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अक्षरधाम की प्रतिकृति में विराजेंगे इंदौर के राजा
13 को विराजेगी 21 फिट की भगवान गणेश प्रतिमा, पाण्डाल से लेकर प्रतिमा सब कुछ इकोफ्रेंडली, हर वस्तु का होगा रियूज
इंदौर। शंख ध्वनी के साथ विद्वान आचार्यो एवं बटुकों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अक्षरधाम की प्रतिकृत के 151 फीट उपर लहराने वाली केसरियां ध्वजा का पूजन किया गया। आस्था और उल्लास भरे माहोल में विजय नगर चोराहे से जो भी गुजरा सहज ही इस ओर आकर अक्षरधाम की प्रतिकृति को निहारने लग जाता है सैकडों श्रद्धालु इस प्रतिक्रती का देखने के लिए आ रहे है।
आलोक दुबे फाउंडेशन के मध्यभारत के सबसे चर्चीत गणेशोत्सव इंदौर का राजा शुरूआत से ही चर्चा का विषय रहा है। पाचवें वर्ष में शहर के पूर्वी क्षेत्र विजय नगर पर हो रहे आयोजन के लिए पत्रकारा वार्ता में आलोक दुबे ने बातया कि इस बार गुजरात गांधीनगर स्थित अक्षमरधाम मंदिर की हुबहु प्रतिकृती में 21 फिट की भगवान गणेश की प्रतिमा को विराजित किया जाएगा। पाण्डाल से लेकर प्रतिमा सब कुछ पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इकोफ्र्रेंडली बनाया गया है।
100 बाय 125 स्केयर फिट में बना आलोकिक महल
आयोजक आलोक दुबे ने बताया कि विजय नगर चैराहे के समीप सवालाख स्केयरफिट स्थान पर 10 दिनी गणेशोत्सव में 50 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल होने का अनुमान है। इस आयोजन में इस बार सबसे ज्यादा चर्चा गुजरात के अक्षरधाम मंदिर की प्रतिकृती को लेकर शहर व अन्य स्थानों से उत्सुकताए देखी जा रही है इस विशाल 100 बाय 125 के स्ट्रक्चर को बनाने में बंगाल के ख्यात 90 कारिगरों ने विगत एक माह में प्रतिदिन 16 से 18 घंटे श्रम कर इस अद्भूत आलोकिक प्रतिकृती को तैयार किया है जिसको की देखने वालों का शाम होते ही ताता लग रहा है।
इस प्रतिकृती में मुख्य द्वारा 15 बाय 40 का विशाल मुख्य द्वार है जिसमें होकर ही महलनुमा मंदिर के अंदर प्रवेश होगा। अंदर गर्भगृह में प्रवेश करते ही श्रदृधालुओं को आस्था भक्ति के साथ कलाकारों की विविभन्न कृतियों के दर्शन हो रहे है, 30 बाय 90 का गभृग्रह देखने में महल जैसा है, जिसमें थर्माकोल की विशिष्ठ कलाकारी छत पर तीन विशाल झूमर हुबहू अक्षरधाम मंदिर की याद ताजा करेगे तो छत पर लेगे तीन बडे स्टार नुमा आक्रती देखते ही बन रही है l
इसके साथ छत व दिवारों जोडने वाली मे हराब और उसके लगे मयूर पंख की कलाकारी भी अद्भूत है, यही नही यहां बनी दिवारो पर स्वागत करती मूर्तीया एक दुसरे का सत्कार कर रही है वही रोशनदान देखने वालों को अलग ही अनुभव देगे। इसके साथ ही कमलपुष्प पर कलश की छवीया भी देखते ही बन रही है। हर कृति की अपनी अलग-मुद्रा में है इसके साथ प्रकाश व्यवस्था का समागम भगवान के दर्शनों के लिए आने वाले लाखो श्रद्धालुओं को अपनी ओर मोहने में कोई कसर बाकी नही रखेगा। इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि इस आयोजन में किसी प्रकार जनसहयोग नहीं लिया जाता है।
10 हजार रनिंग मिटर कपडा, 21 हजार बांस, 101 बल्लियां, 2 ट्रक थर्माकोल
