- बारिश के मौसम की बीमारियों पर ‘हेलो डॉक्टर’ में डॉ. ए.के. द्विवेदी देंगे स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
- The Reinvention of Rohit Saraf - From Rom-com's Mismatched to the Patriotic The Revolutionaries
- THE LOVE HYPOTHESIS Official Trailer | Starring Lili Reinhart and Tom Bateman
- Pratibha Ranta Packs a Solid Punch in the Gripping Trailer of The Revolutionaries
- जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने मोबिलिटी के भविष्य की फिर लिखी परिभाषा एमजी हेक्टर टोमहॉक को EV और PHEV में लॉन्च किया
एक्शन फिल्म डायरेक्ट करना चाहता हूं: इम्तियाज अली
इंदौर. अभी तक मैंने प्रेम कहानियां निर्देशित की है लेकिन अब मैं एक्शन फिल्म डायरेक्ट करना चाहता हूं. वैसे मेरी इच्छा थी कि दिलीप कुमार साहब को निर्देशित कर सकूं लेकिन अभी तो निर्देशन के लिए रणबीर कपूर ही जेहन में आते हैं.
यह कहना है जानेमाने फिल्म लेखक और निर्देशक इम्तियाज अली का. वे शुक्रवार को फिल्म लैला मजनूं के प्रमोशन के लिए शहर में थे. उनके साथ फिल्म के निर्देशक उनके भाई साजिद अली, अभिनेता अभिनेता अविनाश तिवारी और अभिनेत्री तृप्ति डीमरी भी थी. उन्होंने फिल्म और जीवन से जुड़े हुए पहलुओं पर चर्चा की.
फिल्म के विषय में इम्तियाद ने बताया कि ये मॉडर्न स्टाइल में लैला मजनूं का कहानी है. यह ऐसी कहानी है जो हर युग में चलती है और सर्वकालिक है. इसलिए हमने इसे बनाया है. फिल्म में स्क्रिप्ट मेरी है और क्रिएटिव सुपरवाइजर हूं. फिल्म में ग्लैमर कम और इंटेनसिटी ज्यादा है. कहानी में कहीं भी बनावटीपन नहीं लगेगा. फिल्म के किरदार भी वास्तविक लगेंगे. फिल्म की शूटिंग कश्मीर में की गई है. कश्मीर में करने का कारण यह रहा कि वहां आज भी लगता है कि 30 साल पुराने भारत में आ गए हैं. वह जगह भी सुंदर है और लोग भी उतने ही सुंदर है. उन्होंने कहा कि मुझे नये लोगों के साथ काम करने में मजा आता है
बचपन से ही थी थियेटर में रूचि
इम्तियाद ने बताया कि मुझे बचपन से ही थियेटर और लिखने में रूचि रही. इसमें खास बात यह रही कि उन दिनों में अपने दोस्तों को निर्देशित भी करता था. इसलिए थियेटर में एक्टिंग के साथ निर्देशन का काम भी हो जाता था. एक फिल्म में काम करने के बाद मैंने यह समझ लिया था कि दो नाव में सवार नहीं हुआ जा सकता. मैंने तब लिखने और निर्देशन करने का निर्णय लिया. चूंकि मैं एक्टर भी हूं इसलिए मुझे पता होता है कि एक्टर से कैसे काम करवाना है.
लोग लंबे समय तक पसंद करें
उन्होंने कहा कि फिल्म बनाते और लिखते समय जेहन में यही मकसद होता है कि लोगों को देखने में मजा आए. साथ ही कोशिश होती है कि फिल्म लंबे समय तक लोगों की पसंद बनी रहे और आने वाले सालों में लोग उसे देखें. अभी मैं चार और कहानियां लिख रहा हूं. उन्होंने बताया मेरा मानना है कि आम लोगों में ही कहानियां होती है. वहीं से मुझे प्रेरणा मिलती है. मेरा लेखन और फिल्में आम आदमी से जुड़ा हुआ है. मेरी फिल्मों में प्रेम कहानियां इसलिए अधिक होती है क्योंकि लड़कियों में मेरी रूचि रही है. प्रेम को समझता हूं.
