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मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर के न्यूरोसाइंसेज कॉन्क्लेव में एकीकृत न्यूरोलॉजिकल केयर के भविष्य पर चर्चा
कोलकाता, 10 अगस्त 2026: न्यूरोलॉजिकल और अन्य मेडिकल इमरजेंसी में समय पर इलाज मरीज की स्थिति और उसके ठीक होने की संभावना पर बड़ा असर डाल सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर ने आज आयोजित न्यूरोसाइंसेज कॉन्क्लेव में अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज की आधिकारिक शुरुआत की। इस कॉन्क्लेव में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोइंटरवेंशन, स्पाइन सर्जरी और न्यूरोसाइंसेज से जुड़े अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने न्यूरोलॉजिकल केयर में हो रहे बदलावों और मरीजों को एक साथ कई विशेषज्ञों की मदद से इलाज देने के महत्व पर चर्चा की।
दुनियाभर में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का बढ़ता बोझ समय पर, विशेष और कई विशेषज्ञों की मदद से इलाज की जरूरत को और बढ़ाता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की ओर से 2025 में जारी ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन न्यूरोलॉजी के अनुसार, न्यूरोलॉजिकल बीमारियां दुनियाभर में बीमारी और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण हैं और दुनिया की तीन में से एक से ज्यादा आबादी इससे प्रभावित है। भारत में भी स्ट्रोक एक बड़ी न्यूरोलॉजिकल समस्या है। डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में भारत में हर एक लाख लोगों में 53.5 मौतें स्ट्रोक के कारण हुईं। स्ट्रोक, मिर्गी, न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों और जटिल न्यूरोसर्जिकल स्थितियों में समय पर जांच और इलाज बहुत जरूरी होता है। ऐसे में ऐसे विशेष सेंटर की जरूरत बढ़ रही है, जहां न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोइंटरवेंशन और रिहैबिलिटेशन जैसी सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध हों।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज में न्यूरोलॉजी, फंक्शनल न्यूरोसर्जरी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोइंटरवेंशन एंड एंडोवैस्कुलर सर्जरी, स्पाइन सर्जरी, न्यूरो रिहैबिलिटेशन, न्यूरो फिजियोथेरेपी, न्यूरो साइकोलॉजी और न्यूरो एनेस्थीसिया जैसी विशेषज्ञ सेवाओं को एक साथ लाया गया है। इसका उद्देश्य जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का आधुनिक, वैज्ञानिक और मरीज-केंद्रित तरीके से व्यापक इलाज उपलब्ध कराना है। इमरजेंसी हेल्थकेयर को और मजबूत बनाने की अपनी बड़ी पहल के तहत मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्ट ने योग्य इमरजेंसी मरीजों के लिए फ्री इमरजेंसी पिकअप सर्विस की भी घोषणा की। यह सुविधा कोलकाता में शामिल मणिपाल हॉस्पिटल्स से लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र मरीजों के लिए उपलब्ध होगी। इस सुविधा के तहत, मार्स कमांड सेंटर और टीम मार्स द्वारा इमरजेंसी केयर की जरूरत वाले मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध होने और सेवा के नियमों के अनुसार नजदीकी मणिपाल हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट तक मुफ्त एंबुलेंस सेवा दी जाएगी।
यह सुविधा खासतौर पर स्ट्रोक, हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी और अन्य अचानक होने वाली मेडिकल इमरजेंसी में मददगार होगी, जहां हर मिनट मरीज के जीवन और ठीक होने की संभावना के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। यह सेवा 24/7 टेक्नोलॉजी आधारित कमांड सेंटर, जीपीएस से लैस और लगातार ट्रैक की जाने वाली एंबुलेंस, व्हाट्सऐप के जरिए क्यूआर कोड से लोकेशन शेयर करने की सुविधा, प्रशिक्षित इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस एंबुलेंस द्वारा समर्थित है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों को अस्पताल तक जल्दी पहुंचाना और अस्पताल की इमरजेंसी टीम के साथ बेहतर तालमेल बनाना है, ताकि तुरंत वाहन उपलब्ध न होने की वजह से किसी मरीज को जरूरी और जीवन बचाने वाला इलाज मिलने में देरी न हो।
