- जियो स्टूडियोज़ और सिख्या एंटरटेनमेंट की फिल्म 'डोरोथी' का टाइटल आउट, TIFF प्रीमियर से पहले बड़ा सरप्राइज
- सन नियो लेकर आ रहा है 'राजनंदिनी' : बदला, प्यार और रहस्यों से भरी एक नई कहानी
- Sun Neo Announces Raajnanndini: A Powerful Story of Revenge and Love
- दिल धोखा और डिज़ायर से लेकर लॉक अप सीज़न 2 तक… आकांक्षा चमोला का धमाकेदार सफर
- 5 Reasons Akanksha Chamola Is Having Her Biggest Career Moment Yet
बुध का बुरा असर कम करना हो करें ये उपाय…
डॉ श्रद्धा सोनी
“”ऊॅ गं गणपतये नम: “”
बुधवार विध्नविनाशक श्री गणेश जी व बुध ग्रह का दिन है बुध ग्रह की शांति हेतु बुधवार को निम्न उपाय करे :
यदि कुंडली में बुध ग्रह नीच का या शत्रु ग्रहों के साथ बैठा है तो आपको मां दुर्गा की भक्ति करना चाहिए। बेटी, बहन, बुआ और साली से अच्छे संबंध रखने चाहिए।
बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए और साबूत हरे मूंग का दान करना चाहिए।
इसके अलवा नाक छिदवाना चाहिए जिससे बुध का बुरा असर जाता रहेगा। झूठ बोलते रहने से बुध अपना बुरा असर जारी रखता है इसलिए सच बोलने का अभ्यास करें।
। आज का दिन मंगलमय हो ।
बुधवार का पंचांग
15 अगस्त 2018
दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से माता लक्ष्मी जी की प्रसन्नता प्राप्त होती है ।
विक्रम संवत् 2075
शक संवत – 1940
अयन – दक्षिणायण
ऋतु – वर्षा ऋतु
मास -सावन माह
पक्ष – कृष्ण पक्ष
तिथि – पंचमी -रात्री 1:51 तक तदुपरांत षष्ठी ।
तिथि का स्वामी – पंचमी तिथि के स्वामी सर्पदेव है व षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है ।
आज नागपंचमी है कुंडली मे कालसर्प दोष दूर करने के लिए नाग देवता की पूजा करे व नाग स्रोत का पाठ करे -अनंतं वासुकि शेष पद्मनाभं च कम्बलम्।
शड्खपाल धार्तराष्ट्र तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायंकाले पठेन्नित्यं प्रातः काले विशेषतः।।
तस्मे विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयीं भवेत्।
नक्षत्र- हस्त 16:13 तक पश्चात चित्रा ।
नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- हस्त नक्षत्र के देवता भगवान सूर्यदेव है ।एवं चित्रा नक्षत्र के देवता भगवान विश्वकर्मा जी है ।
योग -साध्य – 18:46 तक ।
प्रथम करण- बव – 14:34 तक ।
द्वितीय करण -बालव रात्री 1:51 तक ।
गुलिक काल – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12:00 बजे तक ।
दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
राहुकाल दिन – 12:00 से 01:30 तक।
सूर्योदय – प्रातः 0:50
सूर्यास्त – सायं 6:45
तिथि निषेध – पंचमी को बिल्व निषेध
शुभता- पंचमी तिथि को उधार न दे वैसे सर्व शुभ कार्यो के लिए सर्वोत्तम ।
“सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः,
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःख भाग्भवेत्।


