- Gen Z को Great Generation बनाने के लिए नशामुक्त जीवन जरूरी : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- LPU's Future-Ready B.Tech Ecosystem Powers Record Placements with Industry-Ready Talent
- ग्रीनप्लाई ने लॉन्च की टर्मीवैक्स - प्लाईवुड के लिए भारत की पहली एंटी-टर्माइट वैक्सीनेटेड तकनीक
- Greenply Launches Termivax, India's First Anti-Termite Vaccinated Technology in Plywood
- Varun Sood Backs Best Friend Harman Singha Ahead of The Traitors Season 2: You've got this! Go kill it, Harman!
आम से शरारत तक: सोनी सब कलाकारों ने साझा की अपनी सबसे मीठी गर्मियों की यादें
मुंबई, अप्रैल 2026: गर्मी सिर्फ एक मौसम नहीं, बल्कि आज़ादी, यादों और उन छोटी-छोटी खुशियों का एहसास है, जो हमेशा दिल में बस जाती हैं। लंबे बेफिक्र दिन, परिवार के साथ छुट्टियाँ, आम से भरी दोपहरें, आइसक्रीम और धूप में की गई बचपन की शरारतें गर्मी हर किसी के दिल में एक खास जगह रखती है। यह वह समय है, जब दिनचर्या धीमी हो जाती है, हँसी-ठिठोली आसान हो जाती है और छोटी-छोटी बातों में बड़ी यादें बन जाती हैं। इस साल सोनी सब के कलाकार इक़बाल खान, गुलकी जोशी, मुस्कान बामने और अक्षया हिंदलकर अपनी गर्मियों की यादों को ताज़ा करते हुए बताते हैं कि उनके लिए यह मौसम कितना खास रहा है।
इक़बाल खान, जो यादें में डॉक्टर देव का किरदार निभा रहे हैं, साझा करते हैं, “जब भी मैं गर्मियों के बारे में सोचता हूँ, मेरा मन सीधे कश्मीर की यादों में चला जाता है। सच कहूँ, तो वहाँ गर्मी कभी गर्मी जैसी लगी ही नहीं, क्योंकि मौसम हमेशा बेहद सुहावना रहता था। हम एक बड़ी कॉलोनी में रहते थे और उन दिनों का मतलब था सुबह से लेकर शाम तक बाहर रहना। पूरा दिन खेलते, दौड़ते, सेब तोड़ते और हर पल का मज़ा लेते हुए गुजरता था। शाम तक ही घर लौटते थे और ज़्यादा से ज़्यादा 7:30 बजे तक थककर सो जाते थे। वो बेफिक्र बचपन की गर्मियाँ मेरी सबसे प्यारी यादों में से हैं।”
गुलकी जोशी, जो यादें में सृष्टि का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “गर्मी हमेशा मेरे लिए बहुत नॉस्टैल्जिक रही है। यह शांत दोपहरों, किताबें पढ़ने और बस धीमे-धीमे दिन बिताने का एक खूबसूरत मेल है। बचपन में मुझे याद है कि मैं अपनी नानी के घर जाती थी, जहाँ दिन बहुत सादगी से गुजरते थे, साथ ही जिनमें बातें करना, घर के कामों में मदद करना या बस साथ बैठना शामिल है। उन पलों में एक अलग सुकून था। वही गर्माहट और ठहराव आज भी मेरे लिए गर्मियों का मतलब है।”
मुस्कान बामने, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में शनाया का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “मेरे लिए गर्मी हमेशा आज़ादी और थोड़े-से एडवेंचर का एहसास रही है। मुझे याद है कि हम रिश्तेदारों के घर जाते थे और बाहर खूब समय बिताते थे। कभी दोस्तों के साथ पेड़ से कच्चे आम तोड़ने की कोशिश भी करते थे। वो छोटी-छोटी शरारतें, परिवार के साथ बिताए पल मिलकर गर्मियों को बेहद रोमांचक बना देते थे। आज भी जब वो यादें ताज़ा होती हैं, तो चेहरे पर तुरंत मुस्कान आ जाती है।”
अक्षया हिंदलकर, जो पुष्पा इम्पॉसिबल में राशी का किरदार निभा रही हैं, साझा करती हैं, “गर्मी हमेशा मेरे लिए दोस्तों और कज़िन्स के साथ यादें बनाने और जुड़ाव का मौसम रही है। हम छोटे-छोटे पिकनिक प्लान करते थे, घंटों खेलते थे और अपनी खुद की छोटी-छोटी एडवेंचर कहानियाँ बनाते थे। मुझे यह भी याद है कि हम देर रात तक जागते थे, कहानियाँ सुनाते थे और छोटी-छोटी बातों पर हँसते-हँसते लोटपोट हो जाते थे। वही बेफिक्र और अनप्लान्ड पल मेरे लिए गर्मियों को सच में अविस्मरणीय बना देते थे।”
देखिए पुष्पा इम्पॉसिबल और यादें सिर्फ सोनी सब पर।