इस अवसर पर डॉ. जयंत रॉय, डायरेक्टर एंड हेड – न्यूरोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर, ने कहा, “न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में स्ट्रोक और मिर्गी से लेकर मूवमेंट डिसऑर्डर, न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियां और कई अन्य जटिल स्थितियां शामिल हैं। हर मरीज की बीमारी अलग होती है और इसलिए उसके लिए सही और व्यक्तिगत इलाज जरूरी है। स्ट्रोक ऐसी न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी है, जिसमें समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जल्दी बीमारी की पहचान और सही इलाज से मरीज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज के माध्यम से हमारा उद्देश्य आधुनिक जांच, वैज्ञानिक इलाज और अलग-अलग विशेषज्ञों की मदद को एक साथ लाकर मरीजों को बेहतर और व्यापक न्यूरोलॉजिकल केयर देना है। साथ ही, हम लोगों को न्यूरोलॉजिकल बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और समय पर मेडिकल मदद लेने के बारे में जागरूक करना चाहते हैं।”
डॉ. अनिंद्य बसु, सीनियर कंसल्टेंट एंड क्लिनिकल लीड – स्पाइन सर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर, ने कहा, “स्पाइन सर्जरी में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है। मिनिमली इनवेसिव तकनीक की मदद से कई तरह की रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का इलाज किया जा सकता है। सही मरीजों में इस तकनीक से शरीर के ऊतकों को कम नुकसान, कम ब्लड लॉस, ऑपरेशन के बाद कम दर्द और जल्दी रिकवरी में मदद मिल सकती है। मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर में हमारा ध्यान ऐसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर है, जिसमें सटीकता, तकनीक और विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल हो। हमारा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज एक ऐसा प्लेटफॉर्म देता है, जहां जटिल स्पाइन समस्याओं का कई विशेषज्ञ मिलकर मूल्यांकन कर सकते हैं और मरीज को जांच से लेकर सर्जरी और रिहैबिलिटेशन तक एक पूरी और बेहतर इलाज व्यवस्था मिल सकती है।”
समय से इलाज की जरूरत वाली स्थितियों में आधुनिक न्यूरोइंटरवेंशन की भूमिका के बारे में डॉ. सुकल्याण पुरकायस्थ, डायरेक्टर – न्यूरोइंटरवेंशन एंड एंडोवैस्कुलर सर्जरी, इमेजिंग साइंसेज एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर, ने कहा, “न्यूरोइंटरवेंशन ने कई जटिल सेरेब्रोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज के तरीके को बदल दिया है। इसमें मिनिमली इनवेसिव एंडोवैस्कुलर तकनीक के जरिए बहुत सटीक तरीके से इलाज किया जा सकता है। हमारे हॉस्पिटल में मौजूद बाइप्लेन कैथ लैब इस दिशा में एक बड़ी सुविधा है। इसमें अलग-अलग एंगल से रियल-टाइम इमेजिंग की सुविधा मिलती है, जिससे जटिल न्यूरोइंटरवेंशनल प्रक्रियाओं के दौरान अधिक सटीकता के साथ इलाज किया जा सकता है। यह तकनीक खासतौर पर एक्यूट स्ट्रोक, सेरेब्रल एन्यूरिज्म, वैस्कुलर मालफॉर्मेशन और अन्य न्यूरोवैस्कुलर बीमारियों के इलाज में महत्वपूर्ण है, जहां सही इमेजिंग और समय पर इलाज बहुत जरूरी होता है।”
डॉ. मिलिंद देवगांवकर, डायरेक्टर एंड सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर, ने कहा, “मूवमेंट डिसऑर्डर के इलाज में आधुनिक न्यूरोमॉड्यूलेशन तकनीक, जैसे डीप ब्रेन स्टिमुलेशन, ने इलाज के नए रास्ते खोले हैं। हमारे यहां डीप ब्रेन स्टिमुलेशन क्लिनिक में विशेषज्ञों की टीम ऐसे मरीजों की जांच और इलाज करती है, जिन्हें इस आधुनिक उपचार से लाभ मिल सकता है। इसमें खासतौर पर पार्किंसंस डिजीज और अन्य मूवमेंट डिसऑर्डर वाले मरीज शामिल हो सकते हैं। डीप ब्रेन स्टिमुलेशन के लिए मरीज का सही चयन, न्यूरोलॉजिकल और न्यूरोसर्जिकल जांच, सही सर्जिकल प्लानिंग और लंबे समय तक फॉलो-अप जरूरी होता है। इस विशेष क्लिनिक के माध्यम से हमारा उद्देश्य मरीजों को इलाज के हर चरण में व्यक्तिगत और व्यापक देखभाल उपलब्ध कराना है।”
