- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
डाटा गलत हाथों में जाने से बचाएं: कपूर
इंदौर. अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वरूण कपूर के ब्लैक रिबन इनिशिएटिव के तहत सायबर जागरूकता अभियान की 291 वीं कार्यशाला का आयोजन सेंट पॉल इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में किया गया. इसमें 101 छात्र-छात्राओं व फेकल्टी ने भाग लिया. सायबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी प्राप्त की.
कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री कपूर ने सायबर अपराध बढऩे के कारणों को विस्तृत रूप से समझाया. उन्होंने कहा कि सायबर अपराध बढऩे का कारण सुरक्षा के मापदंड नहीं अपनाना, नियमों की जानकारी न होना एवं असली दुनिया के मापदंड वर्चुअल वल्र्ड में अपनाना ही सायबर अपराध बढऩे का मुख्य कारण है. यह युग इंफार्मेशन का युग है, जिसके पास जितनी ज्यादा इंफार्मेशन होगी वह उतना ही सशक्त होगा.
आजकल अपराधी भी हमारी सोशल मीडिया पर शेअर की गई जानकारी का उपयोग कर सायबर अपराध को अंजाम दे रहे है. इसलिये अपनी सारी जानकारी सोशल मीडिया पर शेअर न करें. केंब्रिज एनालिटिका का उदाहरण देते हुए यह बताया कि उन्होंने फेसबुक से डाटा प्राप्त कर इस प्रकार से उसका अमेरिका के चुनाव के दौरान उपयोग किया व अमेरिका के चुनाव को प्रभावित किया. इसलिये आपका डाटा ही शक्ति है इसे संभाल कर रखें और गलत हाथों में जाने से बचाये.
प्रश्नों का समाधान किया
इस अवसर पर इस कार्यशाला में शामिल छात्र-छात्राओं ने अपनी बातें प्रश्नों के माध्यम से रखी, जिनका समाधान श्री कपूर ने सहजता से किया। कार्यशाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दो सक्रिय छात्र-छात्राओं क्रमश: प्रयास एवं कु.सिव्या को श्री कपूर ने प्रमाण-पत्र व गोल्डन बैज प्रदान कर सम्मानित किया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं अन्य स्टॉफ के साथ उपुअ सुभाष सिंह उपस्थित रहे. कार्यक्रम के अंत में संस्थान की ओर से डायरेक्टर फादर सिमोन राज एवं प्रिंसिपल सिस्टर एलाईस थामस द्वारा श्री कपूर को मोमेंटों व प्रमाण पत्र प्रदान किया गया. कार्यक्रम का समन्वय प्रोफेसर गौरव रावल द्वारा किया गया.


