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इंदौर में झमाझम, निचली बस्तियों में भरा पानी, दो पुल हुए क्षतिग्रस्त
कुल आंकड़ा पहुंचा 30 इंच पार
इंदौर. शहर में लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर मानसून ने दस्तक दी. शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार रात तक जारी रहा है. शुक्रवार रात जहां जोरदार बारिश हुई और लगभग 9 घंटों में 3 इंच बारिश हो गई. वहीं शनिवार को दिनभर बारिश का दौर चलता रहा. कभी तेज तो कभी धीमे बारिश होती रही.

इस कुल साढ़े चार इंच बारिश हो गई. इस मौसम की यह सबसे तेज बारिश थी जिसके कारण शहर की सड़कें जलमग्न हो गई. कई मुख्य मार्गों पर भी पानी भर गया वहीं निचली बस्तियां भी जलमग्म हो गई. तेज बारिश को देखते हुए नगर निगम ने अलर्ट जारी कर दिया था. मौसम विभाग के अनुसार अभी तक कुल 30 इंच बारिश हो चुकी है.
शुक्रवार को शहर पर मानसून मेहरबान हुआ और जमकर बरसा. शुक्रवार शाम से जारी बारिश को दौर शनिवार तक लगातार चलता रहा. शुक्रवार रात तो बादल जमकर बरसे. लगभग 9 घंटों में शनिवार सुबह तक सवा तीन इंच बरस गए. बारिश का यह दौर कभी तेज तो कभी धीमी गति के साथ रात तक जारी रही. लगातार हो रही बारिश के चलते शहर में हर ओर पानी ही पानी हो गया. सड़कों व कॉलोनी-मोहल्लों में पानी भर गया.
मुख्य मार्गों और निचली बस्तियों में तो पानी भरा ही सबसे ज्यादा परेशानी उन क्षेत्रों में हुई है, जहां सड़क ऊंची और घर नीचे हो गए हैं. निर्माणाधीन सड़कों पर भी काफी परेशानी हुई, क्योंकि लोगों के घरों में पानी भर गया. बारिश के चलते शहर के नदी-नाले उफान पर आ गए और तालाबों का जलस्तर भी बढ़ गया.
साथ ही कई जगह पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं. भारी की बारिश की वजह से शहर का हाल बेहाल हो गया. मौसम विभाग के अनुसार अभी तक कुल 764.5 मिमी. यानि 30 इंच बारिश हो चुकी है. जो कि औसत से अभी भी चार इंच कम है.

निगम का अलर्ट
शहर में बिगड़ते हालात को संभालने के लिए नगर निगम द्वारा अलर्ट जारी कर दिया गया है. निगम द्वारा अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा गया है कि जलजमाव वाले क्षेत्रों में जाकर मैदानी तौर पर कार्रवाई करें. जहां भी पानी रुक रहा है, वहां निकासी की व्यवस्था करें. महापौर मालिनी गौड़ और आयुक्त आशीष सिंह ने अफसरो को अलर्ट करने के साथ निचली व पिछड़ी बस्तियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यक संसाधन रखने के साथ लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए. उन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए, जहां विकास कार्य चल रहे हैं.
कई कॉलोनियां हुईं प्रभावित

लगातार बारिश की वजह से शहर की कई कॉलोनियां प्रभावित हुई. यहां पर्याप्त पानी निकासी की व्यवस्था न होने से इन कॉलोनियों की सड़कें तालाब बन गईं और कुछ घरों में पानी भर गया. इनमें मुख्य रुप से खजराना, आजाद नगर, चंदन नगर, पंढरीनाथ, जूनी इंदौर, भागीरथपुरा, कुलकर्णी का भ_ा, बाणगंगा क्षेत्र की कॉलोनियां, पीलिया खाल, मूयर नगर, मूसाखेड़ी आदि जगह हैं. इसके साथ ही बीआरटीएस भी लबालब हो गया. इस कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई.
कई इलाकों में गुल हुई बिजली
बारिश शुरू होते ही कई कॉलोनियों में बत्ती गुल हो गई. बिजली लाइन और ट्रांसफॉमर फॉल्ट होने से यह समस्या हुई. बिजली गुल होने की शिकायत लोगों ने जब टोल फ्री नंबर 1912 और संबंधित जोनल ऑफिस पर करना चाही, तो जिम्मेदारों ने फोन नहीं उठाए, कई कॉलोनियों में आज सुबह भी लाइट नहीं आई.
तालाबों के हाल
– यशवंत सागर: क्षमता 19 फीट, भरा 19 फीट 2 इंच।
– बड़ी बिलावली तालाब: क्षमता 34 फीट, भरा 16 फीट 7 इंच
– छोटी बिलावली तालाब : क्षमता 12 फीट, भरा- खाली
– बड़ा सिरपुर तालाब: क्षमता 16 फीट, भरा- 9 फीट
– छोटा सिरपुर तालाब: क्षमता 13 फीट, भरा- 10 फीट
– पीपल्यापाला तालाब: क्षमता 22 फीट, भरा- 9 फीट
– लिंबोदी तालाब: क्षमता 16 फीट, भरा- 2 फीट 6 इंच
सालों पुराना पुल हुआ क्षतिग्रस्त

