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जयदीप अहलावत, आदर्श गौरव से लेकर आशीष वर्मा तक: साइड रोल से लीड एक्टर्स बनने वाले कलाकार
पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड में एक खास बदलाव देखने को मिला है, जहां सहायक भूमिकाएं निभाने वाले कलाकार अब मुख्य भूमिका में नज़र आ रहे हैं। ये न केवल पूरी फिल्म या शो को अपने कंधों पर उठाए हुए हैं, बल्कि अनपेक्षित और साहसिक चुनावों के ज़रिए बॉलीवुड की रीढ़ भी बन गए हैं। आइए नज़र डालते हैं उन 6 प्रमुख अभिनेताओं पर जिन्होंने सहायक भूमिकाओं से लीड एक्टर्स तक का तेज़ी से सफर तय किया।
जयदीप अहलावत: गैंग्स ऑफ़ वासेपुर में सहायक किरदार से शुरुआत करने वाले जयदीप अहलावत आज भी हर भूमिका में शो चुरा लेते हैं। पाताल लोक, महाराज से लेकर ज्वेल थीफ़ तक, उन्होंने खुद को एक दमदार परफ़ॉर्मर के रूप में स्थापित कर लिया है, जो पूरी कहानी अपने कंधों पर ले जाते हैं।
विजय वर्मा: पिंक में सहायक खलनायक और गली बॉय में दोस्त की भूमिका निभाकर विजय वर्मा ने साबित कर दिया था कि उनमें अपार संभावनाएँ हैं। आज वे जाने जां, दहाड़, डार्लिंग्स जैसी साहसिक परियोजनाओं के लीड बन चुके हैं। उनकी बहुमुखी प्रतिभा साफ दिखाती है कि आने वाले समय में भी वे और बड़े किरदार निभाते नज़र आएंगे।
आशीष वर्मा: अतरंगी रे, तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया, सुई धागा जैसी फिल्मों में साइड रोल निभाने वाले आशीष वर्मा ने हाल ही में अपने करियर का अहम मोड़ लिया। अपनी नई वेबसीरीज़ कोर्ट कचहरी में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाकर एक गंभीर और परिपक्व कलाकार के रूप में खुद को साबित किया। उनके प्रदर्शन को सराहना मिल रही है और वे एक ऐसे व्यक्ति का चित्रण करते हैं जो सिस्टम में अपनी जगह तलाश रहा है। यह भूमिका दिखाती है कि वे दमदार कहानियों को अकेले भी आगे बढ़ा सकते हैं।
अभिषेक बनर्जी: स्त्री, अपूर्वा और हाल की रिलीज़ स्टोलन में अपनी अलग-अलग भूमिकाओं से अभिषेक बनर्जी ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का सबूत दिया है। स्त्री जैसी फ्रेंचाइज़ी में कॉमिक और डरावने रोल्स से पहचान बनाने के बाद, स्टोलन में उन्होंने खुद को एक दमदार लीड के तौर पर पेश किया और दर्शकों को अपना नया पक्ष दिखाया।
आदर्श गौरव: होस्टल डेज़ से लेकर सुपरबॉयज़ ऑफ़ मालेगांव तक, आदर्श गौरव ने अपनी अलग पहचान बनाई है। द व्हाइट टाइगर में उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया अभिनय उन्हें वैश्विक स्तर पर लीड अभिनेता के रूप में स्थापित कर गया। वे ज़्यादा प्रभावशाली भूमिकाओं की तलाश में रहते हैं, जो उन्हें और खास बनाती है।
स्पर्श श्रीवास्तव: जामताड़ा से पहचान बनाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने लापता लेडीज़ के ज़रिए खुद को लीड एक्टर के रूप में साबित किया। उनकी सहज और दिल छू लेने वाली परफ़ॉर्मेंस ने यह साफ कर दिया कि वे एक बहुमुखी और होनहार लीड स्टार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।
ये अभिनेता सिर्फ कठिन कहानियों को अपने कंधों पर नहीं उठा रहे, बल्कि हिंदी सिनेमा के बदलते स्वरूप को भी गढ़ रहे हैं, जहां स्क्रीन पर उनके अनपेक्षित चुनाव दर्शकों को नए अनुभव देते हैं।


