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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ सीधा संवाद
भाजपा कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवि वर्ग ने केसरिया टोपी लगाकर सुना संवाद
इंदौर. गुरू अमरदास हाॅल में मैं भी चोकीदार कार्यक्रम कार्यकर्ताओं व बुद्धिजीवियों ने अतिउत्साह के साथ सुना। आपने बताया कि जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी अमरदास हाॅल में लगी विशाल स्क्रीन पर उपस्थित हुए भारत माता के जयकारे और मोदी-मोदी के नारों से हाॅल गुंज उठा। मोदीजी का यह कार्यक्रम मैं भी चोकीदार आज देश के 500 स्थानों पर लाईव हुआ।
भाजपा लोकसभा संयोजक, विधायक रमेश मेंदोला एवं नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा व कार्यक्रम प्रभारी मुकेशसिंह राजावत ने बताया कि आज इंदौर में भी बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने मैं भी चोकीदार की केसरियां टोपी पहनकर अति उत्साहपूर्वक उक्त पूरे कार्यक्रम के मोदीजी द्वारा किये गया संवाद सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सीधा संवाद के इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रांतों से आमजन के द्वारा किये गये प्रश्नों के सटिक और सरल उत्तर दिये।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर नगर अध्यक्ष श्री गोपीकृष्ण नेमा ने उपस्थित जनसमुदाय को बताया कि विरोधियों के द्वारा लगातार मोदीजी पर चोकीदार के नाम से आरोप लगाये जा रहे है। जबकि 2014 में लोकसभा चुनावों के अपने अभियान में भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्रजी मोदी ने खुद को देश का ‘‘प्रथम सेवक’’ और ‘‘चोकीदार’’ बताया था।

आपने चैकीदार शब्द को परिभाषित करते हुए कहा कि जिसके मन में चोकसी की भावना रहती है वह चोकीदार होता है। किसान अपनी फसल की चोकीदारी करता है, डाॅक्टर बिमारी की चोकीदारी करता है, सफाई कर्मी स्वच्छता की चोकीदार करता है और सैनिक देश की सीमा पर खड़े होकर देश की चोकीदारी करते है।
‘‘हर कोई जो गरीबी, भ्रष्टचार, गंदगी, आतंकवाद और अन्य सामाजिक बुराईयों’’ से लड़ रहा है, वे सभी चोकीदार है। भारत की प्रगति के लिये कडी मेहनत करने वाला हर कोई चोकीदार है। आज हर भारतीय कह रहा है ‘‘मैं भी चोकीदार’’। चोकीदार एक व्यवस्था का नाम है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान जन-गण-मन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ नेता श्री कृष्णमुरारी मोघे, संभागीय संगठन मंत्री जयपालसिंह चावड़ा, लोकसभा संयोजक, विधायक श्री रमेश मेंदोला, नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, महापौर श्रीमती मालिनी गौड, विधायक महेन्द्र हार्डिया, पूर्व विधायक जीतू जिराती, मधु वर्मा, शंकर लालवानी, मुकेशसिंह राजावत, गणेश गोयल, घनश्याम शेर, कमल वाघेला, सुमित मिश्रा, नानूराम कुमावत, हरप्रीतसिंह बक्षी, बबलू अभिषेक शर्मा, जयंत भिसे, जयदीप जैन, सोनू राठौर, डाॅ. उमाशशि शर्मा, हरिनारायण यादव, ललित पोरवाल, जेपी मूलचंदानी, अनंत पंवार, आलोक दुबे, गुलाब ठाकुर, गोलू शुक्ला, संदीप दुबे, अंजू माखीजा, वीणा शर्मा, शैलजा मिश्रा, जयश्री जातेगांकवर, गायत्री गोगडे, सविता पटेल, सविता अखण्ड, मुकेश मंगल, कमल वर्मा, जवाहर मंगवानी, पदमा भोजे, मनस्वी पाटीदार, ज्येाति पंडित, डाॅ. रानू रंजीत कौर, तुलसी प्रजापत, ज्योति तोमर, शालिनी शर्मा, रेणुका प्रताप, प्रकाश राठौर, मंजूर एहमद, राजेश सिरोडकर, रोहित चैधरी, मयुरेश पिंगले, बलराम वर्मा, मनोहर मेहता, रचना गुप्ता, ऋषिसिंह खनूजा, विनोद खंडेलवाल, अनिता व्यास, प्रशांत बिजलानी, अतुल बनवाड़ीकर, अतुल बघेरवाल, वैंक्टेश शर्मा, सरेाज तंवर, संध्या यादव सहित सभी मोर्चा, प्रकोष्ठ, विभाग प्रकल्प, मंडल कार्यसमिति एवं बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी वर्ग के आमजन उपस्थित थे।


