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एसेसमेंट सेंटर पर करदाता को खुद पेश होने की जरूरत नहीं होगी
आयकर रिटर्न की नई स्कीम ‘फेसलेस स्क्रूटनी’ विषय पर ऑनलाइन सेमिनार संपन्न
इंदौर सीए शाखा द्वारा आयकर विभाग की नई फेसलेस स्कीम विषय पर एक महत्वपूर्ण इ-सेमिनार का आयोजन किया जिसके मुख्य स्पीकर इंदौर सीए शाखा के पूर्व चेयरमेन सीए अभय शर्मा थे .
इंदौर शाखा के चैयरमेन सीए हर्ष फ़िरोदा ने कहा कि करदाताओं के लिए अच्छी खबर हैl अब स्क्रूटनी के ज्यादातर मामलों में इस नई स्कीम के कारण आयकर अधिकारी और करदाता का आमना-सामना नहीं होगा.
मुख्य वक्ता सीए अभय शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने फेसलेस स्क्रूटनी के लिए ई-एसेसमेंट स्कीम को नोटिफाई किया हैl इस स्कीम के तहत राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर ई-एसेसमेंट सेंटर बनाए जाएंगेl इन सेंटरों में मामलों का आवंटन अपने आप होगा।
एसेसमेंट सेंटर में करदाताओं के साथ बातचीत पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होगीl पहले की तरह टैक्स अधिकारी करदाता से आमने-सामने बातचीत नहीं करेंगे। सबसे खास बात है सेंटर पर करदाता को खुद पेश होने की जरूरत नहीं होगीl
सीए शर्मा ने ई-एसेसमेंट स्कीम 2019 के बारे में 10 मुख्य फायदे बताते हुए कहा कि :
- इस स्कीम के तहत अगर करदाता अपनी आय को जानबूझकर कम बताता है या नुकसान को बढ़ाचढ़ा कर दिखाता है तो धारा 143 (2) के तहत उस व्यक्ति को स्क्रूटनी का नोटिस जारी किया जाएगाl
- नोटिस मिलने के 15 दिनों के भीतर व्यक्ति को जवाब देना होगाl नोटिस को ई-फाइलिंग वेबसाइट पर करदाता के अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजा जाएगाl साथ-साथ इसे करदाता के ई-मेल आईडी पर भी भेजा जाएगाl अगर करदाता ने आयकर विभाग के मोबाइल एप पर मोबाइल नंबर रजिस्टर किया है, तो इस पर भी उसे नोटिस प्राप्त होगाl
- केवल रजिस्टर्ड अकाउंट के जरिए मिले नोटिस का ही जवाब देना होगा.
- करदाता को इनकम टैक्स अथॉरिटी, नेशनल ई-एसेसमेंट सेंटर या रीजनल ई-एसेसमेंट सेंटर या स्कीम के तहत गठित किसी यूनिट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं होगी.
- विभाग और करदाता के बीच कोई भी संवाद इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होगा. इनकम टैक्स विभाग के भीतर भी सभी इंटरनल कम्यूनिकेशन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होंगे।
- ई-एसेसमेंट स्कीम पूरी तरह से ऑटोमैटिक होगी। स्कीम के तहत नेशनल ई-एसेसमेंट सेंटर ऑटोमेटेड एलोकेशन सिस्टम के जरिए किसी भी क्षेत्रीय ई-एसेसमेंट सेंटर को स्क्रूटनी के मामले को भेज सकता है।
- अगर क्षेत्रीय एसेसमेंट सेंटर को सहायता के लिए वेरिफिकेशन यूनिट या तकनीकी मदद के लिए टेक्निकल यूनिट से संपर्क करना है तो उसे ऑटोमेटेड एलोकेशन सिस्टम से इसका अनुरोध करना होगा.
- क्षेत्रीय एसेसमेंट यूनिट को अगर करदाता से अतिरिक्त सूचना या दस्तावेज चाहिए तो इस संबंध में पहले नेशलन ई-एसेसमेंट सेंटर में अनुरोध करना होगा.
- क्षेत्रीय एसेसमेंट यूनिट ड्राफ्ट एसेसमेंट ऑर्डर को बनाकर नेशनल ई-एसेसमेंट सेंटर को भेजेगा.
- नेशनल ई-एसेसमेंट सेंटर सीबीडीटी के निर्देश के अनुसार ड्राफ्ट की समीक्षा करेगा.
फेसलेस असेसमेंट के ये हैं लाभ
-नेशनल ई-असेसमेंट योजना के तहत असेसमेंट अधिकारी और करदाताओं का मानवीय संपर्क खत्म हो जाएगा।
-बड़े स्तर (इकोनॉमी ऑफ स्केल) पर काम होने से संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा।
-करदाताओं के लिए कानून का पालन बढ़ेगा।
-पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे असेसमेंट की गुणवत्ता और मॉनीटरिंग सुधरेगी।
-एक ही एजेंसी फेसलेस असेसमेंट का काम करेगी, इससे विशेषज्ञता बढ़ेगी।
-मामले तेजी से निपटेंगे।
सीए अभय शर्मा ने कहा कि चूँकि इस नई स्किम में समस्त नोटिस, पत्राचार, लेटर्स सभी इ फॉर्म में याने इ मेल/ मोबाईल एप/ वेबसाइट पर ही आएंगे अतः करदाता के लिए यह आवश्यक है कि वो अपने मेल, इ फाइलिंग अकाउंट को बार बार चेक करे अन्यथा कोई नोटिस अन आंसर्ड रहने की सम्भावना रहेगी l
इंदौर सीए शाखा के चेयरमेंन सीए हर्ष फ़िरोदा ने स्वागत भाषण दिया. संचालन ब्रांच वाइस चेयरमेन सीए कीर्ति जोशी ने किया तथा धन्यवाद् अभिभाषण ब्रांच सचिव सीए गौरव माहेश्वरी ने दियाl


