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प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान इंदौर ए ++ ग्रेडिंग प्राप्त करने वाला मध्य प्रदेश का पहला शिक्षण संस्थान बना
इंदौर: मध्य भारत के साथ मध्य प्रदेश की अग्रणी बिज़नेस स्कूल प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च को एक बार फिर नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिएशन कौंसिल (राष्ट्रिय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद) द्वारा 4 में से 3.57 अंक देकर ए + + की रेटिंग दी गयी है। यह उपलब्धि एवं रैंकिंग प्राप्त करने वाला प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंदौर मध्य भारत एवं मध्य प्रदेश का एक मात्र प्रबंध संस्थान है। यह पहला अवसर है जब प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान इंदौर को देश की शीर्ष असेसमेंट एवं एक्रीडिएशन कौंसिल द्वारा मध्य भारत में संशोधित प्रत्यायन ढांचे के तहत ए ++ क्रेडिएशन उच्चतम ग्रेड दिया गया है।
यह ग्रेडिंग प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान को सात अलग-अलग गुणवत्ता मानकों – पाठ्यक्रम पहलू, शिक्षण अधिगम मूल्यांकन, अनुसंधान, नवाचार और विस्तार गतिविधियाँ, अवसंरचना एवं शिक्षण संसाधन, छात्र समर्थन एवं प्रगति, नेतृत्व, प्रबंधन, संस्थागत मूल्यों के संवर्धन तथा सर्वोत्तम आचरण पर उसके प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर दिया गया है। पीआईएमआर का संचयी ग्रेड प्वाइंट औसत (सीजीपीए) 4.00 में से 3.57 था जिसने इसे ए ++ ग्रेड के तहत प्राप्त करने के योग्य बनाया।
प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ डेविश जैन ने कहा कि नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिएशन कौंसिल के संशोधित प्रत्यायन ढांचे के तहत ए ++ ग्रेडिंग प्राप्त करने वाला प्रेस्टीज प्रबंध संसथान अब देश के शीर्ष 15 संस्थानों / विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बना चूका है जो कि शहर एवं प्रदेश के लिए एक गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि नए संशोधित प्रत्यायन ढांचे के तहत NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त देश के 10819 संस्थानों में से केवल 27 संस्थानों को ही ए ++ ग्रेड प्राप्त हुआ है।
पीआईएमआर की सीनियर डायरेक्टर डॉ योगेश्वरी फाटक ने कहा कि देश की शीर्ष शिक्षा की मूल्याङ्कन कौंसिल द्वारा प्रदत्त यह रेटिंग संस्थान द्वारा प्रदान किये जा रहे सर्वश्रेष्ठ शिक्षण प्रथाओं, करियर के अवसरों, बुनियादी ढांचे और अनुसंधान सुविधाओं का अनुमोदन है। उन्होंने कहा कि “ सर्वोच्च शैक्षणिक रेटिंग, प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान को प्रबंध शिक्षा के क्षेत्र में उसके निर्विवाद नेतृत्व का परिचायक है और यह सब संस्थान के सभी संकायों, कर्मचारियों, छात्रों, पूर्व छात्रों की कड़ी मेहनत के कारण संभव हो पाया है।
कोरोना महामारी के दौरान भी, महत्वाकांक्षी छात्रों, उनके माता-पिता और नियोक्ताओं के बढ़ते विश्वास के कारण पीआईएमआर ने 100% नामांकन दर्ज किए हैं। पिछले वर्षों की तरह, पीआईएमआर के छात्रों को देश और विदेश में रिक्रूटर्स से उत्साहपूर्ण स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के त्रासदी के बीच कई ब्लूचिप कंपनियों ने ऑनलाइन प्लेसमेंट के माध्यम से संस्थान के 100 से अधिक छात्रों का इस वर्ष भी चयन किया है और यह देश के शीर्ष कंपनियों का प्रेस्टीज प्रबंध संस्थान और उसके छात्रों की योग्यता के प्रति बढ़ते विश्वास का परिचायक है ।
नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिएशन कौंसिल की जटिल मूल्याङ्कन प्रक्रियाओं के बारे में बताते हुए डॉ फाटक ने कहा कि कौंसिल पीयर टीम ने इसी महीने 4-5 मार्च को संस्थान का दौरा किया तथा संशोधित प्रत्यायन ढाँचे के तहत शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान उत्पादन, शिक्षण-शिक्षण, बुनियादी ढांचे आदि के विभिन्न कठिन एवं चल्लेंजिंग पैरामीटर्स पर संस्थान द्वारा किये गए कार्यों की सराहना की। टीम ने एआईसी प्रेस्टीज इंस्पायर फाउंडेशन, इंस्टीट्यूट के इनक्यूबेशन सेंटर, अटल इनोवेशन मिशन जो स्टार्टअप्स को विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रहा है, के कार्य कलापों की भी सराहना की।
इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के साथ संस्थान का अकादमिक सहयोग, छात्र विकास गतिविधियाँ, नवीन और संवादात्मक शिक्षण, शिक्षाशास्त्र, उत्कृष्ट पाठ्यक्रम, प्रभावशाली आधारभूत संरचना और प्रबंधन प्रयोगशाला, समग्र केंद्र, साक्षरता मिशन जैसी सर्वोत्तम प्रथाएं कुछ अन्य कारक हैं जिनके कारण संस्थान को यह उपलब्धि प्राप्त हुई है।
प्रेस्टीज एजुकेशन फ़ाउंडेशन के सीओओ डॉ अनिल बाजपेयी ने इस उपलब्धि के लिए अपने सभी फैकल्टी, स्टाफ, छात्रों, अभिभावकों और पूर्व छात्रों जैसे सभी हितधारकों को धन्यवाद और बधाई दी। डॉ बाजपेयी ने इस अवसर पर बताया कि प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के इंदौर उज्जैन रोड पर 35 एकर के क्षेत्र प्रस्तावित प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी के पहले फेज का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है। यूनिवर्सिटी के आर्चीटेक्टुअल डिज़ाइन को वैश्विक पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से प्रेस्टीज विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र शुरू होने की संभावना है।
समन्वयक-आईक्यूएसी डॉ दीपक जारोलिया ने बताया कि नाक यूजीसी के तहत एक स्वायत्त संस्थान है जो कई मापदंडों पर शैक्षणिक संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। आकलन और प्रत्यायन के लिए NAAC कार्यप्रणाली बहुत हद तक दुनिया भर की गुणवत्ता आश्वासन (QA) एजेंसियों द्वारा अनुसरण की जाती है।


