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भाजपा ने राजमाताजी सिंधिया की 100वीं जयंती मनाई
इंदौर. राजमाता साहब ने भारतीय जनता पार्टी संगठन में मातृत्व भाव को परिभाषित करने का काम का किया. राजमाता साहब में करूणा के भाव के साथ शूरवीर की ललकार भी थी, उन्होनें विशाल हृदय की कल्पना से समाज के प्रति देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए परिवार का भी ध्यान रखा.
यह बात केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कही. वे आज आज राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जयंती के अवसर पर अमरदास हॉल में व्याख्यान व कमल शक्ति संवाद में संबोधित कर रही थी. उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय कैदी नम्बर 2265 रहते हुए आपने जेल की कोठरी में बिताये जिनके चरणों में पूरा राज घराना व रजवाड़ा नमन करता हो, लेकिन उन्होंने आपातकाल में सत्ताधारियों के खिलाफ स्वाभिमान के साथ जेल जाना पसंद किया.
राजमाता साहब से जेल में जब परिवारजन मिलने आते थे कुछ सामग्री लाते थे तो वे परिवार जनों से कहती थी कि गरीब महिलाओं के बच्चों का ध्यान रखते हुए यह सामग्री उन्हें देकर उनकी मदद करें. हम सभी को उनके विचारों को आत्मसात करते हुए अपने जीवन से जोडऩा चाहिए, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धा होगी.
सम्मान भी किया
भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती पदमा भोजे, श्रीमती अंजू माखीजा, श्रीमती रचना गुप्ता ने बताया कि इस अवसर पर उन्होंने कमल शक्ति संवाद के तहत विभिन्न सामाजिक संगठनों से आयी महिला पदाधिकारियों के जवाब भी दिये. कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष श्री गोपीकृष्ण नेमा, महापौर श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक सुश्री उषा ठाकुर, श्रीमती रचना गुप्ता, श्रीमती मुद्रा शास्त्री ने भी राजमाता को याद करते हुए अपने विचार रखें.
इस अवसर पर श्रीमती रीतु ग्रोवर व श्रीमती रेखा जैन का अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर श्रीमती स्मृति ईरानी ने स्वागत व सम्मान किया. कार्यक्रम में श्री कृष्णमुरारी मोघे, श्री शंकर लालवानी, डॉ. उमाशशि शर्मा, श्रीमती ज्योति पंडित, डॉ. श्रद्धा दुबे, अनिता व्यास, श्रीमती ज्योति तोमर सहित लॉयंस क्लब, रोटरी क्लब, जैन समाज, वाल्मिकी समाज, ब्राम्हण समाज सहित अन्य सामाजिक संगठनों की महिला पदाधिकारी भी उपस्थित थी।


