- Before Munna Bhaiyya & Compounder, They Were College Bros: Abhishek Banerjee & Divyenndu’s 23-Year-Old Bond Comes Full Circle
- Can Akshay Kumar Be Deemed The Milestone Man?
- “छठी मैया के साथ जो जुड़ाव मैंने महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है”: तमन्ना भाटिया
- Tamannaah on Studying the Relevance of Chhath for Chhathi Maiya Song from The Vvaan: I spent time studying and understanding the significance of the ritual
- 15 Characters That Define Akshay Kumar’s Extraordinary Career
रचित सिंह ने खोला राज: ‘बेबी डू डाई डू’ की टीम क्यों लगी को-स्टार्स से ज़्यादा दोस्तों वाली गैंग
हर फिल्म अपने साथ कुछ ऐसी यादें छोड़ जाती है जो शूट खत्म होने के बाद भी कलाकारों के दिल में बस जाती हैं। रचित सिंह के लिए बेबी डू डाई डू सिर्फ काम नहीं था, बल्कि सेट पर बनी दोस्तियों का एक खूबसूरत सफर भी था। फिल्म में भले ही एक दमदार एन्सेम्बल कास्ट हो, लेकिन रचित के लिए असली जादू था उस यारी, हंसी मज़ाक और दिल से जुड़े रिश्तों में, जिसने इस अनुभव को यादगार बना दिया।
हुमा कुरैशी, प्रोड्यूसर साकिब सलीम, चंकी पांडे, मरुधर, सिकंदर खेर, सीमा पाहवा और कई टैलेंटेड कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए, रचित खुद को एक ऐसे माहौल में पाए जहाँ काम और मस्ती साथ साथ चलते थे। टेक के बीच की नोकझोंक, अंदरूनी जोक्स, खाने पर लंबी गप्पें और सीनियर एक्टर्स की कहानियाँ, सेट हर वक्त पॉज़िटिव वाइब्स से भरा रहता था।
अपने सेट के दिनों को याद करते हुए रचित ने कहा, “मैंने सेट पर सबके साथ बहुत मस्ती की, चाहे वो हुमा हो, साकिब, चंकी सर, मरुधर, सिकंदर, सबके साथ। बहुत मज़ा आया क्योंकि ये सब बहुत फन लोग हैं। चंकी सर तो कमाल के फनी हैं, हमेशा नए जोक्स और कहानियाँ लेकर आते थे। और उन्हें खाना बहुत पसंद है! मुझे याद है उन्होंने आते ही कहा कि उन्हें अच्छा खाना और खूब सारा खाना पसंद है। मुझे लगता है वो हुमा के शेफ से भी दोस्ती कर बैठे थे, इतना प्यार है उन्हें खाने से।
मरुधर को मैं फिल्म से पहले से जानता था, तो उसके साथ रोज़ की मस्ती और बैंटर चलता रहता था। हम हर दिन कुछ ना कुछ नया करते रहते थे। सिक्कू (सिकंदर) से मेरी मुलाकात इसी फिल्म में हुई, और उनका ह्यूमर बड़ा ड्राय है, वो जोक मारते हैं और थोड़ी देर बाद आपको समझ आता है, अरे ये तो जोक था।
कोई एक खास इंसिडेंट नहीं है, क्योंकि पूरा माहौल ही ऐसा था जैसे आप दोस्तों के साथ काम कर रहे हों। हर दिन हम हंसते थे, एक दूसरे को सपोर्ट करते थे और बस मज़े करते थे। बिल्कुल वैसा ही जैसा दोस्तों के साथ काम करने पर होता है, वही बॉन्ड हमने शेयर किया। सच में, बहुत शानदार सेट था।
और सीमा मैम के साथ मेरा एक सीन था, वो अनुभव भी कमाल का रहा। इतने सीनियर एक्टर के साथ काम करना अपने आप में सीख है। उनके साथ सीन में रहकर, उन्हें परफॉर्म करते देखना, आप बहुत कुछ सीखते हैं। वो कैसे काम करती हैं, कैसे एक्ट करती हैं, एक नए एक्टर के लिए ये सब बहुत बड़ी सीख होती है।”
रचित के लिए बेबी डू डाई डू का सबसे खास हिस्सा कोई एक पल नहीं, बल्कि पूरा सफर था, ऐसे लोगों के बीच रहना जो हर दिन अपने साथ पॉज़िटिविटी और एनर्जी लेकर आते थे। यही दोस्ती और सपोर्ट का माहौल सेट को क्रिएटिविटी और खुशी से भर देता था।
अब जब बेबी डू डाई डू 3 जुलाई को थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, तो पर्दे के पीछे बनी ये गहरी दोस्ती स्क्रीन पर भी झलकेगी और फिल्म की दुनिया को और भी रियल और एंगेजिंग बना देगी।