आयोजक आलोक दुबे ने बाताया कि इस मनमोहक प्रतिकृती के निर्माण में जो भी सामान लग रहा है उसका पूरा पुनः उपयोग होगा और पर्यावरण संरक्षण का इस पूरे आयेाजन में विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मनमोहक प्रतिकृति के निर्माण में 10 हजार रनिंग मिटर कपडे कार्यक्रम के बाद जरूरत मंद बच्चों के कपडे बनाए जाएगे। 21 हजार बांस 101 बल्ल्यिां पुनः काम में आ जाएगी वही थर्माकोल की कटिंग वेस्टेज एवं निर्मित कृतिंया सब कुछ वापस कपनी ले जाएगी रिसायकल करेगी। इसके साथ ही यहा विराजीत होने वाली 21 फिट भगवान गणेश की प्रतिमा भी मिट्रटी और घास से निर्मीत है जिसका विसर्जन भी इसी स्थान पर किया जाएगा।
21 अग्नीशमन यंत्र के साथ कार्यकर्ता रहेगे तैयार
आलोक दुबे ने बताया कि इस विशाल आयेाजन में हर व्यवस्था को चुस्त दुरूत किया गया है प्रवेश के लिए 2 द्वार होगे वही आकस्मीक घटना से निपटने के लिए हर प्रकार के इंतजाम किए गए है इसके लिए 21 अग्निीशमन यंत्र 24 घंटे इस स्थान पर रहेगे इसके साथ ही यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का10 करोड रूपए का बिमा करवाया गया है। इसके साथ ही सैकडों कार्यकर्ताओं की टीम समुह के रूप में अपने अपने दायित्वों का निर्वाह भी करेगी।
यह आयोजन होगे गणेशोत्सव के 10 दिनों में
आलोक दुने ने बताया कि 10 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभांरभ 13 सिंतबर से होगा प्रथम दिवस विशेष मुहूर्त में पूजन अर्चन कर प्रतिमा स्थापति की जाएगी साथ ही हर दिन रात्रि ठीक 8 बजे महाआरती होगी प्रथम दिवस आरती के बाद निमाडी गीत संध्या, 14 को सुफी भजन संध्या, 15 सितंबर को मां नर्मदा पर नृत्य नाटिका, 16 सितंबर को मलखंब, 17 को धैवत बेण्ड प्रस्तुती, 18 गणपति पर आधारित नृत्य नाटृय, 19 को बच्चों के लिए खास सिंगिंग सुपर स्टार, 20 महिला वाटिया द्वारा सप्तनाद, 21 सितंबर को देश भक्ति गीतों आयोजन, 22 सिंतबर को भजनांजलि का अयोजन किया जाएगा। इसके लिए अक्षरधाम प्रतिकृती के सम्मुख एक विशाल मंच तैयार किया गया है यही पर सामने की ओर हजारों दर्शकों के बैठने की विशेष व्यवस्था होगी।
प्रसादी की जगह, जरूरतमंदों को भोजन
आयोजन आलोक दुबे बताया कि आयोजन में प्रसादी वितरण को विराम देकर एमवाय अस्पताल में मरिजों के परिजनों को भोजन वितरण का कार्यक्रम 10दिनों तक रखा गया है।
इंदौर का तिसरी बार नं 1 बनाने के लिए जागरूकता स्टाल आलोक दुबे ने बताया कि हमारे फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ आयोजन करना ही नही संदेश देना ही पर्यावरण के प्रति और जिस शहर में रह रहे है उसके प्रति जवाबदारी रखते हुए हम इस आयेाजन के द्वारान् इंदौर को देश में तिसरी बात नं 1 बनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाएगे इसमें स्टाल पर कार्यकर्ता श्रद्धालुओं को जानकारी देगे इस काम में नगर निगम इंदौर के साथ जागरूकता का अयोजन भी 10 दिनों तक चलेगा।वही दर्शनार्थीयों को धर में खाद बनाने के साथ स्वच्छता का संकलप दिलाया जाएगा। लक्ष्य 50 हजार निर्धारित किया गया है। गत वर्ष 30 हजार लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया गया था इसका संपूर्ण रिकार्ड आलोक दुबे पफाउंडेशन के पास है कोई संस्या चाहे तो डाटा शेयर भी कर सकती है।


