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आयुष के विकास, शोध और चिकित्सा का वैश्विक मंच बनेगा सिलीगुड़ी
2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन: जटिल व असाध्य रोगों के सामूहिक समाधान पर मंथन
आयुष महाकुंभ में मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता होंगे डॉ. ए.के. द्विवेदी
11 जनवरी को आयोजित होगा 7वाँ ग्लोबल आयुष समिट एवं अवॉर्ड समारोह
इंदौर | वर्ष 2026 की शुरुआत आयुष जगत के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी पहल के साथ होने जा रही है। संजीवनी वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा 11 जनवरी 2026 को सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में आयोजित 7वाँ ग्लोबल आयुष समिट एवं अवॉर्ड समारोह आयुष के विकास, शोध एवं समन्वित चिकित्सा को वैश्विक मंच प्रदान करेगा।
इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय समिट में इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं समाजसेवी डॉ. ए.के. द्विवेदी को मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर डॉ. द्विवेदी वर्ष 2026 का अपना पहला राष्ट्रीय व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
डॉ. द्विवेदी को यह सम्मान उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, दीर्घकालीन क्लिनिकल अनुभव तथा विशेष रूप से एप्लास्टिक एनीमिया एवं बोन मैरो विकारों के क्षेत्र में किए गए उनके अग्रणी, मानवीय एवं शोध-आधारित योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
समिट में डॉ. द्विवेदी “एप्लास्टिक एनीमिया के नैदानिक परिणाम: केस-सीरीज आधारित होम्योपैथिक दृष्टिकोण”
विषय पर अपना मुख्य व्याख्यान देंगे। वे अपने संबोधन में वर्षों के उपचार अनुभव, वैज्ञानिक शोध-निष्कर्ष एवं व्यावहारिक चिकित्सकीय परिणामों को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से साझा करेंगे, जो आयुष चिकित्सा जगत के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. ए.के. द्विवेदी वर्तमान में सीसीआरएच (आयुष मंत्रालय, भारत सरकार) के सदस्य, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर की कार्य परिषद के सदस्य, तथा एसकेआरपी गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में फिजियोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष हैं। साथ ही वे एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में एनीमिया जागरूकता, जनस्वास्थ्य संवर्धन एवं असाध्य रोगों के क्षेत्र में वर्षों से निरंतर कार्यरत हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि डॉ. द्विवेदी वर्तमान समय में देशभर में चिकित्सा शिक्षकों को शिक्षित एवं प्रशिक्षित करने का सराहनीय कार्य भी कर रहे हैं, जिससे होम्योपैथी एवं आयुष चिकित्सा की गुणवत्ता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध-संस्कृति को नई दिशा मिल रही है।
संजीवनी वेलफेयर फाउंडेशन के अनुसार, यह आयुष महाकुंभ भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों—विशेषकर होम्योपैथी, आयुर्वेद एवं योग—के सशक्तिकरण, वैश्विक स्वीकार्यता एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा की दिशा में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल सिद्ध होगा


