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सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य, महामारी से मुक्ति के लिए पूर्वांचल के हजारों लोगों ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को दिया अर्घ्य
छठ महापर्व का समापन आज उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात होगा
इंदौर: काँच ही बांस के बहंगिया बहँगी लचकत जाये '',छठी माई के घाटवा पे आजन बाजन’, `जल्दी उग आज आदित गोसाईं…’ जैसे भावविभोर कर देने वाले पारम्परिक छठ महापर्व के लोकगीतों के बीच बुधवार शाम को शहर के विभिन्न छठ घाटों पर बिहार एवं पूर्वांचल के हजारों लोगों ने भगवान् भास्कर के डूबते स्वरुप को अर्घ्य देकर घर परिवार, समाज एवं देश के सुख समृद्धि एवं शान्ति तथा कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए कामनाएं की।
छठी मैया के मन को झंकृत कर देने वाली लोक गीतों के बीच पुरे शहर एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक छठ घाटों – छठ घाटों विशेष रूप से, स्किम न 54 अनुपम नगर, स्किम न 78, पिपलियाहना, पिपलियापाला तालाब बाणगंगा कुंड, देवास नाका, सुखलिया, तुलसी नगर, श्याम नगर, तिरुपति पैलेस, नंदबाग, कैट रोड, सिलिकॉन सिटी, कालानी नगर, माँ अम्बे नगर, एरोड्रोम रोड एवं शहर के कतिपय अन्य क्षेत्रों में स्थित छठ घाटों का नज़ारा बिलकुल भक्तिमय हो गया। इन घाटों पर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे मालवांचल में सम्पूर्ण बिहार एवं पूर्वांचल उतर आया हो।
आज दोपहर पश्चात छठ घाटों पर छठ उपासकों छोटे छोटे समूहों में आना शुरू हो गया और शाम 4 बजते बजते छठ व्रती महिलाएं, पुरुष मुँह पर मास्क लगाए प्रसाद से भरे बाँस की टोकरियाँ लेकर इन घाटों पर पहुँच चुके थे। छठी मैया के मनभावन लोक गीतों से सम्पूर्ण वातावरण में भक्ति एवं आस्था के रंग में लोग रचे नजर आ रहे थे और एक दूसरे को छठ महापर्व की शुभकामनाएं दे रहे थे। लगभग शहर के सभी छठ घाटों पर कोरोना नियमों का पालन छठ आयोजन समितियों द्वारा किया गया तथा इन समितियों के प्रतिनिधिगण श्रद्धालुओं से पूर्ण सुरक्षा एवं कोरोना प्रोटोकॉल के साथ छठ महापर्व मनाने का अनुरोध करते रहे।
पूर्वोत्तर सांस्कृति संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह एवं महासचिव के के झा ने कहा कि जैसे ही भगवान् भास्कर अस्ताचल में सामने लगे, जल कुंड में खड़े व्रती महिलाओं एवं पुरुषों ने प्रसाद से भरी टोकरियों को अपने हाथों में लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य देना प्रारम्भ किया। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात व्रतियों ने अपने परिवार, सम्बन्धियों के साथ प्रसाद लेकर पुनः अपने घरों को प्रस्थान किया। कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण कई श्रद्धालुओं ने अपने अपने घरों में भी कृत्रिम जलकुण्डों में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्यदेव को अर्घ्य दिया तथा शहर, प्रदेश एवं देश को कोरोना महामारी के प्रकोप से मुक्ति की कामनाएं की।
भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रिय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय ने विजय नगर के स्कीम न 54 स्थित छठ घाट पर अस्ताचलगामी भगवान् भास्कर को अर्घ्य देकर शहर एवं प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य की कामनाएं की तथा छठ महापर्व की सभी शहर वासियों को शुभकामनाएं दीं। इंदौर के अलावा महू, पीथमपुर में भी छठ महोत्सव का धूमधाम से आयोजन हुआ।
शहर के कई छठ पूजा आयोजन समितियों द्वारा सांध्य अर्घ्य के पश्चात रात्रि में भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।
आज उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा
सूर्य उपासना का यह पर्व गुरुवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात समाप्त होगा।


