- Kumar Sanu surprises contestant Durgesh; says, “I will send a TV to your home so that your mother and father can watch you on Sa Re Ga Ma Pa”
- ‘सा रे गा मा पा’ के कंटेस्टेंट दुर्गेश यादव के लिए कुमार सानू का खास तोहफा, बोले, “आज ही आपके घर टीवी भिजवाऊंगा, ताकि आपके माता पिता आपको शो में देख सकें”
- यूनिक हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों के लिए 30 बेड के निःशुल्क विशिष्ट सेवा वार्ड का लोकार्पण
- Kunal Kapoor Offers a Glimpse into His World as Lord Indra in Ramayana, Calls It a Magnum Opus: “So Much Goes into Creating Something of This Scale”
- राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: शुरुआती पहचान और समय पर उपचार से बढ़ सकती हैं स्वस्थ जीवन की संभावनाएं
शिक्षा विभाग की बड़ी तैयारी, हर जिले में खुलेंगे नए स्कूल और होगी ग्लोबल ब्रांडिंग
इस योजना को सभी विद्यालयों के लिए शिक्षा योजना का नाम दिया गया है
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश स्कूल (MP School) शिक्षा मुक्त बोर्ड (School Education Open Board) ने सांस्कृतिक मूल्यों के साथ छात्रों को शिक्षित करेंगे। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों (international standards) के साथ 52 स्कूल स्थापित करने के लिए मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग (school education department) और महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसके बाद संस्कृत पाठ्यक्रम (Sanskrit) का अनिवार्य हिस्सा होगा। प्रत्येक जिले में ऐसा एक स्कूल स्थापित किया जाएगा।
ये स्कूल पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों के साथ शिक्षा पर ध्यान देंगे। एमपी ओपन स्कूल एजुकेशन बोर्ड के निदेशक पीआर तिवारी ने कहा कि स्कूल परिसर का उपयोग स्कूल के समय के बाद व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इस योजना को सभी विद्यालयों के लिए शिक्षा योजना का नाम दिया गया है। एमओयू दस्तावेज में कहा गया है कि अकादमिक गतिविधियों में समकालीन इतिहास पर लघु फिल्मों का निर्माण, स्क्रीनिंग और अध्ययन शामिल है।
तिवारी ने कहा कि इन स्कूलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अत्याधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। ये आवासीय विद्यालय लोअर किंडरगार्टन (LKG) से बारहवीं कक्षा तक के छात्रों को शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा ओपन बोर्ड द्वारा स्थापित किया जाएगा।
इन स्कूलों की ग्लोबल ब्रांडिंग अमेरिका स्थित एजेंसी- नॉर्थवेस्ट एक्रिडिटेशन कमीशन (NWAC) की मदद से की जाएगी। 42 देशों में मान्यता प्राप्त एनडब्ल्यूएसी की मदद से छात्रों की मार्कशीट और सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे। शिक्षकों को सीखने और सिखाने के लिए एक टैबलेट के साथ एक मेमोरी और सिम कार्ड प्रदान किया जाएगा। सभी क्लासरूम स्मार्ट होंगे और शिक्षण में प्रोजेक्टर और प्रेजेंटेशन का व्यापक रूप से उपयोग किया जाएगा।
छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसके मॉड्यूल उद्यमिता विकास संस्थान द्वारा तैयार किए जाएंगे। स्कूल भवनों को हरित परिसरों के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां छात्रों को जलवायु परिवर्तन और इसके प्रभावों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।
Madhya Pradesh Education Minister Inder Singh ParmarKoo Appईएफए (एजुकेशन फॉर ऑल)स्कूल योजना के तहत प्रदेश के जिला मुख्यालयों में स्थित 53 शासकीय विद्यालयों को विश्व-स्तरीय विद्यालय के रूप में कायाकल्प करने के उद्देश्य से लोक शिक्षण संचालनालय,मध्यप्रदेश राज्य ओपन बोर्ड और महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के बीच संयुक्त रूप से एमओयू साइन हुआ। View attached media content – इन्दरसिंह परमार (@Inder_Singh_Parmar) 8 Dec 2021



