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इंदौर के सांची मुख्य संयंत्र में 3.53 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ आइस्क्रीम प्लांट
जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने किया शुभारंभ
इंदौर. इंदौर स्थित सांची दुग्ध संघ के मुख्य संयंत्र में 3.53 करोड रुपए की लागत से आइसक्रीम प्लांट तैयार किया गया है। जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने आज इस आइसक्रीम प्लांट का शुभारंभ किया।
इस दौरान इंदौर दुग्ध संघ के अध्यक्ष श्री मोतीसिंह पटेल, इंदौर दुग्ध संघ के संचालक गण श्री रामेश्वर गुर्जर,श्री कृपाल सिंह सेंधव,श्री विक्रम मुकाती, श्री प्रहलाद पटेल,श्री सुरेश पटेल,श्री रामेश्वर रघुवंशि ,श्री किशोर परिहार ,श्री महेंद्र चौधरी , श्री राजेन्द्र सिंह पटेल आदि उपस्थित थे।
बताया गया कि, आइसक्रीम प्लांट का शुभारंभ मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह में किया जाना था ,परंतु लॉकडाउन के कारण यह सम्पन्न नही हो सका।
इस उपलक्ष्य में दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए .एन. द्विवेदी द्वारा संघ की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई।श्री मोती सिंह पटेल द्वारा अपने उदबोधन में अवगत कराया गया कि, मध्यप्रदेश के समस्त दुग्ध संघो में इंदौर दुग्ध संघ ही दूध एवं क्रीम से रियल मिल्क आइस क्रीम का निर्माण करेगा।

संघ द्वारा निर्मित रियल मिल्क आइसक्रीम पूरे प्रदेश में विक्रय के लिए उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान दुग्ध संघ में स्टॉक हुये 65 करोड़ रुपये के दूध पावडर , मक्खन के विक्रय नही होने के कारण हो रही हानि के सम्बंध में भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर श्री सिलावट द्वारा दुग्ध संघ के अध्यक्ष एवं अधिकारियों से आग्रह किया कि, प्रदेश की जनता को पूर्व से साँची के उत्पाद बन रहे है उसी प्रकार उच्च गुणवत्ता की आइसक्रीम भी उपलब्ध करवाए। जिससे पूरे प्रदेश मे सांची ब्रांड आइस क्रीम की विश्वनीयता बनी रहे।
साथ ही उन्होंने यह भी आशवासन दिया कि वे दुग्ध संघ को दुग्ध पावडर एवं मक्खन के स्टॉक विक्रय नही होने से होने वाली हानि को राज्य शासन से पूर्ति करवाने के प्रयास करेंगे। बताया गया कि, प्लांट में प्रतिदिन 2 हजार लीटर आइस्क्रीम बनाने की क्षमता है। यहां वेनिला, स्ट्राबेरी, बटरस्कॉच, चॉकलेट, केशर, पिश्ता फ्लेवर में आइसक्रीम उपलब्ध होगी।


