- इंदौर पिंक पैंथर्स मध्य प्रदेश लीग (MPL) T20-2026 में चैंपियन बनने के लक्ष्य के साथ उतरने को तैयार; टीम ने अपनी सोच और तैयारियों का रोडमैप साझा किया
- द क्रश कॉफी पर अब होगा खास संडे ब्रन्च
- जल, जीवन और जमीन के संरक्षण के लिए वृक्षारोपण आवश्यक : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- Triptii Dimri Dives into Comedy with Maa Behen! A Full-Blown Comedy Caper Coming Up Next?
- The Rise of Ram Charan as Indian Cinema’s Complete Hero
प्रशिक्षु नवआरक्षकों को दिया न्यायालयीन कार्यवाही का व्यवहारिक प्रशिक्षण
पीटीसी में बुनियादी प्रशिक्षण सत्र
इंदौर. पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में संचालित हो रहे 72वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र के प्रशिक्षुओं को आज परिसर स्थित परेड ग्राउण्ड् पर न्याीयालयीन कार्यवाही का व्यंवहारिक प्रशिक्षण मूटकोर्ट के माध्यडम से प्रदान किया गया.
एसपी पीटीसी, तुषार कान्त विद्यार्थी द्वारा बताया गया कि मूटकोर्ट के मंचन में हत्या के प्रकरण के माध्यरम से प्रशिक्षुओं को न्यायालयीन कार्यवाही से अवगत कराते हुये बताया कि दी गई कि उन्हेंा प्रशिक्षण उपरांत अपने-अपने जिलों में किस प्रकार नियमानुसार एवं विधिवत कार्यवाही किया जाना है.

साथ ही एसपी विद्यार्थी ने बताया कि पीटीसी प्रदेश का एक मात्र पुलिस प्रशिक्षण संस्थायन है जिसमें मूटकोर्ट का मंचन कर प्रशिक्षुओं को न्यापयालयीन कार्यवाही से अवगत करवाया जाता है। व्यथवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के फलस्वयरूप प्रशिक्षु न्या यालयीन कार्यवाही एवं प्रक्रिया को आसानी से समझते हैं। न्यासयालयीन कार्यवाही से अवगत होने के फलस्वारूप माननीय न्या्यालय की अवमानना की स्थिति से भी बचा जा सकता है.
मूटकोर्ट का उक्त मंचन नि:संदेह ही प्रशिक्षुओं के लिये लाभकारिक सिद्ध होगा.सत्य घटना पर आधारित था मंचनमूटकोर्ट का मंचन करवाने में एडीपीओ श्रीमती कर्णिका दीक्षित एवं उनकी टीम की महत्व पूर्ण एवं उल्लेखनीय भूमिका रही. मूटकोर्ट का मंचन एक सत्य घटना पर आधारित था, जिसकी विवेचना इकाई में पदस्थय निरीक्षक रामयश तिवारी द्वारा की गई थी.
मूटकोर्ट के दौरान इकाई की अतिरिक्तप पुलिस अधीक्षक श्रीमती राजेश्वारी महोबिया, उप पुलिस सुनील कुमार तालान, उप पुलिस अधीक्षक रामेश्वहर प्रसाद चौबे, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती गीता चौहान, उप पुलिस अधीक्षक श्री ए.बी.लावरे, रक्षित निरीक्षक, निरीक्षक (इनडोर/आउटडोर) एवं इकाई के समस्ती शासकीय सेवकगण उपवस्थित रहे.


