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शिप्रा-जयजयवन्ती नदी पुनर्जीवन अभियान पर शीघ्र ही फिल्म बनाऊगा: डालटन
इंदौर. मुंबई से झारखण्ड 2000 कीमी की पैदल यात्रा कर रहे 40 वर्षीय श्री राम डाल्टन अपने इन्दौर प्रवास के दूसरे दिन शिप्रा- जयजयवन्ती नदी उदगम शेत्र के ग्राम काजीपलसिया पहुंचे. उन्होंने संस्था श्री सद्गुरु ग्रामीण विकास अनुसंधान परिषद के कार्यो को देखा और जयजयवन्ती नदी किनारे पौधें भी लगाये.
उन्होंने इस अवसर पर कहा जल, जंगल, जमीन भारत के प्रत्येक नागरिक का अधिकार है. हमारा संविधान भी इसकी पुष्टि करता है, पर कुछ समय से विकास की दौड़ में हम अन्धे हो गये है. सीमेन्ट कॉन्क्रिट के धन्धे में हम इसे मिटा रहे है. अधिकार हमसे छिना जा रहा है. इस क्षेत्र में डॉ. विकास चौधरी एवं इनके सहयोगियों, इनकी संस्था द्वारा जो किसानों के साथ मिलकर जो नदी पुनर्जीवन का कार्य कर रहे है वह बहुत अच्छा है. हमारी नदियों को बचाना बहुत जरुरी है.
डाल्टन ने शिप्रा नदी के 13 किमी सीमांकन, प्रवाहमान बनाये जाने एवं किसानों द्वारा बड़ी संख्या में तालाबों के निर्माण, हरियाली चुनरी अभियान, पर शीघ्र ही एक फिल्म बनाने की बात कही. उन्होंने डॉ. विकास चौधरी द्वारा जयजयवन्ती नदी को मॉडल नदी बनाये जाने के प्लान को भी देखा और समझा. इस नदी पर जनसहभागिता से किये गये गहरीकरण, समृद्धिकरण एवं नदी किनारे वृहद पौधारोपण के हरियाली चुनरी एवं ग्रीन सन्डे अभियान की सराहना की.
उन्होंने हाजी अब्दुल हबीब साहब द्वारा विगत 3 वर्षों से किये जा रहे फलदार पौधारोपण को देखकर कहा इससे किसान समृद्ध होगा.
पुनर्जीवन अभियान को समझा
डाल्टन ने संस्था द्वारा 15 वर्षों से चलाये जा रहे शिप्रा-जयजयवन्ती पुनर्जीवन अभियान को अद्भुत एवं अनोखा अभियान बताते हुये नदी के लिये संघर्ष कर रहे सभी लोगों को सुना. इस अवसर पर श्री राम डाल्टन ओर उनकी टीम का स्वागत काजी पलासिया के वर्तमान सरपंच उमेश जी, उपसरपंच विजय नेमावत, आबिद कुरैशी, गोवर्धन प्रजापत, रशीद कुरैशी, शुभम चौहान ने किया. हाजी अब्दुल हबीब ने पर्यावरण प्रकृति पर स्वरचित कविता और गीत सुनाये. डॉ विकास चौधरी ने उपहार भेट कर पदयात्रा को बिदा किया.


