- मध्य प्रदेश में चार साल में 1,054 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी, इंदौर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के जरिए लोगों को सिखाए जा रहे डिजिटल सुरक्षा के गुर
- PPFAS Mutual Fund Opens New Office in Indore
- पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड ने इंदौर में नया ऑफिस खोला
- Arjun Kapoor Birthday Special - From Vienna to London, A Look at His Most Memorable Travel Diaries
- Saree' teaser has all the makings of the next chartbuster; fans await Riteish Deshmukh's full visual on June 27
इंदौर में आई एक लाख 51 हजार से अधिक कोविड वैक्सीन
सांसद, संभागायुक्त और कलेक्टर की उपस्थिति में जिलों के लिये की गई रवाना
इंदौर. इंदौर संभाग में भी आगामी 16 जनवरी से शुरू होने वाले विश्व के सबसे बड़े कोविड वैक्सीनेशन की तैयारियां जारी है। इंदौर में कोविड वैक्सीन का इंतजार आज खत्म हो गया. आज वायुमार्ग से इंदौर और उज्जैन संभाग के लिये एक लाख 51 हजार से अधिक कोविड वैक्सीन प्राप्त हुई. इसे आज इन दोनों संभागों के जिलों के लिये रवाना कर दिया गया. यह वैक्सीन सांसद शंकर लालवानी, संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा और कलेक्टर मनीष सिंह की उपस्थिति में जिलों के लिये रवाना की गई.

आज इंदौर और उज्जैन संभाग के लिये प्रथम चरण में कुल एक लाख 51 हजार 520 कोविड वैक्सीन प्राप्त हुई। इसमें से इंदौर संभाग को 94 हजार 590 वैक्सीन मिली। उज्जैन संभाग के जिलों के लिये 56 हजार 930 वैक्सीन भेजी गई। बताया गया कि इंदौर संभाग के इंदौर जिले को सर्वाधिक 33 हजार 490 वैक्सीन मिली। इसी तरह इंदौर संभाग के आलीराजपुर जिले को 6450, बड़वानी को 8600, धार को 15740, झाबुआ को 9340, खण्डवा को 8050 तथा खरगोन जिले को 8400 वैक्सीन भेजी गई.
इलेक्शन मोड में लगाया जाएगाः संभागायुक्त
संभागायुक्त डॉ. शर्मा ने बताया कि इसे जिलों में इलेक्शन मोड में वितरित कर लगाया जाएगा. वैक्सीनेशन का कार्य निर्वाचन की तरह टीकाकरण केन्द्रों पर होगा. वैक्सीन की गुणवत्ता और कोल्ड चैन बनाये रखने के पुख्ता इंतजाम रहेंगे.
प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जाएगाः लालवानी
सांसर श्री लालवानी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े अभियान के रूप में यह टीकाकरण अभियान संचालित होगा। अभियान के तहत प्रोटोकाल का पूरा ध्यान रखा जायेगा. वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है. व्यक्ति भ्रम में नहीं आये। वैक्सीनेशन का पहला चरण 16, 18, 20 और 23 जनवरी को होगा. वैक्सीनेशन की पूरी तरह से मोनेटरिंग करने के लिए राज स्तर पर कंट्रोल रूम के साथ कमांड सेंटर बनाए गए है. वहीं जिला और ब्लॉक लेवल पर काम की निगरानी करने करने नियंत्रण कक्ष बनाए जा रहे है.