इसे आगे बढ़ाते हुए डॉ. दीपेंद्र कुमार प्रधान, क्लिनिकल लीड एंड सीनियर कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, मणिपाल हॉस्पिटल मुकुंदपुर, ने कहा,
“आधुनिक न्यूरोसर्जरी केवल सर्जरी तक सीमित नहीं है। आज इसमें सटीकता, आधुनिक इमेजिंग, तकनीक और कई विशेषज्ञों की मिलकर लिए गए फैसलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जटिल ब्रेन और स्पाइन बीमारियों से लेकर ट्रॉमा और अन्य न्यूरोसर्जिकल स्थितियों तक, हर मरीज के लिए उसकी बीमारी और स्थिति के अनुसार सावधानी से इलाज की योजना बनानी होती है। हमारे यहां न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोइंटरवेंशनल विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ मिलकर काम करते हैं, ताकि मरीज को बेहतर और समन्वित इलाज मिल सके। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज इस टीमवर्क को और मजबूत करता है और जटिल न्यूरोसर्जिकल मामलों के इलाज के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों को एक साथ लाता है।”
कॉन्क्लेव में डॉ. अयानाभ देबगुप्ता, रीजनल डायरेक्टर, मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्ट, ने कहा, “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज की शुरुआत पूर्वी भारत में आधुनिक, व्यापक और एकीकृत न्यूरोलॉजिकल केयर उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। मणिपाल हॉस्पिटल्स में हम मानते हैं कि न्यूरोलॉजिकल इमरजेंसी, खासकर स्ट्रोक में तुरंत इलाज बहुत जरूरी है, क्योंकि हर मिनट मरीज की स्थिति पर असर डाल सकता है। भारत में हर दिन लगभग 500 स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं। इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाना जरूरी है, जिसमें बीमारी की जल्दी पहचान, तुरंत प्रतिक्रिया और विशेषज्ञ इलाज तक जल्द पहुंच सुनिश्चित हो सके।
हमारे सभी हॉस्पिटल स्ट्रोक के इलाज के लिए तैयार हैं और यहां कई विशेषज्ञों की टीम के साथ आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मणिपाल एडवांस्ड रोडसाइड इमरजेंसी सर्विसेज (मार्स) और नई शुरू की गई फ्री इमरजेंसी पिकअप सर्विस के माध्यम से हम इमरजेंसी केयर सिस्टम को और मजबूत कर रहे हैं। इसका उद्देश्य मरीजों को जल्दी हॉस्पिटल पहुंचाना और हमारी हॉस्पिटल टीम के साथ बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है। हमारा प्रयास है कि मरीज को सही समय पर सही विशेषज्ञ और सही इलाज मिल सके, जिससे उसके बेहतर इलाज और रिकवरी की संभावना बढ़े।”
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर न्यूरोसाइंसेज की आधिकारिक शुरुआत और फ्री इमरजेंसी पिकअप सर्विस की घोषणा, मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्ट इंडिया के एक ऐसे हेल्थकेयर सिस्टम को मजबूत करने के प्रयास को दर्शाती है, जिसमें मरीज को इमरजेंसी रिस्पॉन्स और आधुनिक जांच से लेकर विशेषज्ञ इलाज, सर्जरी, रिहैबिलिटेशन और लंबे समय तक रिकवरी तक एक पूरी और एकीकृत देखभाल मिल सके।
इन पहलों के माध्यम से मणिपाल हॉस्पिटल्स ईस्ट इंडिया का उद्देश्य कोलकाता में इमरजेंसी हेल्थकेयर को और बेहतर और आसान बनाना है। अस्पताल का प्रयास है कि समय पर मरीज को हॉस्पिटल पहुंचाने में किसी तरह की परेशानी जीवन बचाने वाले इलाज में रुकावट न बने। साथ ही, इन पहलों के जरिए मरीज-केंद्रित और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करना तथा समुदाय के लिए एक अधिक तेज, बेहतर और प्रभावी इमरजेंसी हेल्थकेयर सिस्टम तैयार करना है।


