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डॉ. हेमंत मंडोवरा की किताब ‘वक़्त है फिर चलने का’ का विमोचन
घुटने से संबंधित समस्याओं पर लिखी प्रभावी पुस्तक ‘वक्त है फिर चलने का‘
इंदौर. एक डॉक्टर का कर्तव्य सिर्फ इतना ही नहीं कि वो अपने मरीजों की बीमारियों का इलाज करे बल्कि उन्हें समय-समय पर बीमारियों के प्रति जागरूक करे, उनसे बचाव करने की सही सलाह दे और यदि समस्या हो ही जाये तो यथासंभव उसका इलाज करे।
इसी विचार के साथ डॉ. हेमंत मंडोवरा ने आज होटल लेमन ट्री में मीडिया, परिवार जन और मित्रों के बीच अपनी पुस्तक से परिचय करवाया जिसका नाम है ‘वक़्त है फिर चलने का’। इस अवसर पर उपस्थित डॉ. राजेंद्र लाहोटी एवं डॉ. ए.सी.एस. जैन ने पुस्तक का विमोचन किया। इस किताब के माध्यम से आम लोगों को अपने जोड़ों विशेषकर घुटने, इस से जुड़ी सामान्य और असामान्य बातों से परिचय कराया गया है।
डॉ. हेमंत मंडोवरा ने अपने इस प्रयास के बारे में कहा -“जो लोग घुटने से सम्बंधित बीमारियों से परेशान हैं उनके लिए यह किताब एक जानकारी देने का और जिनको प्रत्यारोपण की जरूरत है उनके लिये डर हटाने का काम करेगी। इस पुस्तक को लिखने का मेरा मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है,क्योंकि आज भी लोग घुटना प्रत्यारोपण के प्रति जागरूक नहीं हैं। आशा है यह प्रयास सभी मरीजों के लिए लाभप्रद सिद्ध होगा।“
इस किताब को पढ़ने वाले लोगों को प्रत्यारोपण को समझने में बहुत आसानी होगी और इससे सम्बंधित सारी भ्रांतियों का समाधान भी होगा। घुटना प्रत्यारोपण आधुनिक युग की उन्नत, सरल, सुरक्षित और सार्थक प्रक्रिया है। घुटना प्रत्यारोपण के प्रति जागरूकता की कमी है और आज भी कई मरीज ऐसे हैं जो घुटना प्रत्यारोपण का नाम सुनकर ही डर जाते हैं जबकि यह भी अन्य ऑपरेशनों की तरह ही है। लाखों मरीजों को इस प्रक्रिया से अपने घुटनों से सम्बंधित समस्याओं से निजात मिली है।
अपनी किताब के बारे में डॉ. मंडोवरा ने कहा -“इस पुस्तक में आर्थ्राइटीस, घुटना जोड़ प्रत्यारोपण से सम्बंधित आवश्यक जानकारी जैसे घुटना जोड़ प्रत्यारोपण क्या है, इसके प्रकार, लाभ, घुटना जोड़ प्रत्यारोपण कराने से पहले की तैयारी, खानपान, घर पर किए जाने वाले व्यायाम, घुटना प्रत्यारोपण से सम्बंधित भ्रम और सच्चाई, जोड़ प्रत्यारोपण के पहले किये जाने वाले प्रश्न एवं उनके जवाब, आदि जानकारियां हैं जो निश्चित तौर पर सभी के लिए उपयोगी होगी।
डॉ. हेमंत मंडोवरा ख्यातिप्राप्त हड्डी रोग सर्जन है। वे वर्ष 2002 से नवीनतम तकनीक एवं अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ घुटने एवं कुल्हे के जोड़ की रिप्लेसमेंट सर्जरी सफलतापूर्वक कर रहे है। क्रूशिएट रिटेनिंग पद्धति द्वारा एक हजार से अधिक घुटना प्रत्यारोपण सर्जरी वे सफलतापूर्वक कर चुके हैं। डॉ. मंडोवरा 2004 से मेडिकेयर हॉस्पिटल एन्ड रिसर्च सेंटर, इंदौर में चीफ ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे रोगियों की चिकित्सा के साथ-साथ उत्कृष्ट देखभाल के लिए दृढ संकल्पित है।


