- Toxics Link Welcomes CDSCO’s Nationwide Action Against Toxic Skin-Lightening Products
- bajaj Electricals comes on board as co-Powered by sponsor for Bigg Boss Hindi Season 20
- Rupali Suri, Manushi Chhillar and Malaika Arora Rule the Fashion Game: 3 Style Icons Who Continue to Turn Heads
- From Hathoda Tyagi to Jana: 7 Roles That Show Abhishek Banerjee’s Range
- Rohit Saraf on Undergoing 15-Months of Physical Transformation for The Revolutionaries: I was active, I was fit, but I was definitely not Brad Pitt from Fight Club
जानिये वास्तु दोष निवारण के लिए किस तरह लगाएं घर में झाड़ू
डॉ श्रद्धा सोनी
वैदिक ज्योतिषाचार्य
शास्त्रोनुसार के अनुसार झाडू घर में लक्ष्मी जी का सूचक है क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालता है. इससे घर में सुख-समृद्धि व धन-दौलत आती है. आइए जानें की कैसे-
- नए घर में प्रवेश करने से पूर्व नया झाडू घर में लाना शुभ होता है और पुराना झाड़ू ले जाना अशुभ होता है.
- झाडू के ऊपर पांव नहीं रखना चाहिए इससे लक्ष्मी का अपमान या निरादर होता है.
- घर का कोई छोटा बच्चा अचानक घर में झाडू लगाने लगे तो उसे घर में किसी अनचाहे मेहमान के आने का संकेत समझें.
- सूर्यास्त के उपरांत घर में झाडू नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह व्यक्ति के दुर्भाग्य को निमंत्रण देता है.
- नाश्ता करने से पूर्व झाड़ू अवश्य लगाएं.
- उलटा झाडू रखना अपशकुन माना जाता है.झाड़ू को हमेशा लेटाकर रखना चाहिए. झाड़ू को खड़ा करके रखने पर कलह होता है.
- अंधेरा होने के बाद घर में झाड़ू लगाने से लक्ष्मी नाराज होती है.
- घर का कोई सदस्य बाहर जाए तो तुरंत झाड़ू लगाना अशुभ होता है. उस व्यक्ति को असफलता का सामना करना पड़ता है.
- झाड़ू को घर से बाहर या छत पर नहीं रखें क्योंकि ऐसा करने से घर में चोरी होने का भय होता है.
- झाड़ू प्रत्यक्ष रूप में न रखें बल्कि अप्रत्यक्ष रूप में छिपा कर रखें. जिससे किसी को नजर न आए.
जिस प्रकार धन को छुपाकर रखते हैं उसी प्रकार झाड़ू को भी घर में आने जाने वालों की नज़रों से दूर रखें. वास्तु विज्ञान के अनुसार जो लोग झाड़ू के लिए एक नियत स्थान बनाने की बजाय कहीं भी रख देते हैं, उनके घर में धन का आगमन प्रभावित होता है. इससे आय और व्यय में असंतुलन बना रहता है. आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. - गाय या अन्य किसी भी जानवर को झाड़ू से मार कर घर से न भगाएं इससे महालक्ष्मी आपके घर से नाराज होकर चली जाती है.
ध्यान रखें पूजा घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में झाडू व कूड़ेदान आदि नहीं रखना चाहिए
क्योंकि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में बरकत नहीं रहती है।।।
इस तरह वास्तु दोष को दूर करे पानी का पौछा लगाकर —
1.- सभी लोगों को घरों में साफ-सफाई के साथ ही पानी का पौंछा भी प्रतिदिन लगाया जाता है. पौंछा लगाते समय पानी की बाल्टी में थोड़ा सा सादा नमक या सेंधा नमक डाल देना चाहिए. इस नमक मिले हुए पानी से ही पौंछा लगाना चाहिए. ऐसा प्रतिदिन करें. घर में पूरे फर्श पर ऐसे ही पानी से पौंछा लगाना चाहिए.
2.- वास्तु के अनुसार नमक मिले हुए पानी का पौंछा लगाने से घर में फैली नकारात्मक ऊर्जा निष्क्रीय हो जाती है. सकारात्मक ऊर्जा की बढ़ोतरी होती है. घर-परिवार के सदस्यों पर इसका शुभ प्रभाव पड़ता है. इसके साथ ही धन संबंधी कार्यों में जो रुकावटें आ रही हैं वे भी समाप्त हो जाती हैं.
3.- प्रतिदिन नमक मिले हुए पानी से फर्श साफ किया जाएगा तो फर्श भी एकदम साफ रहेगा. किसी भी प्रकार के कीटाणु पनपते नहीं हैं. ठीक से सफाई न हो तो फर्श पर बीमारी
फैलाने वाले सुक्ष्म कीटाणु पैदा हो सकते हैं. जो कि नमक मिले हुए पानी से नष्ट हो जाते हैं. इससे
घर-परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब होने की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं।।। यदि घर में नकतात्मक्ता का वास है तो करे ये उपाय—–
सामग्री—-पञ्चगव्य ले आये।
फिटकरी।
समुंद्री नमक।
—-किसी भी रविवार को महिला कर्मचारी को अवकाश दे दे। अब पुरे घर की स्वयं सफाई करे। मकड़ी के लगे हुए जाले स्वयं उतारे। फिर घर की सारी गंदगी जो झाड़ू से एकत्रित की है किसी पॉलिथीन में भर कर मंदिर में रख आये।
अब पञ्चगव्य और फिटकरी और समुंद्री नमक के पानी से घर में पौछा लगवाये। और सभी नहाते समय पञ्चगव्य और फिटकरी और समुंद्री नमक अपने पानी में मिला कर नहाये। स्नान के बाद सरसों के तेल का दीपक में 21 जोड़े लौंग डाल कर प्रज्जवलित करे ओर 21 बजरंग बाण का पाठ करे।
शास्त्रोनुसार अनुसार इस उपाय के फलस्वरूप प्रथम रविवार को 70 प्रतिशत से अधिक नकारात्मक ऊर्जा घर से निकल जायेगी।।।
परिणाम को 100 प्रतिशत करने के लिए पूजा के बाद प्रथम रोटी गौ माँ की निकाले कुत्ते और पक्षी की रोटी भी निकाले और भोजन करने से पूर्व रोटी के तीन भाग तीनो को समर्पित करें।। कल्याण हो।। शुभम भवतु।।।


