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फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के इलाज में नई उम्मीद: लंग ट्रांसप्लांट से बच रही जिंदगी
इंदौर में जल्द शुरू होगी यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स हैदराबाद की OPD, मरीजों को मिलेगा उन्नत इलाज का लाभ
इंदौर, 22 अप्रैल 2026। इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), गंभीर COPD, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, ब्रोंकिएक्टेसिस और केमिकल पॉइजनिंग जैसे मामलों में लंग ट्रांसप्लांटेशन जीवन रक्षक साबित हो रहा है। समय पर इलाज और सही रेफरल से मरीजों की सर्वाइवल रेट में तेजी से सुधार हो रहा है। गंभीर श्वसन विफलता के मामलों में ECMO तकनीक अहम भूमिका निभा रही है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जो लंग ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे होते हैं। और हाल ही में पैराक्वाट जहर से पीड़ित 12 वर्षीय बालक पर सफल बाइलेटरल लोबर लंग ट्रांसप्लांट किया गया। यह केस वैश्विक स्तर पर बाल चिकित्सा लंग ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। यह बात यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के डॉ. बी. विश्वेश्वरन (MD, DNB, DM – पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर, गोल्ड मेडलिस्ट; सीनियर कंसल्टेंट–इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी एवं स्लीप मेडिसिन) ने अपने इंदौर प्रवास के दौरान एक प्रेस वार्ता में कही l
आगे डॉ. बी. विश्वेश्वरन ने बताया कि – देश में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार प्रगति करते हुए यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद ने लंग ट्रांसप्लांटेशन और एडवांस्ड पल्मोनोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अस्पताल समूह गंभीर फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद में इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी के तहत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनमें रिजिड ब्रोंकोस्कोपी, क्रायोबायोप्सी, एयरवे स्टेंटिंग, ब्रोंकियल थर्मोप्लास्टी, EBUS तकनीक, स्लीप डायग्नोस्टिक्स और एलर्जी मैनेजमेंट जैसी सेवाएं शामिल हैं। ये सभी सुविधाएं जटिल फेफड़ों की बीमारियों के इलाज को अधिक प्रभावी और सुरक्षित बनाती हैं।
इस अवसर पर श्री आशुतोष राठौर (सेंट्रल इंडिया इंचार्ज, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद) ने बताया कि – मध्य भारत के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स जल्द ही इंदौर में सुपर-स्पेशलिटी ओपीडी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे मरीजों को उन्नत इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। इस पहल के लिए ग्राउंड कोऑर्डिनेशन और स्थानीय सहयोग की जिम्मेदारी श्री आनंद राठौर, सीनियर एग्जीक्यूटिव, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स द्वारा संभाली जाएगी।
अस्पताल समूह को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। इसे ELSO द्वारा प्लेटिनम लेवल अवॉर्ड फॉर एक्सीलेंस इन लाइफ सपोर्ट से सम्मानित किया गया है, साथ ही NOTTO द्वारा ‘प्राइवेट सेक्टर में सबसे अधिक मृतक अंगदान करने वाले सर्वश्रेष्ठ अस्पताल’ के रूप में भी मान्यता मिली है। 4 स्वतंत्र अस्पतालों, 4 हार्ट इंस्टीट्यूट्स, 4 कैंसर इंस्टीट्यूट्स, 4000 से अधिक बेड, 62 विशेषज्ञताओं और 646 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स भारत में तृतीयक और चतुर्थक स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बना हुआ है।


