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एसडीएम समन्वयक अधिकारी के रूप में कार्य करें
कलेक्टर की अध्यक्षता में टी.एल. बैठक संपन्न
इंदौर. सभी एसडीएम समन्वयक अधिकारी के रूप में कार्य करें. वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न विभागीय गतिविधियों तथा शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करें.
कलेक्टर मनीष सिंह ने यह निर्देश आज यहां टी.एल. की बैठक में दिये. उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिये कि वे स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में ग्रामीण क्षेत्रों में इंदौर शहर का मॉडल अपनाएं। उन्होंने कचरा प्रबंधन, कचरा संग्रहण और कचरा निपटान व्यवस्था के लिये ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिये. बैठक में अपर कलेक्टर पवन जैन, डॉ. अभय बेडेकर, अजय देव शर्मा, आर.एस. मण्डलोई तथा राजेश राठौर, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वंदना शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन सहित समयावधि के पत्रों के निराकरण की समीक्षा की.
बैठक में कलेक्टर सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का सघन भ्रमण करें. योजनाओं और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की मौके पर जाकर मॉनिटरिंग करें. ग्रामीणों से सीधा संवाद रखें. उनकी समस्याओं को सुने और उनका निराकरण करें. सभी एसडीएम को उन्होंने निर्देश दिये कि वे समन्वयक अधिकारी के रूप में कार्य करते हुये अन्य विभागों की विभागीय गतिविधियों की मॉनिटरिंग भी करें.
पराली जाने वालों पर हो कार्रवाई
कलेक्टर ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गांवों में मुक्तिधाम हो. पटवारियों से सर्वे कराया जाए कि किन गांवों में मुक्तिधाम नहीं है. ऐसे गांवों की सूची बनाकर मुक्तिधाम बनाने की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाए. कलेक्टर ने निर्देश दिये कि जिले में पराली/नरवाई जलाने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जाए. इसके लिये अर्थदण्ड किया जाए. उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध भी कार्यवाही की जाएगी.


