेड्यूल्ड केयर उपलब्ध होगी
नई दिल्ली, 18 अगस्त, 2026: आज अपोलो हॉस्पिटल्स ने ‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर ’ की शुरुआत की। यह अपनी तरह का पहला अभियान है, जो रविवार सहित हफ्ते के सातों दिन रूटीन और योजनाबद्ध हैल्थकेयर सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
हालाँकि अपोलो की इमरजेंसी, क्रिटिकल केयर और इनपेशेंट सेवाएं हमेशा से 24/7 उपलब्ध रही हैं। लेकिन इस नई पहल के बाद आउटपेशेंट कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक, प्रिवेंटिव हैल्थ चेक, फौलोअप कंसल्टेशन और पहले से निर्धारित प्रक्रियाएं भी रविवार सहित सातों दिन शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों और परिवारों को बिना इंतजार किए तुरंत केयर प्राप्त हो सकेगी।
ज्यादातर कामकाजी भारतीयों के लिए समय तुरंत हैल्थकेयर प्राप्त करने में आने वाली सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। काम का व्यस्त शेड्यूल, परिवार की जिम्मेदारियाँ और वीकडे के दायित्व अक्सर लोगों को कंसल्टेशन, टेस्ट और हैल्थ चेकअप को टालने के लिए मजबूर कर देते हैं। अपोलो की हैल्थ ऑफ द नेशन 2026 रिपोर्ट के मुताबिक मोटापा, हाईपरटेंशन, डायबिटीज और मेटाबोलिक विकारों जैसी जीवनशैली की समस्याओं का भार बढ़ रहा है, जिनका असर भारतीयों के सबसे प्रोडक्टिव सालों पर पड़ता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत में अपोलो इकोसिस्टम में की गई 2.5 मिलियन से अधिक लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग में देखने में आया है कि भारत में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं, जिनमें लोगों को बीमारी के कोई लक्षण प्रकट नहीं होते हैं। लाखों लोगों को क्रोनिक बीमारियां हैं, पर उन्हें इसके कोई लक्षण महसूस नहीं होते। लगभग 26% लोगों को हाइपरटेंशन और 23% लोगों को डायबिटीज पाया गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि लक्षणों पर आधारित हेल्थकेयर मॉडल अब व्यावहारिक नहीं रह गया है।
‘ऑलवेज ओपन। ऑलवेज हियर ’ द्वारा लोगों को अपनी सेहत के लिए तुरंत परामर्श पाने का एक और दिन मिलेगा, ताकि देर की वजह से उनके स्वास्थ्य को कोई खतरा न उत्पन्न हो।
डॉ. प्रताप सी. रेड्डी, फाउंडर एवं चेयरमैन, अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने कहा, ‘‘चार दशकों से अधिक समय से अपोलो का विश्वास रहा है कि हैल्थकेयर का मतलब बीमारियों का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारियों की रोकथाम करना और स्वास्थ्य की रक्षा करना है। ‘ऑलवेज ओपन। ऑलवेज हियर ’ पहल हमारे इसी वादे को आगे बढ़ा रही है। हम इमरजेंसी और क्रिटिकल केयर के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं। अब हम रूटीन और प्रिवेंटिव केयर भी हफ्ते के सातों दिन उपलब्ध करा रहे हैं। यह हर भारतीय की सेवा के लिए हमारी प्रतिबद्धता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह अभियान अपोलो में हर डॉक्टर, हर नर्स, हर टेक्नीशियन और हर हैल्थकेयर वर्कर और उनके परिवारों को समर्पित है। हैल्थकेयर का मतलब खुद से ऊपर उठकर सेवा करना है। उनकी प्रतिबद्धता ने हमें भारत में मरीजों और परिवारों के लिए यह कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। समय पर परामर्श द्वारा जब-जब बीमारी की तुरंत पहचान और रोकथाम होगी, तब-तब हम एक जीवन में परिवर्तन लेकर आएंगे। अगर हम लाखों लोगों को स्थिति गंभीर होने से पहले ही रोकथाम के लिए प्रेरित करेंगे, तो हमें भविष्य को बदलने में मदद मिलेगी।’’
