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चौबीस दिनी सूर्य मंत्र साधना में लीन हुए जिनमणीप्रभ
इंदौर। महावीरबाग में चातुर्मास व्यतीत कर रहे खरतरगच्छ गच्छाधिपति आचार्य जिनमणि सूरीश्वर जी महाराज 4 अक्टूबर से एकांतवास में सूर्य मंत्र आराधना में लीन हुए। आपकी यह साधना लगातार 24 दिन तक चलेगी। इस दौरान कोई भी उनके दर्शन नही कर पायेगा। साधना में जाने से पूर्व आचार्यश्री ने जीवन मे साधना के महत्व को समझाया।
साधना के लाभार्थी विजय पुष्पा मेहता परिवार द्वारा सुबह महाराजश्री को सूर्य मंत्र प्रतिमा भेंट की। इसके बाद महाराजश्री को गाजे बाजे के साथ परिसर में स्थित साधना स्थल लाया गया। विधिविधान के साथ पूजन के बाद महाराज श्री की 24 दिनी सूर्य मन्त्र साधना प्रारम्भ हुई। 28 अक्टूबर को महाराज श्री श्रावक श्राविकाओं को दर्शन के लिए उपलब्ध होंगे।
इस दौरान महावीरबाग में नियमित प्रवचन श्रृंखला सुबह 9 से 10 बजे तक जारी रहेगी इसमे साधु भगवन मनीष प्रभजी,मुक्ति प्रभजी, मयंक प्रभजी, मेहुल प्रभजी बाल मुनि मलई प्रभ जी व साध्वी श्री दिव्य ज्योति प्रभजी प्रवचन देगे। साधना काल के दौरान महावीरबाग मे रोजाना रात्रि में 8 से 9 बजे तक संघ परिवार के श्रव श्राविकाओं द्वारा नवकार महामन्त्र व दादा गुरुदेव के इकतीसा का पाठ किया जाएगा। लाभार्थी मेहता परिवार की ओर से रोजाना पांच लक्की ड्रॉ भी निकाले जायेगे।
श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ श्रीसंघ एवं चातुर्मास समिति के प्रचार सचिव संजय छांजेड़, जितेंद्र शेखावत एवं चातुर्मास समिति संयोजक छगनराज हुंडिया एवं डूंगरचंद हुंडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि एरोड्रम रोड़ स्थित महावीर बाग में प्रवचन 9 से 10 बजे तक होंगे। बुधवार को महावीर बाग में हुए प्रवचन के दौरान पूनमचंद छाजेड़ सुरेश सकलेचा, सुरेश जोशी, कमल मेहता, जयंती सिंघवी, ओम प्रकाश सिंघवी, मोहन सिंघवी लालन सहित समग्र जैन समाज बंधु मौजूद थे।


