- अंजलि पाटिल और सेलैश रत्नकुमार की ‘सेल्वी’ का बुसान में डबल धमाका, दो अवॉर्ड्स पर जमाया कब्ज़ा!
- ‘ABCD 2’ के सालों बाद राघव जुयाल की रेमो डिसूज़ा के डांस यूनिवर्स में धमाकेदार वापसी, अब बनेंगे ‘एनी बॉडी कैन ड्रीम’ के लीड हीरो!
- HMR म्यूजिक लेकर आया ‘बरेली वाला झुमका’, आकृति अग्रवाल और डेब्यूटेंट अनिकेत राज की फ्रेश रोमांटिक जोड़ी ने जमाया रंग!
- मेडीबडी ने इंदौर में 600 लोगों की टीम वाले सेंटर के साथ अपना नेशनल हेल्थकेयर ऑपरेशन मजबूत किया
- MediBuddy strengthens national healthcare operations with 600-member Indore centre
आरती माहेश्वरी ने किड्स ज़ुबां के साथ उनके फिटनेस पर की चर्चा
इंदौर. ज्यादातर बच्चे अभी वर्चुअल वर्ल्ड में जी रहे है जिससे फिजिकल एक्टिविटीज गायब हो गई है. संस्था वर्ल्ड ऑफ फिटनेस की इंटरनेशनल किड्स ज़ुबां एक्सपर्ट आरती माहेश्वरी खासकर बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस ले रही है जिसमें वे काफी स्टेप्स बच्चों को सिखा रही है ताकि बच्चे घर पर फिर रहे ।
फिट इंडिया एंबेसडर आरती माहेश्वरी ने बताया कि के इस हालात में बच्चे वर्चुअल पढ़ाई या ऑनलाइन क्लासेस में लगे हुए है । फिजिकल एक्टिविटी , आउटडोर गेम्स , स्कूल फिजिकल एक्टिविटी सब बंद है। ऐसे समय में यदि बच्चो को फिट नहीं रखा गया तो अनेक बीमारियां जन्म ले सकती है। इसमें सबसे ज्यादा चांस है बच्चें ओबेसिटी का शिकार हो सकते है।
शारीरिक गतिविधियों में कमी और अंसतुलित भोजन को खाने से बच्चों में मोटापा बढ़ जाता है। एक्सरसाइज से कैलोरी और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।यदि हमने अभी से बच्चों में फिट रहने की आदत नहीं डाली तो काफी सारी बीमारियां और तकलीफे भविष्य में हो जाती है एवं हम अगर फिट रहते है तो हम हमेशा फ्रेश फील करेंगे.
साथ ही हमारा दिमाग भी तेजी से काम करेगा रोज़ाना और इस समय कम से कम 60 मिनट्स बच्चों को कुछ न कुछ फिटनेस एक्टिविटी करनी चाहिए भले आधी सुबह आधी शाम को जैसे डांस, एरोबिक्स , ज़ुबां , रस्सी कूदना आदि जो भी उन्हें पसंद हो।
बच्चे के शरीर में अधिक फैट होने से उसको कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं जैसे डायबिटीज, हृदय रोग और अस्थमा, आदि होने का जोखिम रहता है। इसके अलावा मोटे बच्चे को अन्य बच्चों के साथ खेलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई बार मोटापे के कारण बच्चे का आत्म सम्मान कमजोर हो जाता है या उनको तनाव होने लगता है।वर्चुअल वर्ल्ड में बच्चे पानी भी सही मात्रा में नहीं पी रहे कम से कम 3 से 4 लीटर पानी रोज़ पिए नहीं तो कभी तकलीफे सामने आएंगी।