खुद की स्टोरी को निर्देशित करना आसान
निर्देशक साजिद अली ने बताया कि इस फिल्म को निर्देशन करने में मुझे लैला मजनूं जैसी टाइमलेस स्टोरी को देखने और समझने का मौका मिला. फिल्म में कोशिश भी यही रही कि कहानी में कुछ नयापन न दिखे सिवाए माहौल के. लेकिन हम कहानी से पूरी तरह जुड़े रहे. मेरी फिल्म में कलाकार नये है क्योंकि मैं भी निर्देशन में नया हूं. मैं खुद ही नहीं चाह रहा था कि किसी बड़े कलाकार के साथ काम करूं. साजिद ने बताया कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि फिल्म निर्देशित करूंगा. भाई के कहने पर मीडिया स्टडीज की. लिखने का शौक था और लेखक ही बनना चाहता था. मैंने 3-4 फिल्म लिखी जो बनी नहीं और एक रिलीज नहीं हुई. एक निर्देशक ने कहा कि तुम खुद अपनी कहानी निर्देशित करो. इसके बाद मैंने कॉकटेल फिल्म के डॉयलाग लिखे और अब ये फिल्म निर्देशित कर रहा हूं. मेरा मानना है कि खुद की स्टोरी को निर्देशित करना आसान होता है. मुझे सोशियो-पॉलिटिकल विषय अच्छे लगते हैं.
मजनूं का किरदार रहा मुश्किल: अविनाश
अभिनेता अविनाश तिवारी ने कहा कि एकता और इम्तियाज सर के साथ काम करना मेरे लिए सपने से बढ़कर है. इस किरदार को करना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल रहा क्योंकि यह मेरा खुद से खुदा तक जैसा सफर था. अविनाश ने आगे बताया कि स्कूल के दिनों से ही ड्रामा का शौक था. जब इंजीनियरिंग कर रहा था तो थियेटर भी ज्वाइन कर लिया और मुझे विश्वास हो गया कि यही करना है. मैंने न्यूयार्क जाकर फिल्म की ट्रेनिंग ली. ट्रेनिंग के बाद वापस आया तो लेख टंडन ने मुझे डीडी पर पहला मौका दिया. इसके बाद एक सीरियल युद्ध अमिताभ के साथ किया. हालांकि मुझे कभी टीवी करना नहीं था लेकिन ये प्रोजेक्ट अच्छे थे. मेरा फिल्मों पर भी फोकस है और जो काम मिलेगा वो अभी मैं करूंगा. उन्होंने कहा कि मेरा कोई आइडल नहीं है. मुझे एक्टिंग करना पसंद है, नकल करना नहीं.
कश्मीरी एक्सेंट सीखा: तृप्ति
अभिनेत्री तृप्ति डीमरी ने कहा कि फिल्म के लिए मैंने दो बार ऑडिशन दिए. पहली बार तो रिजेक्ट हो गई थी. दूसरी बार जब सहेली के साथ गई तो उन्होंने मुझे फिर ऑडिशन देने को कहा और मेरा सिलेक्शन हो गया. यह खबर मुझे मेरा जन्मदिन पर मिली थी. फिल्म के लिए मैंने कश्मीरी एक्सेंट भी सीखा. साजिद सर ने एक्टिंग मैं मेरी काफी मदद की. तृप्ति ने बताया कि बचपन से टीवी और फिल्में में दिखने की चाह थी. मैंने मॉडलिंग की और एक यू ट्यूब चैनल के लिए काम भी किया. यह मेरा पहला बड़ा प्रोजेक्ट है. माधुरी मेरी फेवरेट है और मैं अलग-अगल तरह के किरदार करना चाहती हूं.


