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आई.आई.एम.यू.एन. इंदौर कॉन्फ्रेंस 2026 का आगाज़
इंदौर, 17 अप्रैल, 2026: इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आई.आई.एम.यू.एन.),जो विश्व के सबसे बड़े युवा-नेतृत्व वाले गैर-लाभकारी संगठनों में से एक है, अपनी 15 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव का जश्न मना रहा है। वर्ष 2011 में स्थापित इस संगठन का उद्देश्य ‘विचार-विमर्श, संवाद और सम्मेलनों के माध्यम से भारत के विचार को विश्वभर में फैलाकर दुनिया को एकजुट करना’ रहा है। आज यह संगठन 40 देशों के 275 से अधिक शहरों तक पहुँच स्थापित कर चुका है और 13 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 7.5 करोड़ से अधिक छात्रों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर चुका है।
इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए, आई.आई.एम.यू.एन. इंदौर सम्मेलन 2026 का आयोजन द मिलेनियम स्कूल में 17 अप्रैल, 2026 से शुरू हुआ, जो कि 19 अप्रैल, 2026 तक चलेगा। यह तीन दिवसीय सम्मेलन क्षेत्र भर के छात्रों को एक मंच पर लाने का सार्थक माध्यम है, जहाँ वे मॉडल यूनाइटेड नेशंस (एमयूएन) के माध्यम से विचारोत्तेजक चर्चाओं में भाग लेंगे और समकालीन राष्ट्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों पर भारतीय दृष्टिकोण से विचार-विमर्श करेंगे। “बिना शोर किए नेतृत्व निर्माण” की विचारधारा पर आधारित यह सम्मेलन ऐसे ‘ग्लोकल’ नागरिकों को विकसित करने का लक्ष्य रखता है, जो वैश्विक सोच के साथ भारतीय मूल्यों में निहित हों।
इस सम्मेलन में विशिष्ट अतिथियों के रूप में राजदूत श्री विकास स्वरूप, पूर्व कनाडा उच्चायुक्त एवं आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग से जुड़े प्रतिष्ठित राजनयिक तथा आईएएस श्री अनिल स्वरूप, भारत सरकार के कोयला एवं शिक्षा मंत्रालय के पूर्व सचिव एवं श्री अक्षय कांति बाम, संस्थापक एवं अध्यक्ष, इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। उनके अनुभव और विचार प्रतिभागियों को कूटनीति और प्रशासन के क्षेत्र में गहन समझ प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 17 अप्रैल को सायं 4:00 बजे उद्घाटन समारोह से हुई, जिसके पश्चात दो दिनों तक विभिन्न समितियों में गहन चर्चा, संवाद और सामूहिक समस्या-समाधान की प्रक्रिया चलेगी। दूसरे दिन की शुरुआत एक ऊर्जावान योग सत्र से होगी, जो आई.आई.एम.यू.एन. के समग्र विकास के दृष्टिकोण को दर्शाता है, इसके बाद विभिन्न समितियों में विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का समापन 19 अप्रैल को सायं 4:00 बजे समापन समारोह के साथ होगा।
इस वर्ष की समितियाँ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक मुद्दों के संतुलन को दर्शाती हैं। प्रतिभागी कृषि विविधीकरण और किसान कल्याण, स्वदेशी तकनीकी विकास, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा, भारत के विमानन क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे, साथ ही भोपाल गैस त्रासदी जैसे ऐतिहासिक घटनाओं का पुनः विश्लेषण भी करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा, संप्रभु ऋण संकट, साइबर बुलिंग और भू-राजनीतिक विषयों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन, इकोसोक, यूनिसेफ और यूएनजीए जैसे प्रमुख मंचों के अंतर्गत चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त इन्फ्लुएंसर समिट, आईसीआईजे और आईपीएल मेगा ऑक्शन 2026 जैसी अनूठी समितियाँ सम्मेलन को और अधिक गतिशील एवं युवाओं के लिए प्रासंगिक बनाएँगी।
आई.आई.एम.यू.एन. की शक्ति उसके प्रतिष्ठित सलाहकार मंडल में निहित है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तित्व शामिल हैं। इनमें डॉ. शशि थरूर, श्री अजय पीरामल, श्री दीपक पारेख, श्री करण जौहर, श्री नादिर गोदरेज, श्री हर्ष मारीवाला, सुश्री पी. टी. उषा तथा श्री जयंत सिन्हा जैसे नाम प्रमुख हैं, साथ ही सशस्त्र बलों के पूर्व प्रमुख भी इस मंच से जुड़े रहे हैं। उनके मार्गदर्शन ने संगठन की दिशा और प्रभाव को सुदृढ़ बनाया है।
पिछले 15 वर्षों में 30,000 से अधिक युवा इस संगठन की यात्रा का हिस्सा रहे हैं, जिनमें से कई आज शासन, व्यवसाय, कला और सार्वजनिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। 34,000 से अधिक वक्ताओं, जिनमें राष्ट्राध्यक्ष, नोबेल पुरस्कार विजेता और वैश्विक विचारक शामिल हैं, ने इस मंच को समृद्ध किया है, जिससे आई.आई.एम.यू.एन. वैश्विक स्तर पर युवा नेतृत्व को नई दिशा देता रहा है।
कुल मिलाकर, आई.आई.एम.यू.एन. इंदौर 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बनने जा रहा है, जो युवाओं को गहराई से सोचने, सार्थक संवाद करने और जिम्मेदार वैश्विक नागरिक के रूप में उभरने के लिए प्रेरित करेगा, जो भारत की मूल भावना से जुड़े हों और विश्व मंच पर नेतृत्व करने के लिए तैयार हों।