इंदौर. भारी बारिश के चलते शहर के दो पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए. व्यापारीक क्षेत्र स्थित जवाहर मार्ग पर प्रेमसुख टॉकीज के समीप स्थित सालों पुराना पुल क्षतिग्रस्त होता हुआ नजर आया. इस पुल के पिलर से मलवा निकल कर गिरने लगा, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. तत्काल इस बात की सूचना नागरिकों के द्वारा नगर निगम के अधिकारियों और पुलिस विभाग को दी गई. यह सूचना मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और जवाहर मार्ग पर नंदलालपुरा से प्रेमसुख टॉकीज की ओर जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया. इस रास्ते पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है. वहीं, परदेशीपुरा के कल्याण मिल क्षेत्र से जोडऩे वाला कुलकर्णी भट्टे पुल का मध्य हिस्सा तेज बारिश में बह गया. हालांकि पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ था इसके चलते यहां यातायात पहले से ही रुका हुआ था इसलिए कोई हादसा नहीं हुआ. पुल ढहने का कारण पोकलेन मशीन भी पानी में चली गई. पुल बहने की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम के साथ ही पुल निर्माण कार्य में लगे इंजिनियर और मजदूर मौके पर पहुंच गए थे.

महापौर ने अधिकारियो से की सेट पर वन टू वन चर्चा
इन्दौर.तिेज बारिश को दृष्टिगत रखते हुए, महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड द्वारा निगम कंटोल रूम से ही निगम के समस्त झोनल अधिकारियो से वन टू वन सेट पर चर्चा कर, बारिश के दौरान आने वाली शिकायतो के संबंध में चर्चा की गई. साथ ही आने वाली शिकायतो के समाधान की भी जानकारी ली गर्ई. इस मौके पर अपर आयुक्त संतोष टैगोर, संदीप सोनी व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे. महापौर श्रीमती गौड ने कंट्रोल रूम से सेट पर समस्त झोनल अधिकारियों से निचली बस्तियों व जल जमाव वाले क्षेत्रो में जल निकासी के निर्देश दिये गये. इसके साथ ही झोनल अधिकारी को यह भी निर्देशित किया गया कि वह अपने झोन क्षेत्र अंतर्गत आने वाली निचली बस्तियो जहां पर पानी भर गया है, उसको आपात स्थिति में यदि रहवासियो को स्कुल, धर्मशाला, कम्युनिटी हॉल आदि शिफट किया जा रहा है तो उनके लिये आवश्यक व्यवस्था भी करे।
कुलकर्णी भटटा व हरसिद्धी क्षेत्र का निरीक्षण
महापौर श्रीमती मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड व जलकार्य प्रभारी बलराम वर्मा द्वारा विगम रात्रि हो रही बारिश को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियो के साथ कुलकर्णी भटटा व हरसिद्धी क्षेत्र का निरीक्षण किया गया. महापौर व जलर्कार्य प्रभारी द्वारा निरीक्षण के दौरान कुलकर्णी भटटा पुल के क्षतिग्रस्त होने पर क्षेत्रीय नागरिको से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियो को निर्देशित किया गया कि पुल पर सतत निगरानी रखते आपत स्थिति में रहवासियो को शिफट करना हो तो तत्काल उनको ठहराने के लिये स्थान पहले से ही देखकर रखे और स्थान पर पानी, प्रकाश व अन्य आवश्यक व्यवस्था करना सुनिश्चित करे.
आयुक्त ने दिये आवश्यक कार्यवाही के निर्देश
आयुक्त आशीष सिंह द्वारा प्रातकाल में सेट पर अधिकारियो को जल जमाव वाले क्षेत्रो में कार्यवाही करने व आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिये गये. उन्होंने समस्त झोनल अधिकारियों व झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में जल जमाव वाले क्षेत्रो में पानी निकासी कार्यवाही करने तथा स्टॉम वॉटर लाईन के पॉइन्ट चेक करवाने तथा लाईन में किसी प्रकार की कोई बाधा है तो उसे हटाकर जल निकासी कार्य तेजी से कराने के निर्देश दिये गये. साथ ही समस्त झोनल अधिकारियेा व झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारियो को अपने-अपने क्षेत्रो में भ्रमण करने के निर्देश दिये.