सबसे पहले कदम उठाने की विरासत, समय की बाधा को किया दूर
अपोलो हॉस्पिटल्स का हमेशा से मानना रहा है कि हैल्थकेयर में परिवर्तन की शुरुआत तब होती है, जब आप समाज में चली आ रही मान्यताओं को चुनौती देते हैं। डॉ. रेड्डी ने सवाल उठाया कि हॉस्पिटलों में किसी की जान बचाने वाली जगह को ‘कैज्युअल्टी’ क्यों कहते हैं और फिर इसे ‘इमरजेंसी’ का नाम दिया। उन्होंने फ्लाईट्स में धूम्रपान के खिलाफ उस समय आवाज उठाई, जब यह बिल्कुल सामान्य माना जाता था और फार्मेसीज को एक ग्रीन आईडेंटिटी पाने में मदद की। इन सामान्य बदलावों ने व्यवहार में परिवर्तन लाया और ये उनके जीवन की उपलब्धियाँ बन गए। लोग जिसे सामान्य मान लेते हैं, उसे देखना, सवाल उठाना कि उसमें परिवर्तन क्यों नहीं लाया जा सकता, और फिर लाखों लोगों के लिए उसमें बदलाव लाना, यह उनके जीवन का तरीका था।
अपोलो ने 1983 से ही भारतीय हैल्थकेयर में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत में सबसे पहली कार्डियेक सर्जरी अपोलो हॉस्पिटल ने की। साउथ एशिया का पहला प्रोटॉन कैंसर सेंटर, मास्टर हैल्थ चेक द्वारा प्रिवेंटिव केयर की शुरुआत, जिससे 30 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव हुआ, और दुनिया के सबसे व्यस्त सॉलिड-ऑर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम्स में से एक, ये सभी उपलब्धियाँ अपोलो के नाम हैं। अपोलो प्रोहैल्थ पहला ए.आई-पॉवर्ड रिस्क प्रेडिक्शन और एनालिसिस है, जो लोगों को तुरंत हैल्थ रिस्क की पहचान करने और हालत बिगड़ने से पहले ही कारगर इलाज करने में मदद करता है। अपोलो में 150 से अधिक देशों के मरीज इलाज कराते हैं।
‘ऑलवेज ओपन! ऑलवेज हियर ’ के साथ अपोलो ने एक बार फिर नई शुरुआत की है और रूटीन हैल्थकेयर में समय की बाधा को समाप्त किया है।
डॉ. प्रीथा रेड्डी, एग्जिक्यूटिव वाईस चेयरमैन, अपोलो हॉस्पिटल्स ने कहा, ‘‘लोगों को मेडिकल केयर उनके लिए सुविधाजनक समय पर उपलब्ध होनी चाहिए। वर्किंग प्रोफेशनल्स, केयरगिवर्स और परिवारों को कई जिम्मेदारियाँ संभालनी होती हैं। उन्हें डॉक्टर का कंसल्टेशन, हैल्थ चेकअप की सुविधा और फौलो-अप केयर रविवार को उपलब्ध होगी, तो यह उनके लिए काफी सुविधाजनक हो जाएगा। ‘ऑलवेज ओपन, ऑलवेज हियर ’ से भरोसेमंद केयर हफ्ते के सातों दिन लोगों को उनकी सुविधा के अनुसार उपलब्ध कराने की अपोलो की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
मरीजों के लिए क्या बदलाव होंगे
मरीज अपने हॉस्पिटल के शेड्यूल और सर्विस की उपलब्धता के अनुरूप स्पेशियलिस्ट कंसल्टेशन, प्रिवेंटिव हैल्थ चेक, डायग्नोस्टिक्स, फौलो-अप कंसल्टेशन और पहले से निर्धारित प्रक्रिया एं रविवार को भी प्राप्त कर सकेंगे। इसका मतलब है कि वर्किंग प्रोफेशनल वीकडे में छुट्टी लिए बिना अपना हैल्थ चेक करा पाएंगे, वृद्धों का डायग्नोस्टिक टेस्ट रविवार को भी हो सकेगा और मरीजों को फौलो-अप कंसल्टेशन के लिए सोमवार तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यह अभियान अपोलो के मौजूदा क्लिनिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डॉक्टरों, डायग्नोस्टिक्स, ऑपरेटिंग थिएटर्स और कोऑर्डिनेटेड केयर टीमों द्वारा चलाया जाएगा, ताकि रविवार को व्यवस्थित और मरीजों के अनुकूल सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
यह अभियान समय पर और मरीजों पर केंद्रित गुणवत्तापूर्ण हैल्थकेयर उपलब्ध कराने की अपोलो की प्रतिबद्धता का स्वाभाविक हिस्सा है।


