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गोमाता हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग
इंदौर। सदियों से भारत में गो पालन आजीविका का प्रमुख माध्यम रहा है, गो माता के दूध और गोबर के कंडो से घर का खर्चा आसानी से चलता था। आजादी के आंदोलन के साथ गोहत्या पर प्रतिबंध का आंदोलन भी चलता था। ब्रिटिश हुकूमत ने भी हमे लुटा लेकिन भारत की संस्कृति, संस्कार पर आँच नहीं आई। गो माता हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। विदेशी षड़यंत्रो ने भारत की अखंडता को तोड़ने के लिए अनेक षड़यंत्र रचे गए।
यह विचार संस्था गो सेवा भारती इंदौर महानगर एवं चैतन्य भारत के संयुक्त वार्षिक उत्सव कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे पत्रकार, लेखक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक श्री संदीप देव ने षड़यंत्रो से जुझता भारत विषय पर अपने उदबोधन में व्यक्त किये।
यह जानकारी देते हुए प्रचार प्रमुख बुरहानुददीन शकरुवाला व महामंत्री राजेंद्र असावा ने बताया की अंतरराष्ट्रिय विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के सदस्य श्री हुक़ूमचंदजी सावला ने अपने उदबोधन में कहा की भारत भूमि में विधर्मी, अधर्मी, निधर्मी षड़यंत्र रच कर जातीवाद व तुुुुष्टिकरण की राजनीति कर देेेश की अखंंडता के साथ खिलवाड़ करते हैं। सकारात्मक सोच देश भक्ती है।
महापुरुषो को भी जातीयो मे बाँटा जा रहा है जो देश के खिलाफ षड़यंत्र है। मुख्य अतिथी समाजसेवी इंद्रकुमार सेठी व दिनेश दोशी थे। अध्यक्षता महापौर श्रीमती मालिनी गौड़ ने की। विरेंद्र सिंह धाकड़, अशोक गुप्ता व कैलाशचंद्र खंडेलवाल ने बताया की सावलाजी के राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के सदस्य मनोनीत होने से कार्यक्रम मे बड़ी संख्या में उपस्थित जनो ने सावला जी को शालॅ व बुके भेंट कर बधाइ दी।
बडी़ संख्या मे गोभक्त एवं राष्ट्र भक्त उपस्थित थे चैतन्य भारत के अध्यक्ष डाॅ अभय झवेरी एवं महामंत्री विष्णु गोयल ने बताया की गरिमापूर्ण कार्यक्रम में श्रीमती सुषमा गोयल ने राष्ट्र व गोमाता भक्ती पर आधारीत गीत गाऐ। इस अवसर पर पारस जैन, निर्मलसिंह चौधरी, उपस्थित थे। संस्था परिचय उपेंद्र जैन एव विष्णु गोयल ने दिया।
अतिथी परिचय प्रदीप गोयल व बुरहानुददीन शकरूवाला ने दिया। स्वागत रामचंद्र काकाणी , दिनेश आगार प्रदीप बाहेती नितेश चौधरी मिलिंद आपोतिकर ने किया संचालन सोनम गुता ने किया। आभार प्रदीप गोयल ने माना


