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इंदौर के राजा सर्वक्षेष्ठ अस्थाई गणपति पाण्डाल में दर्ज
वर्ल्ड बुक आफ रिकार्डस् लंदन ने किया सम्मान
इंदौर. गणेशोत्सव इंदौर के राजा की ख्याती नए रिकार्ड दर्ज कर रही है दर्शनों के लिए शहर ही नहीं प्रदेश के अनेक स्थानों से दर्शनों का क्रम लगातार जारी है. इसके साथ ही वल्र्ड बुक आफ रिकार्डस लंदन यूके ने विश्व के सबसे बडे अस्थाई गणपति पाण्डाल के रूप में अक्षरधाम की प्रतिकृती को चुन लिया है. फिल्म अभिनेता रजामुराद एवं वल्र्ड बुक रिकार्ड के अधिकारियों ने आलोक दुबे पफाउंडेशन को 4 फिट का आवार्ड प्रदान किया.
आलोक दुबे फाउंडेशन द्वारा पूर्वी क्षेत्र विजयनगर चैराहे पर गुजरात अक्षरधाम की प्रतिकृती के रूप में बनाए अस्थाई गणपति पाण्डाल दर्शनों के लिए लाखों श्रद्धालु रोज पहुच रहे है। अल सुबह से ही दर्शनों का क्रम देर रात तक जारी रहता है। शाम 6 बजे बाद महलनुमा गभृग्रह में पवेश शुरू होता है यहां की नक्काशी देखने को हर किसी के मुह से वाह ही निकली है.
इस विशाल अक्षरधाम की प्रतिकृती कों विश्व के अस्थाई गणपति पाण्डाल में वर्ल्ड बुक आफ रिकार्डस में दर्ज किया गया है जिसका का विधिवत प्रशस्ति पत्र भारत में इनके प्रतिनिधी एवं वेरीफिकेशन हेड संतोष शुक्ला एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिती में रविवार को अक्षरधाम की प्रतिकृती के सम्मुख प्रदान किया गया.
वल्र्ड बुक आफ रिकार्ड लंदन में भारत के प्रतिनिधि एवं वेरीपिफकेशन हेड एड संतोष शुक्ला ने बताया कि इंदौर में बनी अक्षरधाम मंदिर की हुबहु प्रतिकृति में पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है जो की अनुकरणी पहल है.
इस विशाल पाण्डाल में 21 हजार बांस, 10 हजार रनिंग मीटर कपडा एवं 2 ट्रक थर्माकोल लगा है इतनी बडी मात्रा में सामग्री का उपयोग विश्व में किसी अस्थाई पाण्डाल के लिए नही होता है । इसी बात के मद्देनजर आलोक दुबे फाउंडेशन को 16 सिंतबर को प्रशस्ति पत्र इस आशय का प्रदान किया गया.


