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साई इंटरनेशनल स्कूल को केम्ब्रिज IGCSE का सहबंधन हासिल
राष्ट्रीय, जुलाई 2021 : भारत के अग्रगण्य स्कूलों में शुमार साई इंटरनेशनल स्कूल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य ‘ केम्ब्रिज प्रोग्रैम’ के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षित करने हेतु केम्ब्रिज असेसमेंट इंटरनेशनल एजुकेशन, यु.के. का सहबंधन हासिल हुआ है I साई ने यह सहबंधन/अफ़िलिएशन केम्ब्रिज के प्रारंभिक पाठ्यक्रमों —IGCSE, AS तथा A लेवल के लिए प्राप्त किया है I ऐसी व्यवस्था की गयी है कि प्राइमरी श्रेणियों में पूरी तरह से IGCSE करिकुलम का प्रचलन होगा जबकि कक्षा 5 व उच्च श्रेणियों में IGCSE या CBSE के विकल्प मौजूद होंगे I गौर तलब है कि सीबीएसई के साथ अफ़िलिएशन आगे भी जारी रहेगा I
बताते चलें कि IGCSE के विद्यार्थियों के लिये बहुत ज़ल्द एक स्वतंत्र भवन मुहैया कराया जाएगा जिसमे कुल 12 कक्षाएं होंगी I साथ ही यहाँ संगीत व विज्ञान की प्रयोगशालाएं, रोबोटिक्स लैब, इन्नोवेशन लैब, कंप्यूटर लैब, लैंगुएज लैब, आर्ट लैब, मल्टी एक्टिविटी रूम, आउट डोर साइंस पार्क, आउट डोर सपोर्ट्स एरिया, रेक्रियेशन एरिया, तथा कैफेटेरिया जैसी कई अन्य सहूलियतें भी उपलब्ध होंगी I जैसे कि कहा गया है कि साई में केम्ब्रिज का प्रारंभिक पाठ्यक्रम ही प्रचलित होगा, लिहाजा विद्यार्थियों के इन रचनात्मक सालों में कॉग्निटिव स्किल्स के पूर्ण विकास हेतु आवश्यक सारी सुविधाओं का यहाँ ख़याल रखा गया है I
इस अफ़िलिएशन पर अपनी प्रतिक्रिया रखते हुए साईं इंटरनेशनल एजूकेशन ग्रुप के सह-संस्थापक तथा चेयरपर्शन डॉ. शिल्पी साहू ने कहा, “जैसे कि हम अपने विद्यार्थियों को आगामी दिनों में वैश्विक नागरिक बनाना चाहते हैं, इसलिए यह नया ‘ केम्ब्रिज प्रोग्रैम’ अंतर्राष्ट्रीय समझ व अंतरसांस्कृतिक व्यवहार से समायोजित होगा I IGCSE के मज़बूत करिकुलम में क्योंकि हर स्तर पर जीवन कौशलों को समायोजित किया गया है, इसलिए इसका बेहतर अधिगम-परिणाम / लर्निंग आउटकम देना तय है I IGCSE विश्व में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा प्रदान करने वाली सर्वाधिक प्रचलित संस्था मानी जाती है I साई ने भी निरंतर अपने दम पर अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा-संस्थाओं के सहयोग से मौखिक कौशल, आविष्कार कौशल, समस्या-निवारण, टीमवर्क जैसे शैक्षिक कौशलों के विकास के क्षेत्र में प्रयासरत है I केम्ब्रिज सहबंधन निश्चय ही साई की शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को वैश्विक आयाम प्रदान करेगा I
सुसंतुलित तथा विश्व स्तर की मर्यादा प्राप्त IGCSE प्रोग्रैम हमारी राष्ट्रीय शिक्षा-नीति-2020 से पूरा ताल-मेल रखती है तथा स्कूली शिक्षा को अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष देने में कटिबद्ध है I क्योंकि ‘ केम्ब्रिज प्रोग्रैम’ को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है, इसलिए विदेशी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत उपयोगी है I बता दें कि ऑस्ट्रेलिया और यु.के. के विश्वविद्यालय IELTS या TOEFL के बिना भी IGCSE के विद्यार्थियों को स्वीकार करते हैं I भारत में भी सभी विश्वविद्यालय इसे मान्यता देते हैं I


