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इन्टरनेट के उपयोग से बिजनेस होंगे सफल: डॉ. माहेश्वरी
डॉ. अमित माहेश्वरी एवं डॉ. श्वेता मंत्री ने दिया स्टूड्टेंस और व्यापारियों को बिजनेस करने के टिप्स
इंदौर। आज का युग आईटी का है। जो अपने बिजनेस में इन्टरनेट का उपयोग करेगा, उसे ही बिजनेस में सफलता मिलेगी। इसके उदाहरण ई-कॉमर्स बिजनेस है। आज बिना विज्ञापन के ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर हमें ग्लोबली बिजनेस अर्पाचुनिटी मिल रही है। यदि हमने अपने बिजनेस की सही स्ट्रेटेजी बनाई तो हमें सफलता से कोई नहीं रोक सकता।
यह बात दिल्ली के बिजनेस ट्रेनर एवं मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. अमित माहेश्वरी ने रविवार को स्थानीय लेमन ट्री होटल में आयोजित सेमिनार में कही। वे माइंड बूस्टर सेमिनार में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आईटी में इन्फरमेशन का भंडार है और जो इस भंडार की स्टडी करेगा, नॉलेज लेगा और उस नॉलेज का उपयोग सही दिशा में कर एक्शन में लाएगा, वह सफल होगा। ज्ञान का इन्प्लीमेंट नहीं करेंगे तो सफल नहीं होंगे।
आज ई-कॉमर्स प्लेटफार्म सफल है । आज आईटी के कारण आपको विज्ञापन करने के पैसे देने नहीं पड़ते उल्टा मिलते हैं। आज इन्टरनेट मार्केटिंग कई गुना सस्ती पड़ रही है और टारगेट पर काम कर रही है। जीवन में समय बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय निकल जाता है तो वापस नहीं आता। हमें समय को पहचानना होगा।
बिजनेस की उम्र पहचानो
दुनिया में कोई भी बिजनेस रणनीति के कारण ही फेल होता है। कोई भी बिजनेस हो, उसकी एक उम्र होती है। यदि हमने बिजनेस में बदलाव नहीं किए तो बिजनेस खराब रणनीति के कारण फेल हो जाता है। इसलिए समय-समय पर बिजनेस के नए डायमेंशन पर फोकस करते रहे। जो व्यक्ति निरंतर उन्नतिशील होता है, प्रयास करता है, वह सफल होता है।
ब्रांड वैल्यू पर करें काम

आज मारुति लगभग 98 फीसदी सामान बाहर से लेकर कार बनाता है और असेंबल करता है, क्योंकि उसकी ब्रांड वेल्यू है। ब्रांड की ताकत के दम पर उसे रिस्पांस मिलता है। ब्रांड की पावर से कोई भी ग्लोबल हिट हो सकता है। बिजनेस फ्रैन्चाइजी देने से बिना पैसे आपको नाम और पैसा मिल रहा है।फ्रैन्चाइजी की ताकत को मैक्डानल्ड ने पहचाना। और विश्व में 27 हजार स्टोर खुल गए।
आज देश में व्यापार करना आसान नहीं है, लेकिन विदेशों से आयात-निर्यात सस्ता पड़ता है, क्योंकि इसमें पैसा केवल गलतियों के कारण डूबता है किसी और कारण से नहीं। यहां दो देशों के बीच व्यापार के कारण पैसा नहीं डूबता।
उन्होंने कविता के माध्यम से कहा कि कि सोना मत, खुद को तकलीफ देकर जागना पड़े तो जगाओ, सोना मत, अपने आराम से बाहर आना पड़े तो आओ, पर तुम सोना मत
-यदि हमें आगे बढऩा है तो कॉम्पीटिशन के लिए तैयार रहना होगा। बिजनेस में हमेशा से कॉम्पीटिशन रहा है। कॉम्पीटिशन के लिए नियम होंगे, उसके अनुसार मजबूत तैयारी करना होगी। टीम में कम या ज्यादा लोग होने से फर्क नहीं पड़ता। टीम के मेम्बर की काबिलियत और उनकी गुणवत्ता से फर्क पड़ता है। यदि हम अपने कॉम्पीटिटर को अपनी योजना बताकर सहयोग करते है तो हम अपना नुकसान करते हैं। डिग्री सभी के पास होती है, लेकिन अबीलिटी और पर्सनालिटी के दम पर ही इन्डस्ट्री में आगे बढ़ते हैं।
अलार्म का उपयोग करने वाले चार तरह के लोग
-जीवन में अलार्म का उपयोग सभी ने किया है। अलार्म का उपयोग करने वाले चार तरह के लोग होते हैं। चौथा व्यक्ति हमेशा सक्सेस होता है।
1-स्लीपर केटेगरी- यह ऐसा व्यक्ति होता है जो सभी को बता देता है कि वह सुबह 5 बजे उठेगा, लेकिन उसके सभी संबंधी उठ जाते है वह नहीं उठता। बिजनेस में भी यहीं बात लागू होती है। बिजनेसमैन सभी को बता देता है कि वह क्या करेगा, इससे उसके साथी या कॉम्पीटिटर फायदा उठाकर आगे बढ़ जाते है और वह पीछे रह जाता है। अर्थ यह है कि बिजनेसमैन को सीक्रेट हमेशा छुपाकर रखने चाहिए।
2-स्नूजर केटेगरी-यानी पांच मिनट और…। यदि हमें अलार्म के इस बटन की आदत होती है तो हम अपने बिजनेस, प्रोफेशन में कभी सफल नहीं हो पाते। हम हमेशा पांच मिनट का समय मांगकर आजीवन पीछे रहते है।
3-फॉलर केटेगरी- यह केटेगरी के लोग विश्वास से भरे होते है। अलार्म बजते ही उठ जाते है, लेकिन उठकर सोचते है कि एक दिन उठकर ही क्या मैं सारे काम कर लूंगा या एक दिन में ही सब हो जाएगा। और ऐसा सोचकर फिर सो जाते है।

4-वेकर्स-उठना और काम करना। इनके लिए ही कहा जाता है कि वेकर्स बीकम अचीवर्स। यानी यह लोग जो सोचते है वह करते हैं और सफल होते है।
विल से होते है सारे काम सफल- व्यक्ति के पास विल (इच्छाशक्ति) होती है तो वह कार्य करने की ओर अग्रसर होता है। जैसे हमने बचपन में साइकिल चलाना सीखी। हमारी इच्छाशक्ति थी कि इसलिए हम चोट से नहीं डरें। हमें अपने आप मेंं एक स्किल विकसित करना थी, चोट से बचने के लिए हमने कई बार अपने स्ट्रेटेजी भी चेंज की। यानी विल, स्किल और स्ट्रेटेजी के दम पर हम अपने बिजनेस को आगे बढ़ाते है।
सेमिनार आयोजक क्लीनिकल हायपोथेरेपेस्ट एडं मांइड पॉवर डॉ. श्वेता मंत्री (माहेश्वरी) ने बताया कि बिजनेस के विचार आपके दिमाग में नहीं आते तो हमें माइंड की सेटिंग बदलना होगी और बिजनेस के विचार लाने होंगे। हमें धैर्य, साहस और आत्मविश्वास के साथ काम करना होगा। आपने में जील, डिसायर होगी तो आप सफल होंगे। आपके जीवन में बदलाव आएगा।


