- Vikram Solar Brings Together Indore’s Renewable Energy Players at 'PowerConnect 2026'
- विक्रम सोलर का ‘पावरकनेक्ट 2026’ में इंदौर के रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाया
- आकाशवाणी के ‘हेलो डॉक्टर’ में डॉ. ए.के. द्विवेदी ने श्रोताओं के सवालों का वैज्ञानिक तरीके से दिया समाधान
- Movies & Shows that bring the reality of hospital corridors to life
- Sidharth Malhotra On Finding Truth In The Supernatural World Of Vvaan
अब ऑडिट रिपोर्ट से सीधे निकल जाएगी डिमांड
टैक्स ऑडिट रिपोर्ट पर सेमिनार का आयोजन
इंदौर. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने हाल ही में ऑडिट रिपोर्ट में बदलाव किए है. उन बदलावों का अध्ययन करने हेतु इंदौर सीए शाखा द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई।
इंदौर सीए शाखा के चेयरमैन सीए अभय शर्मा ने बताया कि इस वर्ष टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में सरकार ने कई महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। सरकार की मंशा टैक्स ऑडिट रिपोर्ट के माध्यम से उन सभी महत्वपूर्ण व्यवहारों को जांचने तथा रिपोर्टेड ट्रांसेक्शन पर कार्य करने की है जिससे विभाग टैक्स इवेजन को पकड़ सकता है ।
इसी मंशा के अनुरूप सरकार ने इस वर्ष भी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट में कई मेजर चेंजेस किए हैं जिससे करदाता की टैक्स चोरी करने की संभावना काफी खत्म होती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट के प्रति सरकार काफी उम्मीद और विश्वास की नजर से देखती है तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट के बेस पर आने वाले समय में टैक्स असेसमेंट होंगे ऐसा विजन सरकार का दिखता है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट सरकार की उम्मीदों पर खरे उतर सके इस हेतु इस महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन इंदौर सीए शाखा द्वारा किया गया है। सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए केमिशा सोनी ने कहा कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट पर इंस्टीट्यूट के करीब करीब सभी मेमोरेंडम को सरकार ने स्वीकृत किया है। इंस्टीट्यूट सरकार के साथ टैक्स रिफॉर्मेशन के लिए २४ x ७ कार्य कर रही है।
मुख्य वक्ता नई दिल्ली से पधारे आईसीएआई के सेंट्रल काउंसिल मेंबर सीए संजय अग्रवाल ने बताया कि इस बार रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है.
1. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है कि ऑडिट रिपोर्ट में अगर कोई भी रिपोर्टिंग की गई है पर इनकम टैक्स रिटर्न में उसे दर्शाया नहीं है तो आटोमेटिक सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर से उसका इफ़ेक्ट दे दिया जाएगा और डिमांड निकल जाएगी। इस प्रक्रिया से मैन्युअल स्क्रूटिनी की छोटे केसेस में जरुरत ख़त्म हो जाएगी। वैसे भी मात्र 2 % केसेस में ही स्क्रूटिनी होती है। अब विभाग कंप्यूटर से सीए की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर १००% केसेस की प्रोसेसिंग होगी जो ज्यादा कारगर साबित होगी। इस वजह से ऑडिट रिपोर्ट का महत्त्व बहुत बढ़ गया है।
2. आयकर के अंतर्गत ऑडिट में GST से सम्बंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई है जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन प्रश्न यह है कि ईतनी जानकारी तो GST के रिटर्न में भी नहीं मांगी जाती है। इस जानकारी का सरकार डाटा एनालिटिक्स के लिए उपयोग करना चाहती है। GST में रजिस्टर्ड सप्लायर और अनरजिस्टर्ड से जो माल एवं सेवाएँ ली हैं उनकी प्रथक प्रथक जानकारी निकलकर ऑडिट रिपोर्ट में देनी पड़ेगी।
इससे जो लोग बिना GST में रजिस्टर्ड व्यापारियों से ज्यादा माल ले रहे है या उन केसेस को स्क्रूटिनी में लेकर बोगस खर्चों पर नियंत्रण लग सकेगा। हालाँकि यह जानकारी देना बहुत मुश्किल होगा और हर ऑडिट में लगने वाला समय बढ़ जाएगा। इस पॉइंट पर ऑडिटर और व्यापारिओं को सबसे ज्यादा परेशानी आ रही है।
3. अगर किसीने प्रापर्टी गाइडलाइन से कम पर खरीदी है तो उसकी जानकारी ऑडिट रिपोर्ट में देनी पड़ेगी और व्यव्हार मूल्य और बाजार मूल्य के अन्तर को रिपोर्ट करने से उनका अंतर आय में जुड़ जाएगा और उस पर डिमांड सिस्टम द्वारा रिटर्न प्रोसेसिंग के समय ही निकल जाएगी। अगर कोई इस अंतर से असंतुष्ट है तो इसके विरुद्ध अपील दाखिल कि जा सकेगी।

4. कोई भी माल या वस्तु या सेवा देने के बदले 2 लाख और उससे ज्यादा नकद प्राप्त हो तो वह ऑडिट रिपोर्ट में दर्शाना होगा। अगर किसी ने एक व्यक्ति से एक दिन में या एक बिल के सामने कभी भी 2 लाख से अधिक नकद स्वीकार किया है तो स्वीकार किए मूल्य के बराबर शास्ति लगा दी जाएगी। ऑडिट रिपोर्ट में यह जानकारी देने पर स्वतः ही सिस्टम से पेनल्टी का नोटिस आ जाएगा। इसके अलावा नकद में अगर कोई एसेट ली गई है तो उस पर घसारे कि छुट भी नहीं मिलेगी।
5. कोई कंपनी अगर अपने शेयर धारक को लोन देती है तो लोन प्राप्तकर्ता के ऑडिट रिपोर्ट में अब वह मूल्य दर्शाना होगा और धारा 2(२२)(इ) के अंतर्गत उसे उस व्यक्ति कि आय मानकर उस पर टैक्स लगा दिया जाएगा।
आडिटर को सावधानी से ऑडिट कार्य करना होगा क्यूंकि कुल 9 नए पॉइंट और 6 बदले हुए पॉइंट्स पर रिपोर्टिंग करनी पड़ेगी। कुल मिलकर सारे क्लॉज़ और सब क्लॉज़ मिलकर ऑडिट रिपोर्ट में 100 प्रश्नों के ऊपर रिपोर्टिंग करनी पड़ेगी जो कि निश्चित रुप से चैलेंजिंग टास्क होगी।
ब्रेन ट्रस्ट सेशन में श्रोताओं के प्रश्नों को उत्तर पेनलिस्ट सीए अनिल गर्ग, सीए मनोज फडनिस, सीए अशोक खासगीवाला, सीए हितेश मेहता ने दिया। इंदौर सीए शाखा के वाइस चेयरमैन सीए पंकज शाह ने श्रोताओं की और से प्रश्नों को पैनलिस्ट के समक्ष रखा।
सेमिनार का संचालन ब्रांच सचिव सीए हर्ष फिरोदा ने किया । धन्यवाद अभिभाषण सीए आनंद जैन ने दिया। इस अवसर पर सीए कीर्ति जोशी, सीए सोम सिंघल, सीए अरविंद गांधी, सीए प्रमोद तापड़िया सहित करीब ५०० चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने हिस्सा लिया।


