- भारत में क्रिस्टोफर नोलन की नई फिल्म 'द ओडिसी' की आईमैक्स एडवांस बुकिंग 8 जून से शुरू होगी।
- INDIA OPENS IMAX ADVANCE BOOKINGS FOR CHRISTOPHER NOLAN'S new mythic action epic, The Odyssey FROM JUNE 8.
- मध्य भारत में भी तेजी से बढ़ रहे लिवर रोग, समय पर जांच और उपचार ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय : विशेषज्ञ
- World Environment Week: Pragya Kapoor Urges Netizens to Support Local Communities at Kedarnath, Talks About Leaving Behind a Positive Environment Footprint
- Madhuri Dixit's Fan Distributes Fruit Saplings from his Chaat Shop to Celebrate the Release of Maa Behen
ऑडिशन में ही दें बेस्ट परफार्मेंस: जसराज
इंदौर. रियलिटी शो नये और उभरते कलाकारों को एक बेहतर मंच प्रदान करते हैं. शो का हिस्सा बनने के लिए जरूरी है सिंगर ऑडिशन में ही अपना बेस्ट परफार्मेंस दें. ऐसा इसलिए जरूरी है कि हजारों की भीड़ में निर्णायकों को सिंगर को चुनना पड़ता है. अगर ऑडिशन में सामान्य प्रदर्शन देंगे तो चयन कैसे होगा. चयन होने के बाद हर बार अपनी बेहतर ही प्रस्तुति दें.
यह कहना है सारेगामापा 2012 के विजेता सिंगर और म्यूजिक कंपोसर जसराज जोशी का. वे शुक्रवार को शहर में इंदौर के उभरते गायकों को सारेगामापा के ऑडिशन के लिए आमंत्रित करने आए थे. जी टीवी के सारेगामापा के इंदौर ऑडिशन 29 अगस्त को इंदौर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में होंगे. इसमें वही प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं, जो ज़ी5 की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करेंगे.
इस मौके पर जसराज जोशी ने कहा, मेरी सफलता का पूरा श्रेय सारेगामापा को जाता है. यह शो टैलेंटेड सिंगर्स को अपनी सुनहरी आवाज का जादू दिखाने और संगीत की दुनिया में अपना एक असाधारण करियर बनाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करता है. शो ने मुझे गायन का असली मतलब सिखाया और इस कला से जुड़ी बारीकियां समझने में मेरी मदद की. इस शो में रहते हुए मैंने मैंने जो ज्ञान और प्रसिद्धी हासिल की, वो अनमोल है. यह मुझे अलग-अलग राज्यों के संगीत और गायकी को जानने का मौका मिला. मेरा जीवन बदलने वाला अनुभव रहा.
शास्त्रीय संगीत की गंभीरत नहीं भायी
जसराज ने बताया कि मेरे नानाजी शास्त्रीय गायक थे. उन्होंने मुझे बचपन से ही शास्त्रीय संगीत की तालीम दी. इसके बाद अलग-अलग गुरुओं से भी सीखा. लेकिन कॉलेज में आकर मेरा मन बदल गया. यहां मैंने दोस्तों के साथ बैण्ड बनाया और उसमें मुझे मजा आने लगा. हम गानों में फ्यूजन करते थे. वैसे अगर कॉलेज का बैण्ड नहीं बनता तो मैं शास्त्रीय गायक ही होता. कॉलेज में आने के बाद शास्त्रीय संगीत की गंभीरत मुझे भाई नहीं और बैण्ड की मस्ती में मुझे मजा आया. मेरे संगीत में फ्यूजन के कारण ही लोगों ने मुझे पसंद किया और मैं विजेता भी बना. शो जितने के बाद तीन साल तक कई शो किये और करियर में स्टेबिलिटी भी आई.
नीति मोहन के साथ चाहता हूं गाना
जसराज ने कहा कि मैं शुरू से गायक रहा लेकिन मुझे कंपोजिशन से काफी प्यार रहा. म्यूजिक कंपोजिशन में शंकर जी को फालो करता हूं. धीरे-धीरे पूरा रूझान कंपोजिंग पर ही हो गया क्योंकि इसमें मुझे गाने बनाने का भी मौका मिलता है. वर्तमान में मैं मराठी इंडस्ट्री में म्यूजिक कंपोजर हूं. मेरी इच्छा है कि मैं संगीत में अलग-अलग संगीतकार के साथ एक्सपेरीमेंट करूं. इसके अलावा में नीति मोहन के लिए संगीत कंपोज करना और उनके साथ गाना चाहता हूं.


